बीजेडी ने राज्यसभा चुनाव के लिए घोषित किए दो उम्मीदवार: डॉ. संतृप्त मिश्रा और डॉ. दत्तेश्वर होता, विशेषज्ञता पर जोर
भुवनेश्वर: बीजू जनता दल (बीजेडी) ने आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए अपने दो उम्मीदवारों के नामों की आधिकारिक घोषणा कर दी है। पार्टी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने डॉ. संतृप्त मिश्रा और डॉ. दत्तेश्वर होता को पार्टी के उम्मीदवार के रूप में नामित किया है। यह घोषणा शनिवार को की गई, जिसमें बीजेडी ने स्वास्थ्य और कॉरपोरेट क्षेत्र से जुड़े अनुभवी व्यक्तियों को चुनकर स्पष्ट संदेश दिया है कि पार्टी संसद में विशेषज्ञता और पेशेवर अनुभव को प्राथमिकता दे रही है।
डॉ. संतृप्त मिश्रा: कॉरपोरेट से राजनीति तक का सफर
डॉ. संतृप्त मिश्रा एक अनुभवी वैश्विक कारोबारी नेता हैं, जिन्होंने लगभग चार दशकों तक कॉरपोरेट जगत में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। वे आदित्य बिरला ग्रुप में ग्रुप डायरेक्टर (ह्यूमन रिसोर्सेज) रह चुके हैं। इसके अलावा, उन्होंने बिरला कार्बन के सीईओ और समूह के केमिकल्स बिजनेस के डायरेक्टर जैसे उच्च पदों पर काम किया है। शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने उत्कल विश्वविद्यालय से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में और एस्टन बिजनेस स्कूल (यूके) से इंडस्ट्रियल रिलेशंस में पीएचडी हासिल की है। राजनीति में प्रवेश 2024 की शुरुआत में बीजेडी जॉइन करने के साथ हुआ, जहां उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया गया। वे 2024 लोकसभा चुनाव में कटक सीट से बीजेडी के उम्मीदवार रहे थे। इसके अलावा, वे एनआईटी राउरकेला के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरपर्सन और ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) के बोर्ड में डायरेक्टर के रूप में भी सक्रिय रहे हैं। उनकी नियुक्ति से बीजेडी उद्योग, मानव संसाधन और नीति निर्माण में मजबूत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना चाहती है।
डॉ. संतृप्त मिश्रा एक अनुभवी वैश्विक कारोबारी नेता हैं, जिन्होंने लगभग चार दशकों तक कॉरपोरेट जगत में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। वे आदित्य बिरला ग्रुप में ग्रुप डायरेक्टर (ह्यूमन रिसोर्सेज) रह चुके हैं। इसके अलावा, उन्होंने बिरला कार्बन के सीईओ और समूह के केमिकल्स बिजनेस के डायरेक्टर जैसे उच्च पदों पर काम किया है। शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने उत्कल विश्वविद्यालय से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में और एस्टन बिजनेस स्कूल (यूके) से इंडस्ट्रियल रिलेशंस में पीएचडी हासिल की है। राजनीति में प्रवेश 2024 की शुरुआत में बीजेडी जॉइन करने के साथ हुआ, जहां उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया गया। वे 2024 लोकसभा चुनाव में कटक सीट से बीजेडी के उम्मीदवार रहे थे। इसके अलावा, वे एनआईटी राउरकेला के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरपर्सन और ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) के बोर्ड में डायरेक्टर के रूप में भी सक्रिय रहे हैं। उनकी नियुक्ति से बीजेडी उद्योग, मानव संसाधन और नीति निर्माण में मजबूत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना चाहती है।
डॉ. दत्तेश्वर होता: स्वास्थ्य क्षेत्र के जाने-माने विशेषज्ञ
डॉ. दत्तेश्वर होता ओडिशा के प्रसिद्ध चिकित्सा विशेषज्ञ हैं, खासकर यूरोलॉजी के क्षेत्र में उनका लंबा अनुभव है। उन्होंने राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में वर्षों सेवा दी है और चिकित्सा शिक्षा के विकास में अहम योगदान दिया है। वे ओडिशा सरकार में डायरेक्टर ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (डीएमईटी) के पद पर रह चुके हैं, जहां उन्होंने राज्य के मेडिकल पाठ्यक्रमों और संस्थागत विकास की निगरानी की। इसके अलावा, वे कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (पूर्वी भारत के प्रमुख सरकारी मेडिकल संस्थानों में से एक) के डीन और प्रिंसिपल भी रहे हैं। उनकी उम्मीदवारी को राज्य के चिकित्सा और अकादमिक समुदाय के प्रति सम्मान के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।
डॉ. दत्तेश्वर होता ओडिशा के प्रसिद्ध चिकित्सा विशेषज्ञ हैं, खासकर यूरोलॉजी के क्षेत्र में उनका लंबा अनुभव है। उन्होंने राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में वर्षों सेवा दी है और चिकित्सा शिक्षा के विकास में अहम योगदान दिया है। वे ओडिशा सरकार में डायरेक्टर ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (डीएमईटी) के पद पर रह चुके हैं, जहां उन्होंने राज्य के मेडिकल पाठ्यक्रमों और संस्थागत विकास की निगरानी की। इसके अलावा, वे कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (पूर्वी भारत के प्रमुख सरकारी मेडिकल संस्थानों में से एक) के डीन और प्रिंसिपल भी रहे हैं। उनकी उम्मीदवारी को राज्य के चिकित्सा और अकादमिक समुदाय के प्रति सम्मान के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।
बीजेडी का बड़ा संदेश
इस घोषणा से बीजेडी ने पारंपरिक राजनीति से आगे बढ़कर विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को राज्यसभा में प्रतिनिधित्व देने की मंशा जाहिर की है। स्वास्थ्य और उद्योग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े इन उम्मीदवारों के माध्यम से पार्टी ओडिशा की आवाज को राष्ट्रीय नीति निर्माण में अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश कर रही है। पार्टी नेताओं का मानना है कि पेशेवर अनुभव और राजनीतिक जिम्मेदारी का यह संतुलन संसद में राज्य के हितों को मजबूती से उठाने में मददगार साबित होगा।
इस घोषणा से बीजेडी ने पारंपरिक राजनीति से आगे बढ़कर विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को राज्यसभा में प्रतिनिधित्व देने की मंशा जाहिर की है। स्वास्थ्य और उद्योग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े इन उम्मीदवारों के माध्यम से पार्टी ओडिशा की आवाज को राष्ट्रीय नीति निर्माण में अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश कर रही है। पार्टी नेताओं का मानना है कि पेशेवर अनुभव और राजनीतिक जिम्मेदारी का यह संतुलन संसद में राज्य के हितों को मजबूती से उठाने में मददगार साबित होगा।
राज्यसभा चुनाव की तारीखें नजदीक आते ही ओडिशा की राजनीति में यह कदम चर्चा का विषय बन गया है।