• February 13, 2026

जाह्नवी कंदुला के परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़: 243 करोड़ रुपये के मुआवजे के ऐलान से दो दिन पहले पिता ने दुनिया को कहा अलविदा

कुरनूल/वॉशिंगटन: नियति की क्रूरता का इससे भयावह उदाहरण शायद ही कोई दूसरा हो सकता है। अमेरिका के सिएटल में पुलिस वाहन की टक्कर से जान गंवाने वाली भारतीय छात्रा जाह्नवी कंदुला के परिवार पर दुखों का एक और पहाड़ टूट पड़ा है। जिस समय पूरा परिवार जाह्नवी की मौत के बदले मिलने वाले न्याय और भारी-भरकम मुआवजे की खबर का इंतजार कर रहा था, ठीक उसी समय जाह्नवी के पिता का निधन हो गया। लगभग 29 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 243 करोड़ रुपये) के ऐतिहासिक मुआवजे के समझौते की आधिकारिक घोषणा होने से मात्र दो दिन पहले उनके पिता कंदुला श्रीकांत ने अंतिम सांस ली। एक पिता जो पिछले तीन वर्षों से अपनी बेटी की असमय मौत के सदमे से जूझ रहा था, वह अंततः न्याय की इस अंतिम परिणति को देखने से पहले ही इस संसार से विदा हो गया।

आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले से आई जानकारी के अनुसार, सेवानिवृत्त पुलिस कांस्टेबल कंदुला श्रीकांत का 10 फरवरी को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। जाह्नवी के एक रिश्तेदार ने समाचार एजेंसी को बताया कि श्रीकांत अपनी बेटी की मौत के बाद से ही गहरे मानसिक तनाव और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। उन्होंने बुधवार को अडोनी में अपने पैतृक स्थान पर अंतिम सांस ली और उसी दिन उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। यह विडंबना ही है कि जिस दिन पिता का अंतिम संस्कार किया जा रहा था, उसके अगले ही दिन अमेरिकी प्रशासन की ओर से उस मुआवजे की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाना था, जिसके लिए जाह्नवी के माता-पिता और शुभचिंतकों ने लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी थी।

जाह्नवी कंदुला की मौत का मामला केवल एक दुर्घटना नहीं थी, बल्कि इसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकारों और पुलिस की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। 23 जनवरी 2023 की वह शाम आज भी कई लोगों के जेहन में ताजा है जब 23 वर्षीय जाह्नवी सिएटल में सड़क पार कर रही थी। उसी समय सिएटल पुलिस के एक अधिकारी केविन डवे ने अपनी सर्विस कार से उसे जोरदार टक्कर मारी थी। अधिकारी उस समय एक आपातकालीन कॉल का जवाब देने के लिए जा रहा था और उसकी कार की रफ्तार निर्धारित सीमा से कहीं अधिक थी। जाह्नवी नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी के सिएटल कैंपस में सूचना प्रणाली (Information Systems) में मास्टर डिग्री की छात्रा थीं और अपने भविष्य को लेकर बड़े सपने देख रही थीं।

इस मामले ने तब और भी तूल पकड़ा था जब दुर्घटना के बाद सिएटल पुलिस के एक अन्य अधिकारी डैनियल ऑडरर का बॉडीकैम फुटेज सार्वजनिक हुआ था। उस फुटेज में अधिकारी को जाह्नवी की मौत पर हंसते और भद्दे कमेंट्स करते सुना गया था। अधिकारी ने जाह्नवी की उम्र और उसके ‘मूल्य’ को लेकर बेहद असंवेदनशील टिप्पणी की थी, जिसके बाद भारत और अमेरिका सहित पूरी दुनिया में आक्रोश की लहर दौड़ गई थी। भारत सरकार ने भी इस मुद्दे को शीर्ष राजनयिक स्तर पर उठाया था और न्याय की मांग की थी।

लंबे समय तक चले कानूनी संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद, सिएटल प्रशासन जाह्नवी के परिवार को 29 मिलियन डॉलर का मुआवजा देने पर सहमत हुआ था। यह राशि किसी भी दुर्घटना मामले में दिए जाने वाले सबसे बड़े मुआजों में से एक मानी जा रही थी। हालांकि, परिवार के लिए यह राशि कभी भी उनकी इकलौती बेटी की कमी को पूरा नहीं कर सकती थी। अब पिता कंदुला श्रीकांत के निधन ने इस त्रासदी को और भी गहरा कर दिया है। परिवार के सदस्यों का कहना है कि इस शोक की घड़ी में मुआवजे की राशि के बारे में बात करना न केवल अनुचित है, बल्कि यह उनके जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है।

जाह्नवी की मां, जो एक शिक्षिका हैं, अब अपने जीवन के दो सबसे महत्वपूर्ण स्तंभों को खो चुकी हैं। पहले उनकी होनहार बेटी जो विदेश में भारत का नाम रोशन करने गई थी, और अब उनके जीवनसाथी जो इस दुख को सहने की शक्ति जुटा रहे थे। जाह्नवी के रिश्तेदारों के अनुसार, कंदुला श्रीकांत अक्सर जाह्नवी की तस्वीरों को देखकर भावुक हो जाते थे और उनके दिल पर इस घटना का गहरा असर हुआ था। सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी होने के नाते उन्हें न्याय व्यवस्था पर अटूट विश्वास था, लेकिन बेटी की मौत के बाद अधिकारियों की असंवेदनशीलता ने उन्हें भीतर से तोड़ दिया था।

यह घटना उन सभी परिवारों के लिए एक कड़वा सबक और चेतावनी है जिनके बच्चे विदेशों में उच्च शिक्षा के लिए जाते हैं। साथ ही, यह विदेशी भूमि पर भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और वहां के स्थानीय प्रशासन के रवैये को लेकर भी एक बड़ा सवालिया निशान है। सिएटल प्रशासन ने मुआवजे की घोषणा तो कर दी है, लेकिन कंदुला परिवार के लिए यह न्याय बहुत देर से और बहुत भारी कीमत पर आया है। आज पूरा कुरनूल जिला और जाह्नवी के सहपाठी इस दोहरी क्षति पर शोक व्यक्त कर रहे हैं।

Digiqole Ad

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *