• March 10, 2026

फर्रुखाबाद ब्लास्ट: कोचिंग सेंटर में धमाके ने मचाई खलबली, मासूमों पर टूटा कहर

फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश, 4 अक्टूबर 2025: उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में एक कोचिंग सेंटर से सदमे की लहर दौड़ गई। सातनपुर मंडी के पास शनिवार दोपहर अचानक भीषण विस्फोट हो गया, जिसकी तीव्रता इतनी थी कि एक किलोमीटर दूर तक के घर हिल गए। पढ़ाई के मंदिर में पढ़ रहे मासूम छात्रों पर कहर टूट पड़ा—कई घायल, दो की जान चली गई। धुंधलके में मलबा बिखरा पड़ा है, और सवाल उठ रहे हैं कि आखिर क्या था वो रहस्यमयी विस्फोट का कारण? पुलिस ने शिक्षक को हिरासत में लिया है, जांच तेज हो गई है। लेकिन परिवारों का रोना थमने का नाम नहीं ले रहा। क्या ये लापरवाही का नतीजा है, या कुछ और गहरा राज? इस त्रासदी की पूरी परतें खोलती तीन रिपोर्ट।

मलबा उड़ने से सन्नाटा छा गया

फर्रुखाबाद के कादरी गेट थाना क्षेत्र में सातनपुर मंडी रोड पर स्थित कोचिंग सेंटर ‘सन क्लासेस लाइब्रेरी’ में दोपहर करीब 2 बजे विस्फोट हो गया। ग्राउंड फ्लोर पर क्लास चल रही थी, जब अचानक धमाका गूंजा। पूरा स्ट्रक्चर ध्वस्त हो गया—स्लैब और पक्की दीवारें 50 मीटर दूर जा गिरीं, लोहे की जाली 150 मीटर दूर पानी के गड्ढे में समा गई। छात्रों की मोटरसाइकिलें, स्कूटर और साइकिलें भी 50 मीटर दूर बिखर गईं। विस्फोट की ताकत का अंदाजा यहीं से लगता है कि एक किमी दूर मकानों की खिड़कियां कांप गईं, शीशे टूट गए। घटनास्थल पर मांस के लोथड़े बिखरे मिले, जो दृश्य भयावह था। करीब 10 छात्र घायल हुए, जिनमें से दो की मौके पर ही मौत हो गई। बाकी आठ को फतेहगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

शिक्षक हिरासत में, जांच का पर्दाफाश

सूचना मिलते ही कादरी गेट और फतेहगढ़ थाने की पुलिस, फायर ब्रिगेड और सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार बंसल मौके पर पहुंचे। उच्चाधिकारियों को अलर्ट कर दिया गया, और बचाव कार्य तुरंत शुरू हो गया। कोचिंग सेंटर के एक शिक्षक को हिरासत में ले लिया गया, जो क्लास ले रहे थे। प्रारंभिक जांच में विस्फोट का कारण संदिग्ध लग रहा है—कुछ रिपोर्ट्स में गैस लीक या रसायनिक प्रतिक्रिया का जिक्र है, लेकिन पुख्ता जानकारी नहीं। अमर उजाला के अनुसार, मलबा 20 मीटर दूर तक बिखरा मिला, जबकि आज तक ने इसे ‘संदिग्ध ब्लास्ट’ करार दिया। इंडिया टीवी की रिपोर्ट में एक मौत और पांच घायलों का उल्लेख है, लेकिन आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं। मजिस्ट्रेट ने कहा, “सभी घायलों का इलाज प्राथमिकता से हो रहा है, और कारणों की गहन जांच चल रही है।” फॉरेंसिक टीम बुलाई गई है, जो साइट का मुआयना करेगी। स्थानीय प्रशासन ने आसपास के इलाकों में सतर्कता बरतने को कहा है। सवाल ये कि कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं होता? ये हादसा दिल्ली के कोचिंग ब्लास्ट्स की याद दिला रहा है।

सवालों का सैलाब, सुरक्षा पर सवाल

हादसे के बाद कोचिंग सेंटर के बाहर मातम का माहौल है। मृत छात्रों के परिजन रो-रोकर बेहाल हैं—एक मां ने कहा, “बेटा पढ़ने गया था, लाश लौट आई।” घायल बच्चों के परिवार अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं, जहां आठ मासूमों की हालत चिंताजनक है। न्यूज18 के अनुसार, विस्फोट ने कई घरों को प्रभावित किया, जहां लोग डर के मारे बाहर सोने को मजबूर हैं। ये घटना जापान के कोचिंग सेंटर हादसों या भारत के पिछले ब्लास्ट्स से मिलती-जुलती है, जहां लापरवाही जानलेवा साबित हुई। विशेषज्ञों का कहना है कि कोचिंग सेंटरों में गैस, बिजली और रसायनों की अनियमित जांच बड़ी समस्या है। सरकार ने अब सख्ती का ऐलान किया है—सभी सेंटर्स का निरीक्षण होगा। लेकिन देर क्यों हुई? फर्रुखाबाद जैसे छोटे शहरों में संसाधनों की कमी भी एक कारण लगती है। ये त्रासदी न सिर्फ परिवारों का दर्द बढ़ा रही है, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर रही है। क्या अब बदलाव आएगा, या ये खबरें भूल जाएंगी? समय जवाब देगा।
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