धीरेंद्र शास्त्री का दावा- ‘बिहार बनेगा पहला हिंदू राष्ट्र’, स्वामी रामभद्राचार्य ने भी भरी हुंकार
बिहार की राजधानी पटना में रविवार को सनातन महाकुंभ का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें बागेश्वर धाम के आचार्य धीरेंद्र शास्त्री और स्वामी रामभद्राचार्य ने हिस्सा लिया। इस दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने जनता को संबोधित करते हुए कहा, “बिहार में वैसे ही बहार है। बिहार पहला राज्य होगा जो हिंदू राष्ट्र बनेगा।” उन्होंने बताया कि पिछली बार सुरक्षा कारणों से पटना में कार्यक्रम की अनुमति नहीं मिली थी, लेकिन इस बार वह दोबारा पटना पहुंचे हैं।
‘हिंदुओं को बांटने की साजिश नाकाम करें’
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, “सनातन का मतलब है विश्व गुरु बनाना। बिहार के लोगों, एक बात गांठ बांध लो, हम सब हिंदू एक हैं।” उन्होंने हिंदुओं से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि कुछ ताकतें भाषा और क्षेत्रवाद के नाम पर हिंदुओं को बांट रही हैं, लेकिन हमें एकजुट रहकर इन साजिशों को नाकाम करना है। उन्होंने कहा, “कुछ लोग गजवा-ए-हिंद का सपना देखते हैं, लेकिन हमारा सपना भगवा-ए-हिंद है। हमें उन हिंदुओं से दिक्कत है जो जाति के नाम पर बांटते हैं। हम किसी एक पालकी के नहीं, हर उस पालकी के साथ हैं जिसमें हिंदू हैं।”
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, “सनातन का मतलब है विश्व गुरु बनाना। बिहार के लोगों, एक बात गांठ बांध लो, हम सब हिंदू एक हैं।” उन्होंने हिंदुओं से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि कुछ ताकतें भाषा और क्षेत्रवाद के नाम पर हिंदुओं को बांट रही हैं, लेकिन हमें एकजुट रहकर इन साजिशों को नाकाम करना है। उन्होंने कहा, “कुछ लोग गजवा-ए-हिंद का सपना देखते हैं, लेकिन हमारा सपना भगवा-ए-हिंद है। हमें उन हिंदुओं से दिक्कत है जो जाति के नाम पर बांटते हैं। हम किसी एक पालकी के नहीं, हर उस पालकी के साथ हैं जिसमें हिंदू हैं।”
बिहार में पदयात्रा का ऐलान
आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने बिहार में हिंदुओं को जोड़ने के लिए पदयात्रा करने की घोषणा की। उन्होंने कहा, “चुनाव के बाद हम बिहार में पदयात्रा करेंगे, ताकि कोई राजनीतिक आरोप न लगाए।” उन्होंने आगे कहा, “कुछ लोग तिरंगे में चांद चाहते हैं, लेकिन हम चांद पर तिरंगा फहराने वाले हैं।” शास्त्री ने यह भी बताया कि 7 नवंबर से दिल्ली से वृंदावन तक पदयात्रा शुरू होगी, जिसके बाद बिहार में भी पदयात्रा का आयोजन किया जाएगा।
आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने बिहार में हिंदुओं को जोड़ने के लिए पदयात्रा करने की घोषणा की। उन्होंने कहा, “चुनाव के बाद हम बिहार में पदयात्रा करेंगे, ताकि कोई राजनीतिक आरोप न लगाए।” उन्होंने आगे कहा, “कुछ लोग तिरंगे में चांद चाहते हैं, लेकिन हम चांद पर तिरंगा फहराने वाले हैं।” शास्त्री ने यह भी बताया कि 7 नवंबर से दिल्ली से वृंदावन तक पदयात्रा शुरू होगी, जिसके बाद बिहार में भी पदयात्रा का आयोजन किया जाएगा।
स्वामी रामभद्राचार्य का संदेश- ‘वंदे मातरम कहने वाला करेगा राज’
कार्यक्रम में शामिल स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा, “आज चारों ओर तनाव बढ़ रहा है, लेकिन हमें डरने की जरूरत नहीं। हम निर्भय होकर अखंड हिंदू धर्म के पथ पर चलें।” उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत में वही राज करेगा जो ‘वंदे मातरम’ कहेगा। उन्होंने राम मंदिर का उदाहरण देते हुए कहा, “जैसे अयोध्या में राम मंदिर बना, वैसे ही बिहार के सीतामढ़ी में सीता मंदिर बनकर रहेगा।” उन्होंने चेतावनी दी कि जो सनातन धर्म को बांटने की कोशिश करेगा, वह खुद बंट जाएगा, और जो काटने की कोशिश करेगा, वह खुद कट जाएगा।
कार्यक्रम में शामिल स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा, “आज चारों ओर तनाव बढ़ रहा है, लेकिन हमें डरने की जरूरत नहीं। हम निर्भय होकर अखंड हिंदू धर्म के पथ पर चलें।” उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत में वही राज करेगा जो ‘वंदे मातरम’ कहेगा। उन्होंने राम मंदिर का उदाहरण देते हुए कहा, “जैसे अयोध्या में राम मंदिर बना, वैसे ही बिहार के सीतामढ़ी में सीता मंदिर बनकर रहेगा।” उन्होंने चेतावनी दी कि जो सनातन धर्म को बांटने की कोशिश करेगा, वह खुद बंट जाएगा, और जो काटने की कोशिश करेगा, वह खुद कट जाएगा।
सनातन महाकुंभ ने बटोरी सुर्खियां
पटना में आयोजित इस सनातन महाकुंभ ने न केवल धार्मिक, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है। धीरेंद्र शास्त्री और स्वामी रामभद्राचार्य के बयानों ने हिंदू एकता और सनातन धर्म की मजबूती पर जोर दिया, जिसे लेकर बिहार में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
पटना में आयोजित इस सनातन महाकुंभ ने न केवल धार्मिक, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है। धीरेंद्र शास्त्री और स्वामी रामभद्राचार्य के बयानों ने हिंदू एकता और सनातन धर्म की मजबूती पर जोर दिया, जिसे लेकर बिहार में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।