October 7, 2026

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गांधीसागर से छोड़े पानी के कारण चंबल मार रही उफान, कोटा बैराज के तेरह गेट खोल की पानी की निकासी

 विदाई की ओर बढ़ रहा दक्षिण पश्चिमी मानसून गुजरे तीन दिनों में राजस्थान के कई जिलों को तर कर चुका है। हाड़ौती, वागड़ और मारवाड़ अंचल में झमाझम बारिश का दौर चला। प्रदेश के कई छोटे-बड़े बांध बारिश से लबालब होकर छलक रहे हैं। मध्य प्रदेश और राजस्थान में हुई भारी बारिश के बाद राजस्थान में चंबल, कालीसिंध, माही समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया। मध्य प्रदेश में गांधी सागर बांध से करीब तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद चंबल उफान मारने लगी। इसके बाद कोटा बैराज बांध के 13 गेट खोलने पड़े है। जवाहर सागर और राणा प्रताप सागर बांध से भी लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। कोटा बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने के बाद निचले इलाके जहां पानी भरने की आशंका थी, उन्हें खाली करवाया गया। वहीं, आज भी पश्चिम राजस्थान के तीन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

पाली जिले के जवाई बांध के भी छह गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। बांसवाड़ा के माही बांध से भी लगातार पानी की निकासी जारी है। कालीसिंध, परवन, आहू नदियों में भी जलस्तर बढ़ने से यहां आसपास के गांवों में पानी भरने का खतरा बढ़ गया है। राजस्थान में बीते 24 घंटे में बाड़मेर, जयपुर, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, सिरोही, जालोर, उदयपुर, पाली, राजसमंद और नागौर जिलों के कई इलाकों में दो इंच तक बरसात हुई। लगातार बारिश के कारण बाड़मेर, जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर में दिन का तापमान गिर गया।

जयपुर मौसम केन्द्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के ऊपर बना कम दबाव (लो-प्रेशर सिस्टम) का क्षेत्र अब कमजोर होकर परिसंचरण तंत्र (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) में बदल गया है। ये वर्तमान में दक्षिणी राजस्थान के ऊपर सक्रिय है और पश्चिम की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस सिस्टम के असर से बाड़मेर, जालोर व जैसलमेर के कुछ भागों में भारी बारिश होने की संभावना है। बीस सितंबर से राज्य में भारी बारिश के दौर से राहत मिलने की संभावना है।

पिछले 24 घंटे में सहायक नदियों में पानी का बहाव तेज होने पर जयपुर, टोंक और अजमेर जिले के मुख्य पेयजल स्त्रोत बीसलपुर बांध में भी पानी की आवक हुई। बांध का जलस्तर एक सेंटीमीटर बढ़कर 313.75 आरएल मीटर पर आ गया। त्रिवेणी नदी में पानी का बहाव अभी 2.60 मीटर उंचाई पर है और आगामी दिनों में भी नदी से बांध में पानी की आवक जारी रहने की उम्मीद है। प्रदेश के दक्षिणी इलाकों में कम वायुदाब का क्षेत्र कमजोर पड़ने लगा है। परिसंचरण तंत्र अगले 24 घंटे दक्षिण पश्चिमी जिलों की ओर बढ़ने पर बाड़मेर,जालोर और जैसलमेर के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कल से प्रदेश के अधिकांश भागों में बारिश का दौर सुस्त पड़ने पर मौसम शुष्क रहने की आशंका है।

मौसम विज्ञान केन्द्र का कहना है कि आज जोधपुर व बीकानेर संभाग के कुछ भागों में आज भी बादल छाए रहने तथा रुक-रुक कर हल्के से मध्यम बारिश जारी रहने की सम्भावना है। जोधपुर, बीकानेर संभाग के ज्यादातर इलाकों में 20 सितंबर से बारिश की गतिविधियों में कमी होगी। तत्पश्चात आगामी दिनों में केवल छुटपुट स्थानों पर हल्की मध्यम बारिश की संभावना है। पूर्वी राजस्थान के ज्यादातर भागों में आगामी दो-तीन दिन बारिश की गतिविधियों में कमी होगी। दिनांक 22 सितंबर से पूर्वी राजस्थान के कोटा, उदयपुर, भरतपुर व जयपुर संभाग के कुछ भागों में मेघगर्जन के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश की गतिविधियां पुनः शुरू होने की संभावना है। सितंबर के आखिरी सप्ताह में पूर्वी राजस्थान के कुछ भागों में हल्के से मध्यम बारिश की गतिविधियां जारी रहने तथा राज्य से मानसून की विदाई देरी से होने की प्रबल संभावना है।

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