प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, नए चुनाव की मांग
नई दिल्ली: पूर्व चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणामों को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर की है। पार्टी ने चुनाव के दौरान कथित अवैध प्रक्रियाओं और आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए राज्य में नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की है।
याचिका में मुख्य रूप से बिहार सरकार द्वारा मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत आचार संहिता लागू होने के दौरान महिला मतदाताओं के खातों में 10,000 रुपये प्रत्येक का सीधा हस्तांतरण किया जाना बताया गया है। जन सुराज पार्टी का दावा है कि यह कदम मतदाताओं को प्रभावित करने का भ्रष्ट आचरण था और इससे चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित हुई। पार्टी ने अनुमान लगाया है कि लगभग 25-35 लाख महिलाओं को इस योजना के तहत लाभ दिया गया।याचिका में सुप्रीम कोर्ट से मांग की गई है कि चुनाव आयोग को संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए चुनाव परिणामों को रद्द करने और नए, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराने का निर्देश दिया जाए। साथ ही, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123 (भ्रष्ट आचरण) के उल्लंघन पर कार्रवाई की मांग की गई है।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ इस याचिका पर शुक्रवार (6 फरवरी 2026) को सुनवाई करेगी।बता दें कि 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में NDA ने 202 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया था, जबकि महागठबंधन को 35 सीटें मिलीं। जन सुराज पार्टी ने 242 सीटों पर चुनाव लड़ा लेकिन एक भी सीट नहीं जीत सकी और अधिकांश उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई।यह याचिका चुनाव परिणामों के बाद उठाए गए सबसे बड़े कानूनी कदमों में से एक है, जिसमें पार्टी ने चुनाव प्रक्रिया की वैधता पर सवाल उठाए हैं।