हाई-टेक सॉफ्टवेयर इंजीनियर बना शातिर सेंधमार: हैदराबाद और विशाखापत्तनम में 26 चोरियों को अंजाम देने वाला आरोपी गिरफ्तार, बीएमडब्ल्यू कार और लाखों का सोना बरामद
हैदराबाद/विशाखापत्तनम: अपराध की दुनिया में तकनीक और शिक्षा का मेल अक्सर पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से सामने आया है, जहां पुलिस ने एक पेशेवर सॉफ्टवेयर इंजीनियर को गिरफ्तार किया है जो दिन में कोडिंग करता था और रात के अंधेरे में शातिर तरीके से घरों के ताले तोड़ता था। विशाखापत्तनम पुलिस ने मंगलवार को खुलासा किया कि उन्होंने अच्ची महेश रेड्डी उर्फ सनी नाम के एक सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल को गिरफ्तार किया है, जो हैदराबाद और विशाखापत्तनम के विभिन्न इलाकों में हुई रात की 26 चोरियों में मुख्य आरोपी है। पुलिस ने आरोपी के पास से 15 लाख रुपये से अधिक मूल्य का सोना, चांदी, नकदी और चोरी की कमाई से खरीदी गई एक लग्जरी बीएमडब्ल्यू कार बरामद की है।
विशाखापत्तनम पुलिस की उपायुक्त (अपराध) के. लता माधुरी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी मूल रूप से काकीनाडा का रहने वाला है और वर्तमान में हैदराबाद की एक आईटी कंपनी में कार्यरत था। जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी ने संक्रांति के त्योहार के बाद शहर के कई हिस्सों में सिलसिलेवार तरीके से चोरियों को अंजाम दिया। उसकी गिरफ्तारी तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के गहन विश्लेषण के बाद संभव हो सकी। पुलिस ने उसे गजुवाका के पास आर्च रोड से उस समय दबोचा जब वह भागने की फिराक में था।
पुलिस के अनुसार, महेश रेड्डी का काम करने का तरीका बेहद पेशेवर और शातिर था। एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर होने के नाते वह तकनीकी बारीकियों को समझता था, जिसके कारण वह अपराध स्थल पर उंगलियों के निशान या ऐसा कोई भी सबूत नहीं छोड़ता था जिससे उसकी पहचान हो सके। डीसीपी ने बताया कि आरोपी रात के समय बंद घरों को अपना निशाना बनाता था। पुलिस को संदेह है कि वह दिन के समय उन इलाकों की रेकी करता था जहां उसे चोरी करनी होती थी, हालांकि आरोपी ने पूछताछ में अभी तक रेकी की बात स्वीकार नहीं की है। उसके पास से घर तोड़ने के उन्नत औजार भी बरामद किए गए हैं, जिनका उपयोग वह दरवाजों और तिजोरियों को खोलने के लिए करता था।
इस पूरे मामले का खुलासा तब शुरू हुआ जब 14 अक्टूबर, 2025 को गजुवाका के एक निवासी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने बताया कि जब वह अपने परिवार के साथ बाहर गया हुआ था, तब अज्ञात चोरों ने उसके घर का ताला तोड़कर कीमती सामान साफ कर दिया। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं 331(4) और 305(ए) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जब पुलिस ने इसी तरह की अन्य वारदातों का मिलान किया, तो कड़ियां गजुवाका के साथ-साथ अरिलोवा, मलकापुरम, पेंडुरथी और दुव्वाडा जैसे इलाकों से जुड़ती चली गईं। कुल 26 मामलों की जांच में यह स्पष्ट हो गया कि इन सभी के पीछे एक ही व्यक्ति या गिरोह का हाथ है।
पुलिस जांच में एक और दिलचस्प पहलू सामने आया। आरोपी महेश रेड्डी चोरियों को अंजाम देने के लिए जिस दोपहिया वाहन का इस्तेमाल करता था, वह ‘महेश’ नाम के ही एक अन्य व्यक्ति का था। हालांकि, उस वाहन मालिक को इस बात की बिल्कुल भी भनक नहीं थी कि उसके दोस्त या परिचित ने उसके स्कूटर का इस्तेमाल बड़ी लूटपाट की घटनाओं के लिए किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से अब तक 699 ग्राम सोना, 3.8 किलोग्राम चांदी और लगभग 40,500 रुपये की नकदी बरामद कर ली है। बरामद की गई कुल संपत्ति की बाजार में कीमत लगभग 25 लाख रुपये आंकी गई है, जिसमें से पुलिस ने 15 लाख रुपये का माल भौतिक रूप से जब्त कर लिया है।
आरोपी का आपराधिक इतिहास काफी पुराना और हैरान करने वाला है। डीसीपी लता माधुरी ने खुलासा किया कि महेश रेड्डी महज 15 साल की उम्र में पहली बार काकीनाडा के एक किशोर सुधार गृह (जुवेनाइल होम) भेजा गया था। उसके खिलाफ काकीनाडा में पहले से ही एक आपराधिक मामला दर्ज है। पुलिस अब उसके खिलाफ ‘राउडी शीट’ खोलने की तैयारी कर रही है और उसे वर्तमान में एक वर्ष के लिए निवारक हिरासत में रखा गया है। पुलिस को यह भी अंदेशा है कि उसकी मां का भी आपराधिक रिकॉर्ड हो सकता है, जिसकी वर्तमान में पुष्टि की जा रही है।
यह मामला इस बात का प्रमाण है कि कैसे आधुनिक शिक्षा और पेशेवर योग्यता का उपयोग समाज विरोधी गतिविधियों में किया जा रहा है। एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर, जो समाज में एक प्रतिष्ठित पद पर था, उसने अपनी बुद्धि का प्रयोग सुरक्षा प्रणालियों को धता बताने में किया। पुलिस के लिए यह सफलता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आरोपी ने डिजिटल फुटप्रिंट्स छोड़ने में बहुत सावधानी बरती थी। विशाखापत्तनम पुलिस ने आम जनता को भी सतर्क रहने की सलाह दी है, विशेषकर उन लोगों को जो लंबे समय के लिए घर से बाहर जाते हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों की सुरक्षा के लिए आधुनिक अलार्म सिस्टम और सीसीटीवी कैमरों का उपयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय थाने में दें।