दिल्ली: मंगोलपुरी हत्याकांड में भगोड़ा घोषित शहजाद मेवात से गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने पिछले साल मंगोलपुरी में हुए खूनी संघर्ष के आरोपित शहजाद को मेवात के पिनगवां से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस घटना में शामिल 8 आरोपितों और तीन नाबालिग को पहले ही पकड़ लिया था लेकिन शहजाद पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। कोर्ट द्वारा उसे भगोड़ा घोषित किया गया था और दिल्ली पुलिस ने उस पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
शहजाद ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह ग्रेजुएट डिग्रीधारक है। वह मंगोलपुरी के के-ब्लॉक में साइबर कैफे का कार्य कर रहा था। फरार होने के बाद वह लगातार भीड़भाड़ वाली कालोनियों में अपना ठिकाना बदलता रहा। आखिरी दौर में वह मेवात जिले में रह रहा था। वहीं से उसे गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक पिछले वर्ष सितंबर महीने में फरदीन नामक युवक दिल्ली के मंगोलपुरी में एक भीड़ भरी सड़क से गुजर रहा था। उस दौरान गलती से उसका हाथ करण और बादशाह को लग गया, जो अपने दोस्तों समीर, मुथु, शाहबीर, शाहरुख और अन्य के साथ वहां खड़ा था। कुछ समय बाद फरदीन वहां से चला गया। मामले को सुलझाने के लिए वह अपने भाई नईम के कहने पर अरमान के साथ वापस आया लेकिन करण, बादशाह और उसके दोस्तों ने फरदीन और उसके भाइयों को गाली देना शुरू कर दिया। देखते ही देखते दोनों पक्षों में झगड़ा बढ़ गया और मारपीट होने लगी। करण, बादशाह के दोस्तों ने फरदीन और उसके भाइयों पर चाकू से हमला कर दिया।
सभी घायलों को मंगोलपुरी के संजय गांधी अस्पताल ले जाया गया, जहां अरमान ने दम तोड़ दिया। घायल फरदीन के बयान पर प्राथमिकी संख्या 1044/22, धारा 302/307/147/148/149/34 भारतीय दण्ड संहिता और 25/27 आर्म्स एक्ट के तहत थाना मंगोलपुरी में दर्ज की गई।




