• June 28, 2026

मुंबई की पल्लवी पाटिल बनीं पहली महिला फायर इंजन ड्राइवर, रचा इतिहास

मुंबई की 29 वर्षीय पल्लवी पाटिल ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए मुंबई फायर ब्रिगेड की पहली सक्रिय महिला फायर इंजन ड्राइवर बनने का गौरव प्राप्त किया है। उनकी इस उपलब्धि की देशभर में सराहना हो रही है और इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पल्लवी का फायर ब्रिगेड से जुड़ाव बचपन से ही रहा। उनके भाई पहले से फायरफाइटर हैं और वह अक्सर उनके साथ प्रशिक्षण सत्रों में जाया करती थीं। उनके पिता की इच्छा थी कि दोनों भाई-बहन इस सेवा का हिस्सा बनें। जब महिलाओं के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई तो पल्लवी ने आवेदन किया और कड़ी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद वर्ष 2017 में मुंबई फायर ब्रिगेड में फायरफाइटर के रूप में शामिल हो गईं। करीब आठ वर्षों तक फायरफाइटर के रूप में सेवाएं देने के बाद उन्होंने फायर इंजन चलाने की विशेष ट्रेनिंग ली। विभागीय परीक्षा सफलतापूर्वक पास करने के बाद वह मुंबई फायर ब्रिगेड की पहली महिला फायर इंजन ड्राइवर बन गईं। नई जिम्मेदारी संभालने के बाद पल्लवी अब तक तीन अग्निकांडों में अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच चुकी हैं। वह सिर्फ दमकल वाहन चलाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि घटनास्थल पर पानी के दबाव (वॉटर प्रेशर) को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी भी निभाती हैं, जिससे आग बुझाने का अभियान अधिक प्रभावी ढंग से चलाया जा सके। मुंबई की व्यस्त और संकरी सड़कों पर फायर इंजन चलाना उनके लिए चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन वह इसे पूरी जिम्मेदारी के साथ निभा रही हैं। पल्लवी छह वर्षीय बेटे की मां हैं। उनके पति भी फायर इंजन ड्राइवर हैं। दोनों अपने ड्यूटी शेड्यूल को इस तरह समायोजित करते हैं कि उनके बेटे की देखभाल प्रभावित न हो। पल्लवी का कहना है कि यूनिफॉर्म पहनने के बाद उनकी पहली प्राथमिकता लोगों की जान बचाना होती है। सोशल मीडिया पर पल्लवी की उपलब्धि को लेकर लोगों ने उनकी जमकर सराहना की है। एक यूजर ने लिखा, “Paving the way for generations”, जबकि दूसरे ने “नारी शक्ति को नमन” कहा। कई लोगों ने इसे प्रेरणादायक उपलब्धि बताते हुए कहा कि समर्पण, मेहनत और अवसर मिलकर नई मिसाल कायम कर सकते हैं।

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