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अमित शाह ने राहुल गांधी को दी बहस की चुनौती, बोले- पीएम मोदी को पत्र लिखें, संसद का विशेष सत्र बुलाने को तैयार

करनाल: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को हरियाणा के करनाल में आयोजित बीजेपी की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मार्च को संबोधित करते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहस की चुनौती दिए जाने पर पलटवार करते हुए कहा कि अगर वे वास्तव में चर्चा करना चाहते हैं, तो प्रधानमंत्री को पत्र लिखें। अमित शाह ने कहा कि सरकार एसआईआर (SIR) के मुद्दे पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने को तैयार है।

गौरतलब है कि राहुल गांधी ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सार्वजनिक बहस की चुनौती दी थी। इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी को अपनी बात संसद में चर्चा के जरिए रखनी चाहिए।

‘मोदी को देश ने लगातार तीसरी बार चुना, कांग्रेस को मिल रही हार’

अमित शाह ने रैली में कहा कि देश की जनता ने नरेंद्र मोदी को लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री चुना है, जबकि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस को लगातार चुनावी हार का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति में संसद की कार्यवाही बाधित करना और अराजकता फैलाना शामिल हो गया है। शाह ने कहा कि विपक्ष को संसद में चर्चा से बचने के बजाय मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखनी चाहिए।

‘जब SIR नहीं हुआ, तब भी कांग्रेस चुनाव हारी’

गृह मंत्री ने एसआईआर के मुद्दे पर कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि 2014, 2019 और 2024 के चुनावों के दौरान एसआईआर नहीं हुआ था, इसके बावजूद कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा।

उन्होंने हरियाणा और महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए कहा कि इन राज्यों में भी एसआईआर नहीं हुआ था, फिर भी कांग्रेस चुनाव नहीं जीत सकी। शाह ने कांग्रेस के एक करोड़ वोट हटाए जाने के दावे पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी को बहस की चुनौती दी।

उन्होंने कहा, “अगर आप सच में बहस करना चाहते हैं, तो प्रधानमंत्री मोदी को एक पत्र लिख दें। हम एसआईआर पर चर्चा करने के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने को तैयार हैं।”

राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस के विधायकों की संख्या घटने का दावा

अमित शाह ने कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन का जिक्र करते हुए राहुल गांधी के राजनीतिक सफर पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति काम मांगने जाता है, तो उससे पूछा जाता है कि उसने पहले क्या किया है। इसी तरह जनता भी राहुल गांधी से उनके राजनीतिक रिकॉर्ड के बारे में सवाल करती है।

शाह ने दावा किया कि वर्ष 2007 में राहुल गांधी के कांग्रेस महासचिव बनने के समय पार्टी के 1,200 विधायक थे। जब वे पार्टी के उपाध्यक्ष बने, तब यह संख्या घटकर 900 रह गई। उनके अध्यक्ष बनने के समय विधायकों की संख्या 700 और वर्ष 2022 में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान 600 रह गई।

गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के राजनीति में आने के बाद कांग्रेस के विधायकों की संख्या लगातार कम हुई है, जबकि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी के सांसदों और विधायकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।

कबड्डी का उदाहरण देकर राहुल गांधी पर साधा निशाना

अपने भाषण में अमित शाह ने राहुल गांधी पर तंज कसने के लिए स्कूल के दिनों का कबड्डी का एक किस्सा भी सुनाया।

उन्होंने कहा कि जब वे स्कूल में थे, तब उनकी सातवीं कक्षा की टीम कबड्डी में लगातार चैंपियन बनती थी। लगातार हारने के बाद नौवीं कक्षा की टीम ने बैठक की और जीतने का तरीका खोजने लगी। उन्हें लगा कि उनसे छोटी कक्षा की टीम लगातार जीत रही है, जिससे उनके अहं को ठेस पहुंच रही है।

शाह के मुताबिक, उस टीम ने तय किया कि सबसे अच्छी रणनीति रेफरी को ही धोखेबाज बता देना होगी, ताकि अपनी जीत का रास्ता बनाया जा सके।

इसी उदाहरण के जरिए उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, “रेफरी को ही चीटर कह दो, तो हमारी जीत पक्की हो जाएगी।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि लगता है राहुल गांधी ने शायद उन छात्रों की बात सुन ली होगी।

अमित शाह का यह बयान ऐसे समय आया है, जब एसआईआर और चुनावी प्रक्रिया को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी जारी है।

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