लाल किला कार बम हमले में जैश-ए-मोहम्मद का लिंक: UN सिक्योरिटी काउंसिल की 37वीं रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, पाकिस्तान स्थित संगठन पर सीमा पार आतंकवाद के आरोप
- यूएन की Analytical Support and Sanctions Monitoring Team ने पुष्टि की कि एक सदस्य देश ने जानकारी दी है कि जैश-ए-मोहम्मद ने लाल किला धमाके की जिम्मेदारी ली है।
- रिपोर्ट ने सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे पर फिर से गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
- जैश प्रमुख मसूद अजहर ने 8 अक्टूबर 2025 को महिलाओं की अलग विंग बनाने का ऐलान किया था। इस विंग का नाम जमात-उल-मुमिनात रखा गया है। यह विंग अभी यूएन की आतंकी सूची में शामिल नहीं है, लेकिन इसे आतंकी गतिविधियों को समर्थन देने का आरोप लगता है।
जैश की सक्रियता पर सदस्य देशों में मतभेदरिपोर्ट में सदस्य देशों के बीच जैश-ए-मोहम्मद की स्थिति को लेकर अलग-अलग दावे दर्ज किए गए हैं:
- एक देश का कहना है कि जैश अब भी पूरी तरह सक्रिय है।
- दूसरे देश ने दावा किया कि संगठन अब निष्क्रिय हो चुका है।
पाकिस्तान बार-बार कहता रहा है कि जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा पर प्रतिबंध लगाने के बाद ये संगठन सक्रिय नहीं हैं।अन्य प्रमुख आतंकी घटनाओं का जिक्ररिपोर्ट में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में अप्रैल 2025 में हुए हमले का भी उल्लेख है, जिसमें 26 नागरिकों की मौत हुई थी। इस हमले की जिम्मेदारी द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली थी, जिसे लश्कर-ए-तैयबा का प्रॉक्सी माना जाता है।
- 28 जुलाई 2025 को तीन संदिग्ध आतंकियों को मार गिराया गया था।
- मई 2025 में भारत ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी।
लाल किला हमले का विवरण10 नवंबर 2025 को नई दिल्ली में लाल किले के नजदीक एक कार बम धमाके में 15 लोगों की मौत हुई थी। धमाके के बाद कई वाहन जलकर खाक हो गए थे। इस घटना ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े किए थे।संयुक्त राष्ट्र की यह रिपोर्ट भारत के सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ उठाए गए मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूती देती है। भारत ने कई बार वैश्विक मंचों पर पाकिस्तान से आतंकी संगठनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।