शिक्षक भर्ती में डोमिसाइल नीति समाप्त करना बिहार प्रतिभा का घोर अपमान:भाजयुमो
भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रवीण कुमार ने गुरुवार को कहा कि बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक नियमावली 2020 में राज्य सरकार द्वारा डोमिसाइल नीति समाप्त करना बिहार के छात्र युवाओं के भविष्य पर ना सिर्फ कुठाराघात है।बल्कि बिहार के प्रतिभा का घोर अपमान है।
राज्य सरकार शिक्षक भर्ती में बिहार के स्थायी निवासी की शर्त को वापस लेने संबंधी तुगलकी फरमान शीघ्र वापस लें।प्रवीण कुमार ने शिक्षा मंत्री प्रो.चंद्रशेखर द्वारा बिहारी छात्रों के प्रतिभा और उनके पढ़ाई पर दिये गए बयान पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया।
प्रदेश उपाध्यक्ष कुमार ने कहा कि शिक्षा मंत्री का यह बयान हास्यास्पद है कि अंग्रेजी ,गणित, फिजिक्स,केमेस्ट्री में योग्य शिक्षक नही मिलने के कारण बिहार के बाहर के अभ्यर्थियों को बुलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आज बिहार के छात्र युवा अखिल भारतीय सेवाओं आईआईटी आदि में परचम फहरा रहे है ओर मंत्री कह रहे कि इन विषयों में अभ्यर्थी नही मिल रहे है। श्री कुमार ने शिक्षा मंत्री को पशुपालन मंत्री बनाने की मांग करते हुए कहा कि 15 जून के विज्ञापन में बिहार डोमिसाइल की शर्त अनिवार्य रखी गयी थी फिर अचानक उसे क्यों हटा दिया गया।
मुख्यमंत्री के पीएम बनने की लालसा में बिहार के शिक्षक अभ्यर्थियों के साथ भद्दा मजाक किये जाने की बात उन्होंने कही। क्या कक्षा 1से 5 के लिए भी बिहारी प्रतिभा पढ़ाने योग्य नही है? कि बाहर के लोगों को बुलाया जाय। श्री कुमार ने कहा कि महागठबंधन की सरकार ने शिक्षक नियुक्ति में अराजकता की स्तिथि पैदा कर दी है। चार लाख से ज्यादा टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को पुनः परीक्षा में बैठने की बाध्यता उनके साथ विश्वासघात है। अब एक ही विद्यालय में तीन प्रकार के शिक्षक हो जाएंगे। कहा कि विकास और रोजगार सरकार के एजेंडे में नही है, सरकार केवल बिहार के युवाओं की नही बल्कि पूरे जनता को झांसा देकर चुनावी वैतरणी पार करना चाहती है। इसलिए अभी तक 8 बार विज्ञापन में संशोधन किया जा चुका है।नयी नियुक्ति के कारण 11हजार करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा इस कारण सरकार मुकदमे में फंसाकर परीक्षा टालने का बहाना खोज रही है।




