बलिया : महिला शिक्षक प्रतिमा के प्रयासों से कान्वेंट को मात दे रहा सरकारी स्कूल
जिले में एक ऐसा भी सरकारी प्राथमिक विद्यालय है जो कान्वेंट स्कूलों को भी मात दे रहा है। वह है शहर से सटा प्राथमिक विद्यालय अमृतपाली। विद्यालय की महिला प्रधानाध्यापक ने शिक्षा में किए नवाचारों से प्रदेश भर में सुर्खियां बटोरी है।
शिक्षा क्षेत्र दुबहर का प्राथमिक विद्यालय अमृतपाली का भौतिक परिवेश इतना आकर्षक व सुंदर है कि सहसा लोगों को विश्वास ही नहीं होता कि यह सरकारी प्राइमरी स्कूल है। उच्चाधिकारियों के दौरे हों या मुख्यमंत्री का कार्यक्रम हो, जिले के बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी हर बार इसी विद्यालय को दिखाते हैं। यह जिले का पहला ऐसा विद्यालय है, जहां सबसे पहले स्मार्ट क्लास का संचालन शुरू हुआ था। विद्यालय की प्रधानाध्यापक प्रतिमा उपाध्याय ने खुद के व सामुदायिक सहभागिता से कंप्यूटर क्लास का संचालन भी किया है। करीब छह वर्ष पूर्व पुस्तकालय की व्यवस्था किया। अब यह विद्यालय सभी सुविधाओं से युक्त है। स्मार्ट क्लास, कम्प्यूटर क्लास व लाइब्रेरी के अलावा सोलर पैनल, आरओ प्लांट और फर्नीचर से लैस इस विद्यालय में पांचों कक्षाएं अलग अलग संचालित होती हैं।
रिमीडियल टीचिंग की भी है व्यवस्था
प्रिंसिपल प्रतिमा उपाध्याय ने अभिभावकों को भी स्कूल से जोड़ा है। इसके लिए उन्होंने अभिभावकों से मिलना व उनकी बैठक विद्यालय पर आयोजित करना रूटीन से हटकर भी किया। उनके अंदर आत्म विश्वास की बढ़ोतरी के लिए नुक्कड़ नाटक, लघु फिल्में दिखाकर, कविता व कहानी सुनाकर बेहतरी का प्रयास किया है। उनकी आत्मनिर्भरता के लिए समय समय पर विद्यालय में कार्यशालाएं आयोजित की जाती हैं। जिससे सभी आत्म निर्भर बने। न सिर्फ नामांकित बच्चों को पढ़ाना बल्कि उनके माता-पिता व अन्य परिवारीजनों को भी शिक्षित करने का प्रयास अमृतपाली की महिला प्रधानाध्यापक ने किया है। यही नहीं, शासन के द्वारा निर्धारित की गई सभी योजनाओं से उन्हें रूबरू कराती रहती हैं। विद्यालय में समय समय पर कार्यशालाएं करायी जाती हैं, ताकि महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें। कोरोना काल में भी मास्क बनाने की कार्यशाला आयोजित हुई। घर-घर जाकर सभी को मास्क और सेनेटाइजर वितरित किया गया। कोरोना काल में बच्चों की शिक्षा के लिए पूरे मंडल में सर्वप्रथम आनलाइन टीचिंग और आनलाइन नामांकन शुरु किया।
प्राथमिक विद्यालय अमृतपाली की प्रधानाध्यापक प्रतिमा उपाध्याय को शिक्षा में नवाचार के लिए अनेकों पुरस्कार मिल चुके हैं। उन्हें 2019 में राज्य शिक्षक सम्मान, 2021 में मुख्यमंत्री व राज्यपाल के द्वारा राज्य मिशन शक्ति सम्मान मिल चुका है। उत्तर प्रदेश द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए तीन शिक्षकों में भी चयन किया गया था। प्रतिमा को राज्य स्तर पर दो बार उत्कृष्ट विद्यालय सम्मान, राज्य स्तर पर आईसीटी के लिए सम्मान हासिल हुआ है।
नवाचारों के लिए कई राष्ट्रीय और राज्य कार्यशालाओं में सम्मान पा चुकी हैं। 2009 में सहायक अध्यापिका के रूप में कैरियर की शुरुआत करने वाली प्रतिमा ने बताया कि बच्चों के लिए कुछ बेहतर करने की तमन्ना और उन्हें एक बेहतर इंसान बनाने का सपना लेकर अपने मार्ग पर चली थी। उन्होंने बताया कि मेरा विद्यालय नगर क्षेत्र के पास घनी आबादी में चारों तरफ से अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों से घिरा है। जब मैंने विद्यालय में कार्यभार संभाला तो ये बहुत बड़ी चुनौती थी।




