प्रधानमंत्री का आंध्र और ओडिशा दौरा: दो लाख करोड़ की सौगात से माधव गाडगिल के निधन तक, आज की बड़ी खबरें
नई दिल्ली/विशाखापत्तनम: देश की राजनीति, विकास और पर्यावरण जगत के लिए आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है। एक ओर जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दक्षिण और पूर्वी भारत के दो प्रमुख राज्यों, आंध्र प्रदेश और ओडिशा के दो दिवसीय दौरे पर रवाना हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर देश ने अपने एक महान पर्यावरण संरक्षक को खो दिया है। इसके साथ ही, राजधानी दिल्ली में चुनावी सुधारों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारियां तेज हो गई हैं, तो असम में कांग्रेस ने अनुशासनहीनता के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है।
पीएम मोदी का मिशन दक्षिण: विशाखापत्तनम में विकास का महाकुंभ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से अपने दो दिवसीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा दौरे की शुरुआत कर रहे हैं। इस दौरे का मुख्य आकर्षण आंध्र प्रदेश का विशाखापत्तनम है, जहां प्रधानमंत्री दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की विशाल विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। यह निवेश मुख्य रूप से ‘हरित ऊर्जा’ (Green Energy) और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में किया जा रहा है, जो भारत के नेट-जीरो लक्ष्यों की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
विशाखापत्तनम में इन परियोजनाओं के लोकार्पण के बाद प्रधानमंत्री एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे, जहां वे केंद्र सरकार की उपलब्धियों और आंध्र प्रदेश के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को रेखांकित करेंगे। इसके पश्चात, प्रधानमंत्री ओडिशा के लिए रवाना होंगे, जहां वे आगामी चुनाव और विकास कार्यों के मद्देनजर कई संगठनात्मक और सरकारी कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
पर्यावरण जगत को अपूरणीय क्षति: वरिष्ठ पर्यावरणविद् माधव गाडगिल का निधन
देश के प्रतिष्ठित पारिस्थितिकी विज्ञानी और पर्यावरण संरक्षण की बुलंद आवाज, माधव गाडगिल का बुधवार रात पुणे में निधन हो गया। 83 वर्षीय गाडगिल पिछले कुछ समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे। उनके निधन की पुष्टि उनके पुत्र सिद्धार्थ गाडगिल ने की। माधव गाडगिल को विशेष रूप से ‘पश्चिमी घाट’ (Western Ghats) के संरक्षण के लिए उनकी दूरदर्शी रिपोर्ट के लिए जाना जाता है, जिसे ‘गाडगिल रिपोर्ट’ के नाम से पहचाना जाता है।
उन्होंने हमेशा इस बात पर जोर दिया कि विकास की अंधी दौड़ में प्रकृति की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। पद्म भूषण और पद्म श्री से सम्मानित गाडगिल का अंतिम संस्कार आज पुणे में किया जाएगा। उनके निधन पर पर्यावरणविदों और राजनेताओं ने शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि भारत ने एक ऐसा वैज्ञानिक खो दिया है जिसने जमीन से जुड़कर प्रकृति और मनुष्य के संबंधों की व्याख्या की थी।
चुनावी प्रबंधन पर अंतरराष्ट्रीय मंथन: चुनाव आयोग की महत्वपूर्ण बैठक
आगामी 21 से 23 जनवरी तक नई दिल्ली के ‘भारत मंडपम’ में होने वाले ‘इंडिया इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट’ (IICDEM) की तैयारियां जोरों पर हैं। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन से पहले चुनाव आयोग ने गुरुवार को सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य उन 36 विषयगत समूहों (Thematic Groups) की कार्ययोजना पर चर्चा करना था, जिनका नेतृत्व राज्य स्तर के अधिकारी करेंगे। इस सम्मेलन में दुनिया भर के लगभग 100 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि शामिल होंगे, जो चुनावी निष्पक्षता, नई तकनीक के इस्तेमाल और वैश्विक मानकों पर अपने विचार साझा करेंगे। चुनाव आयोग का लक्ष्य इस सम्मेलन के जरिए भारतीय चुनाव प्रणाली की सफलता को विश्व पटल पर प्रदर्शित करना और अन्य लोकतांत्रिक देशों के साथ बेहतरीन अनुभवों का आदान-प्रदान करना है।
असम कांग्रेस की बड़ी कार्रवाई: संयुक्त सचिव शहनवाज अहमद निष्कासित
असम में कांग्रेस पार्टी ने अपने संगठन के भीतर अनुशासन बनाए रखने के लिए एक कड़ा फैसला लिया है। पार्टी ने अपने संयुक्त सचिव शहनवाज अहमद को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है। शहनवाज पर आरोप है कि उन्होंने पार्टी अनुशासन का घोर उल्लंघन किया और एक हिंसक घटना को अंजाम दिया।
आरोपों के मुताबिक, शहनवाज अहमद ने पार्टी के ही एक अन्य वरिष्ठ नेता पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला किया था, जिससे न केवल राजनीतिक तनाव फैला बल्कि पार्टी की सार्वजनिक छवि को भी गहरा धक्का लगा। कांग्रेस नेतृत्व ने इस कृत्य को अक्षम्य मानते हुए तत्काल प्रभाव से उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया है। पार्टी की ओर से जारी बयान में स्पष्ट किया गया है कि हिंसा और अनुशासनहीनता के लिए संगठन में कोई स्थान नहीं है।