• March 13, 2026

Bollywood Connect To Fraud: LUCC धोखाधड़ी: अभिनेता श्रेयस तलपड़े समेत 46 पर केस दर्ज, 800 करोड़ के घोटाले का सच क्या है?

उत्तराखंड (Uttarakhand) में ‘लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी’ यानी एलयूसीसी (LUCC) से जुड़े लगभग 800 करोड़ रुपये के कथित महा-घोटाले में अब फिल्मी हस्तियों पर भी कानूनी शिकंजा कस गया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो सीबीआई (CBI) ने इस मामले में अभिनेता श्रेयस तलपड़े (Shreyas Talpade) और आलोक नाथ (Alok Nath) सहित कुल 46 लोगों को आरोपी बनाया है। उत्तराखंड हाईकोर्ट (Uttarakhand High Court) के सख्त आदेश के बाद, सीबीआई ने राज्य के विभिन्न जिलों में दर्ज सभी 18 मामलों को अपने अधीन ले लिया है और व्यापक जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई बताती है कि यह सिर्फ एक वित्तीय अपराध नहीं, बल्कि संगठित धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला है, जिसके तार कई बड़े नामों से जुड़े हैं।

कैसे शुरू हुआ अरबों का ये खेल

एलयूसीसी (LUCC) सोसाइटी की शुरुआत मुख्य रूप से समीर अग्रवाल (Sameer Aggarwal) द्वारा की गई थी, जिसने उत्तराखंड (Uttarakhand) में बिना किसी कानूनी अनुमति के 18 से अधिक शाखाएं खोल दी थीं। इस सोसाइटी ने आम जनता को आरडी (RD) और एफडी (FD) पर बैंकों की तुलना में बहुत अधिक ब्याज दर का लालच दिया, जिससे बड़ी संख्या में निवेशकों को आकर्षित किया जा सके। ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में फैले अपने मजबूत नेटवर्क के जरिए, हजारों भोले-भाले लोगों ने अपनी जीवन भर की गाढ़ी कमाई इसमें लगा दी। शुरुआत में सोसाइटी ने निवेशकों का विश्वास जीतने के लिए नियमित रूप से अच्छा रिटर्न भी दिया। हालांकि, जब निवेश की रकम अरबों में पहुंच गई, तो सोसाइटी ने अचानक अपने दफ्तरों पर ताले जड़ दिए और इसके संचालक रातों-रात फरार हो गए।

46 लोगों पर केस, फिल्मी सितारे भी आरोपी

उत्तराखंड हाईकोर्ट (Uttarakhand High Court) के आदेश के बाद सीबीआई (CBI) ने इस बहुचर्चित 800 करोड़ रुपये के घोटाले में कुल 46 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इस सूची में सोसाइटी के मुख्य संचालकों और स्थानीय एजेंटों के साथ-साथ कई फिल्मी चेहरे भी शामिल हैं। अभिनेता श्रेयस तलपड़े (Shreyas Talpade) और ‘संस्कार’ इमेज वाले आलोक नाथ (Alok Nath) को भी आरोपी बनाया गया है, क्योंकि वे एलयूसीसी (LUCC) के ब्रांड एंबेसडर थे। सीबीआई (CBI) की एफआईआर में मुख्य आरोपी समीर अग्रवाल (Sameer Aggarwal) के अलावा गिरीश चंद सिंह बिष्ट (Girish Chand Singh Bisht) और उर्मिला बिष्ट (Urmila Bisht) जैसे एजेंटों के नाम भी दर्ज हैं। यह कार्रवाई इस बात का संकेत देती है कि सोसाइटी ने लाखों निवेशकों से करोड़ों रुपये जमा करके अवैध ढंग से कारोबार किया था।

पिरामिड स्कीम और टूटते सपने

एलयूसीसी (LUCC) घोटाले का तरीका एक क्लासिक पिरामिड स्कीम (Pyramid Scheme) जैसा था। शुरुआती दौर में एजेंटों को स्कूटी, विदेश यात्राएं और मोटा कमीशन जैसी आकर्षक सुविधाएँ दी गईं, जिससे उन्होंने तेजी से अन्य लोगों को जोड़ा। कई एजेंट खुद भी निवेशक बन गए थे और बाद में पीड़ितों की शिकायत सूची में शामिल हो गए। जब सोसाइटी अचानक गायब हुई, तो हजारों परिवारों की जीवनभर की पूंजी डूब गई—यह वो रकम थी जो उन्होंने बेटियों की शादी, मकान और बुढ़ापे के लिए जमा की थी। कई जिलों—जैसे देहरादून (Dehradun), पौड़ी गढ़वाल (Pauri Garhwal) और हरिद्वार (Haridwar)—में निवेशकों ने सड़क पर उतरकर हिंसक आंदोलन किए। इस आर्थिक त्रासदी ने हजारों परिवारों को तबाह कर दिया, और निवेशकों का गुस्सा एजेंटों के घरों पर फूटा, जिससे घोटाले का वास्तविक भयावह पैमाना सामने आया।

सीबीआई का एक्शन प्लान

सीबीआई (CBI) द्वारा 46 लोगों पर मामला दर्ज करने के बाद, जांच एजेंसी अब इस घोटाले को लेकर युद्धस्तर पर काम कर रही है। राज्य भर के सभी 18 मामलों को एक साथ जोड़कर एक व्यापक जांच शुरू की गई है। आने वाले दिनों में सीबीआई द्वारा आरोपियों की संपत्ति जब्त करने, उनके बैंक खातों को फ्रीज करने और देश के अन्य हिस्सों में छापेमारी की कार्रवाई किए जाने की संभावना है। इसके साथ ही, ब्रांड एंबेसडर रहे फिल्मी हस्तियों (श्रेयस तलपड़े और आलोक नाथ) से भी पूछताछ की जा सकती है ताकि यह पता चल सके कि उन्होंने प्रचार के लिए क्या जानकारी जुटाई थी और उन्हें इसके लिए कितना भुगतान मिला था। हाईकोर्ट (High Court) की निगरानी में चल रही इस जांच से निवेशकों को न्याय और उनकी डूबी हुई रकम की वापसी की उम्मीद जगी है।

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