‘ऑपरेशन ब्लू स्टार गलत कदम’: चिदंबरम का इंदिरा पर बयान, कांग्रेस में बवाल
कसौली, 12 अक्टूबर 2025: पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने ऑपरेशन ब्लू स्टार को ‘गलत तरीका’ बताते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने इसकी कीमत अपनी जान देकर चुकाई। खुशवंत सिंह लिटरेचर फेस्टिवल में दिए बयान ने कांग्रेस में हलचल मचा दी है। चिदंबरम ने इसे सेना, पुलिस, खुफिया और सिविल सेवाओं का सामूहिक फैसला बताया, लेकिन पार्टी नेतृत्व नाराज है। उन्होंने पंजाब की समस्या को आर्थिक बताया। क्या यह बयान 1984 के दर्द को फिर उजागर करेगा? आइए, इस विवादास्पद बयान की पूरी कहानी जानते हैं।
चिदंबरम का विवादास्पद बयान: ‘गलत तरीका, इंदिरा ने जान दी‘
हिमाचल प्रदेश के कसौली में खुशवंत सिंह लिटरेचर फेस्टिवल 2025 के दौरान चिदंबरम ने पत्रकार हरिंदर बावेजा की किताब ‘They Will Shoot You, Madam: My Life Through Conflict’ पर चर्चा के बीच बयान दिया। उन्होंने कहा, “सभी आतंकवादियों को वहां से निकालने और पकड़ने का कोई और तरीका हो सकता था। लेकिन ऑपरेशन ब्लू स्टार गलत तरीका था। मैं मानता हूं कि श्रीमती (इंदिरा) गांधी को उस गलती की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।” चिदंबरम ने जोर दिया कि इसमें किसी सैन्य अधिकारी का अनादर नहीं है, लेकिन स्वर्ण मंदिर को सेना से दूर रखना चाहिए था। उन्होंने 1988 के ऑपरेशन ब्लैक थंडर का उदाहरण दिया, जहां पंजाब पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स ने सेना के बिना सफलता हासिल की। यह बयान 1984 के दर्दनाक अध्याय को फिर खोलता है।
सामूहिक फैसला, इंदिरा पर अकेला दोष न डालें: चिदंबरम की सफाई
चिदंबरम ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन ब्लू स्टार सेना, पुलिस, खुफिया विभाग और सिविल सेवाओं का मिला-जुला फैसला था। “आप केवल श्रीमती गांधी को ही दोष नहीं दे सकते,” उन्होंने कहा। जून 1984 में इंदिरा गांधी के आदेश पर भारतीय सेना ने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर परिसर में छापा मारा था, जहां जरनैल सिंह भिंडरांवाले और उसके समर्थकों ने हथियार जमा रखे थे। ऑपरेशन में सैकड़ों लोग मारे गए, और 31 अक्टूबर 1984 को इंदिरा की हत्या के बाद सिख विरोधी दंगे भड़क उठे। चिदंबरम ने भिंडरांवाले को इंदिरा द्वारा ‘बनाए जाने’ के आरोप को खारिज किया, कहा कि यह सही नहीं है। उन्होंने पंजाब की ‘असली समस्या’ को आर्थिक बताया, जहां खालिस्तान का नारा लगभग खत्म हो चुका है।
कांग्रेस में नाराजगी: पार्टी लीडरशिप नाखुश, ‘व्यक्तिगत राय’ का बहाना
चिदंबरम का बयान कांग्रेस नेतृत्व को नागवार गुजरा। महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख हर्षवर्धन सपकल ने कहा, “यह चिदंबरम की व्यक्तिगत राय है।” पार्टी सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ नेता सार्वजनिक बयानों से पार्टी को असहज करने से बचें। चिदंबरम पहले 26/11 पर बयान से विवाद में फंसे थे, जहां उन्होंने सैन्य जवाबी कार्रवाई के पक्ष में अपनी राय दी थी। PM मोदी ने नवंबर 2025 में चिदंबरम के पुराने बयान का हवाला देकर कांग्रेस पर हमला बोला था। यह बयान सिख समुदाय और पंजाब चुनावों से पहले पार्टी के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है। चिदंबरम ने कहा कि पंजाब की यात्राओं से उन्हें आर्थिक संकट की पुष्टि हुई, जहां अवैध प्रवासियों में पंजाबी सबसे ज्यादा हैं।