हैदराबाद में अमित शाह का राहुल गांधी पर हमला, कांग्रेस की रैली को बताया ‘घुसपैठिया बचाओ रैली’
हैदराबाद: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को हैदराबाद में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा का नेतृत्व किया। इस पदयात्रा के जरिए बीजेपी ने विपक्षी ‘इंडी’ गठबंधन पर नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ कथित तौर पर नैरेटिव फैलाने का आरोप लगाया। पदयात्रा के दौरान अमित शाह ने राष्ट्रीय ध्वज थाम रखा था। उनके साथ केंद्रीय कोयला मंत्री किशन रेड्डी, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार और तेलंगाना बीजेपी के अन्य नेता मौजूद रहे।
पदयात्रा बाबू जगजीवन राम की प्रतिमा के पास से शुरू हुई और मोजमजाही मार्केट पर समाप्त हुई। इसके बाद अमित शाह ने जनसभा को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने कांग्रेस, राहुल गांधी, तेलंगाना की रेवंत रेड्डी सरकार और विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), कथित घुसपैठ, चुनावी नतीजों और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर भी अपनी बात रखी।
सरदार पटेल ने निजाम को झुकाकर हैदराबाद को भारत का हिस्सा बनाया: शाह
जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने हैदराबाद के भारत में विलय का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अगर सरदार वल्लभभाई पटेल ने निजाम को नहीं झुकाया होता, तो हैदराबाद आज भारत का हिस्सा नहीं होता।
शाह ने कहा, “वो सरदार ही थे, जिन्होंने हैदराबाद के निजाम को झुकाकर हैदराबाद को भारत का हिस्सा बनाया। तेलंगाना को भारत का हिस्सा बनाया।”
कांग्रेस की रैली को बताया ‘घुसपैठिया बचाओ रैली’
अमित शाह ने दिल्ली में राहुल गांधी की रैली का जिक्र करते हुए उसे ‘घुसपैठिया बचाओ रैली’ करार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एसआईआर का विरोध कर देश की मतदाता सूची से कथित बांग्लादेशी घुसपैठियों को बचाना चाहती है।
शाह ने कहा कि बीजेपी मतदाता सूची से कथित अवैध घुसपैठियों के नाम हटाने के लिए एसआईआर के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा, “इस देश में वही वोट डालेगा, जो इस देश का नागरिक होगा।”
यह बयान मतदाता सूची के पुनरीक्षण और नागरिकता को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच आया है। शाह ने अपने भाषण में राहुल गांधी और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को भी चुनौती दी।
13 करोड़ वोट हटाने के आरोप पर अमित शाह का जवाब
राहुल गांधी के कथित आरोप कि एसआईआर के दौरान 13 करोड़ वोट काटे गए, पर अमित शाह ने सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि हटाए गए नामों में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की थी, जो दूसरी जगह चले गए, जिनकी मृत्यु हो गई या जिनके नाम मतदाता सूची में दो बार दर्ज थे।
शाह ने अपने भाषण में अलग-अलग आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि करीब 6.25 करोड़ लोग दूसरी जगह रहने चले गए, 2.8 करोड़ लोगों की मृत्यु हो चुकी थी और लगभग एक करोड़ नामों में डुप्लीकेट एंट्री थी। उन्होंने करीब तीन करोड़ ऐसे नामों का भी जिक्र किया, जिनके बारे में उन्होंने दावा किया कि वे वास्तविक मतदाता नहीं थे।
गृह मंत्री ने कहा कि मतदाता सूची में दोहरी प्रविष्टि या मृत व्यक्तियों के नाम हटाना जरूरी है। उनके ये आंकड़े और दावे भाषण में दिए गए थे; उनकी स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में नहीं की गई है।
‘बीजेपी की जीत मतदाताओं की वजह से, SIR की वजह से नहीं’
अमित शाह ने कहा कि बीजेपी की चुनावी जीत का श्रेय मतदाताओं को जाता है, न कि एसआईआर को। उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी की जीत मतदाताओं के समर्थन से हुई।
उन्होंने महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली, बिहार, असम और पश्चिम बंगाल के चुनावों का भी उल्लेख किया। शाह ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि विपक्षी नेता को संसद में चर्चा के लिए आना चाहिए।
संसद के विशेष सत्र में चर्चा की चुनौती
अमित शाह ने कहा कि सरकार संसद का विशेष सत्र बुला रही है और विपक्ष को वहां चर्चा के लिए आना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी संसद में चर्चा से बचेंगे।
शाह ने ईवीएम को लेकर विपक्ष के आरोपों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि ईवीएम खराब हैं, तो कांग्रेस की सरकारें अलग-अलग राज्यों में कैसे बनीं। उन्होंने केरल, तमिलनाडु और हिमाचल प्रदेश का उदाहरण देते हुए विपक्ष के आरोपों पर सवाल खड़े किए।
कांग्रेस पर 12 लाख करोड़ रुपये के घोटालों का आरोप
अमित शाह ने कांग्रेस पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने अपने दस साल के शासन में 12 लाख करोड़ रुपये के घपले किए। उन्होंने नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी पर भ्रष्टाचार का आरोप नहीं है।
शाह ने कहा कि कांग्रेस को जनता ने नकार दिया है और राहुल गांधी कथित तौर पर भ्रम फैलाकर चुनाव नहीं जीत सकते। कांग्रेस पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोप शाह के भाषण का हिस्सा हैं।
तेलंगाना सरकार पर ‘RR टैक्स’ का आरोप
तेलंगाना की रेवंत रेड्डी सरकार पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने ‘RR टैक्स’ का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में लोगों पर टैक्स का बोझ है और इसे राहुल गांधी तथा रेवंत रेड्डी से जोड़ते हुए राजनीतिक टिप्पणी की।
शाह ने कांग्रेस को कमजोर बताते हुए कहा कि पार्टी “वेंटिलेटर पर” है और बीजेपी कार्यकर्ताओं से तेलंगाना में घर-घर जाकर कांग्रेस के कथित भ्रम को दूर करने की अपील की।
तेलंगाना में दो-तिहाई बहुमत से बीजेपी सरकार बनाने की अपील
जनसभा के अंत में अमित शाह ने तेलंगाना में बीजेपी की सरकार बनाने के लिए जनता से समर्थन मांगा। उन्होंने कहा कि राज्य में कथित भ्रष्टाचार और विकास से जुड़े मुद्दों को बीजेपी ही रोक सकती है।
शाह ने बीजेपी कार्यकर्ताओं से घर-घर पहुंचकर पार्टी का संदेश देने की अपील की और तेलंगाना में दो-तिहाई बहुमत के साथ बीजेपी सरकार बनाने का आह्वान किया।
