ओडिशा के सोनपुर कॉलेज में प्रथम सेमेस्टर रिजल्ट में बड़ी गड़बड़ी: 100 अंकों के पेपर में 102-105 तक नंबर, इंटरनल मार्क्स घटाए गए; छात्र भड़के, एग्जाम कंट्रोलर ने कहा ‘नॉनसेंस स्टूडेंट्स’
सोनपुर (ओडिशा): राजेंद्र विश्वविद्यालय (बलांगीर) से संबद्ध सोनपुर कॉलेज के प्रथम सेमेस्टर परीक्षा परिणाम में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं, जिससे छात्रों में आक्रोश है। हाल ही में जारी रिजल्ट में कई छात्रों को 100 अंकों की थ्योरी परीक्षा में 102, 101 या 105 तक अंक दिखाए गए हैं, जबकि कुछ के इंटरनल असेसमेंट मार्क्स बिना किसी सूचना के काफी कम कर दिए गए हैं। छात्रों का आरोप है कि यह सिस्टम फेलियर या टाइपिंग एरर नहीं, बल्कि बड़ी लापरवाही है, जो उनके भविष्य पर असर डाल सकती है।
छात्रों की शिकायतें और उदाहरणछात्र सुमंत जगदाला ने बताया,
“कई पेपर में कुल अंकों से ज्यादा मार्क्स दिख रहे हैं। किसी को 100 में 102 या 105 अंक मिले हैं, तो किसी के इंटरनल मार्क्स 40 से घटाकर 18 कर दिए गए। यह समझ से परे है कि ऐसा कैसे संभव है?”
एक अन्य छात्रा स्मिता रानी होता ने अपनी मार्कशीट साझा करते हुए कहा कि उन्होंने 100 अंकों की ऑनर्स परीक्षा दी थी, लेकिन रिजल्ट में 101 अंक दिखाए गए। उनका इंटरनल असेसमेंट 40 था, जो रिजल्ट में 35 दर्ज हो गया। उन्होंने सवाल उठाया, “बिना किसी पूर्व सूचना के अंक कैसे बढ़ या घट सकते हैं?”खासकर हिस्ट्री ऑनर्स के छात्र ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं। छात्रों का कहना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो उनके करियर और आगे की पढ़ाई पर गहरा असर पड़ेगा।
एग्जाम कंट्रोलर का विवादास्पद बयानछात्र शुभम प्रसाद मिश्रा ने आरोप लगाया कि जब वे शिकायत लेकर विश्वविद्यालय अधिकारियों के पास पहुंचे, तो संतोषजनक जवाब नहीं मिला। एग्जाम कंट्रोलर कॉलेज आए थे, लेकिन उन्होंने छात्रों के सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया और कथित रूप से छात्रों को ‘नॉनसेंस स्टूडेंट्स’ कहा। छात्रों का दावा है कि उन्हें धमकाया भी गया।
प्रिंसिपल ने त्रुटि स्वीकारी, 15 दिनों में सुधार का वादाकॉलेज के प्रिंसिपल राधाकांत नायक ने मामले की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर जांच की गई और प्रभावित छात्रों से रोल नंबर लिए गए। संयोग से उस समय डिप्टी कंट्रोलर भी कॉलेज में मौजूद थे। छात्रों ने उनसे बात की, जिस पर उन्होंने 15 दिनों के भीतर सभी त्रुटियों को ठीक करने का आश्वासन दिया है।
प्रिंसिपल के अनुसार, अधिकतर गड़बड़ियां इंटरनल मार्क्स की टाइपिंग से जुड़ी लगती हैं। विश्वविद्यालय द्वारा पोर्टल दोबारा खुलने पर इन्हें सुधारा जाएगा। कॉलेज प्रशासन ने विश्वविद्यालय को पूरे मामले से अवगत करा दिया है और जल्द सुधार की प्रक्रिया पूरी करने का दावा किया है।
छात्रों की मांगछात्रों ने कॉलेज और विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि नियमों के अनुसार जल्द से जल्द सभी त्रुटियों को ठीक किया जाए और भविष्य में ऐसी गलतियां न हों। वे परीक्षा प्रणाली में तकनीकी खामियों को दूर करने की भी मांग कर रहे हैं।
यह घटना ओडिशा के उच्च शिक्षा क्षेत्र में परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर रही है। फिलहाल छात्र इंतजार कर रहे हैं कि 15 दिनों के वादे के अनुसार सुधार कब तक होग