• March 11, 2026

लघुकथा दिवस रत्न सम्मान से सम्मानित हुए साहित्यकार डॉ.अनुज प्रभात

 लघुकथा दिवस रत्न सम्मान से सम्मानित हुए साहित्यकार डॉ.अनुज प्रभात

रेणु माटी के सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ अनुज प्रभात अपनी साहित्यिक कृतियों से फारबिसगंज ही नहीं संपूर्ण सीमांचल को गौरवान्वित कर रहे हैं। इनकी पुस्तक ‘समय का चक्र ‘ जिसका अनुवाद मराठी भाषा में हुआ है।उसके लिए लघुकथा दिवस पर भारतीय लघुकथा विकास मंच जैमिनि अकादमी पानीपत- हरियाणा के द्वारा उन्हें लघुकथा दिवस रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया।

माधवराव सप्रे जयंती के अवसर पर संस्था के संचालक व संपादक बीजेन्द्र जैमिनि के द्वारा उन्हें सम्मानित किया गया।

उल्लेखनीय है कि डॉ प्रभात की अबतक पांच पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है।जिनमें आधेअधूरे स्वप्न, किसी गाँव में कितनी बार…कबतक? कविता संग्रह, बूढ़ी आंखों का दर्द, नीलपाखी कहानी संग्रह एवं समय का चक्र लघुकथा संग्रह प्रकाशित हो चुकी है और दोनों कहानी संग्रह का मराठी भाषा में अनुवाद भी हो चुका है।इनकी लघुकथा तीसरी पीढ़ी पर लघु फिल्म भी बन चुकी है। वर्तमान में ये स्क्रीन राईटर एसोसिएशन मुंबई के मेम्बर भी हैं और फिल्मों के लिए पटकथा लिखने में लगे हैं जो समाज को अहलादित करता है।

इनके इस सम्मान के लिए फारबिसगंज विधायक विद्यासागर केशरी, मुख्य पार्षद वीणा देवी, उपमुख्य पार्षद नूतन भारती ,वार्ड पार्षद मनोज सिंह, मोती लाल शर्मा, डॉ अजय कुमार, डॉ डी एल दास विनोद शरावगी, श्री निवास गोयल, ई. आयुष अग्रवाल, सुमन सिंह,अरूण सिंह, अंजनी सिंह, सुधीर सिंह, पवन सिंह, चन्द्र भूषण सिंह, कुंदन सिंह, विमल सिंह, अमरेन्द्र कुमार,राम कुमार केशरी, ओम प्रकाश केशरी,सीताराम जयसवाल, सुरेश केशरी,वाहिद अंसारी,विनोद ठाकुर के अलावे संवदिया के संपादक मांगन मिश्र मार्तण्ड, विनोद तिवारी, हेमंत यादव, हर्ष नारायण दास आदि ने बधाई दी है।

Digiqole Ad

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *