सरकारी रिकॉर्ड में जिंदा व्यक्ति को बताया मृत, आधार हुआ निष्क्रिय तो राशन और योजनाओं से हुआ वंचित
ओडिशा के गजपति जिले से प्रशासनिक लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक जीवित व्यक्ति को सरकारी रिकॉर्ड में गलती से मृत घोषित कर दिया गया, जिसके बाद उसका आधार नंबर निष्क्रिय हो गया और वह राशन समेत कई सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो गया।
मामला जिले के आर. उदयगिरि ब्लॉक के रनलाई गांव का है। पीड़ित व्यक्ति का नाम 46 वर्षीय जखरिया पाल बताया जा रहा है।
राशन लेने पहुंचे तो हुआ गलती का खुलासा
जखरिया पाल को इस गलती की जानकारी तब हुई, जब वह सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत मिलने वाला सस्ता राशन लेने पहुंचे।
राशन वितरण के दौरान ऑनलाइन आधार सत्यापन किया गया, जिसमें जखरिया पाल का रिकॉर्ड मृत व्यक्ति के रूप में दिखा। इसके बाद उनका आधार नंबर निष्क्रिय पाया गया और उन्हें राशन देने से मना कर दिया गया।
जखरिया पाल के पास वैध आधार कार्ड मौजूद था, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें मृत दर्ज किए जाने के कारण वह आधार से जुड़ी सभी योजनाओं के लाभ से बाहर हो गए।
आधार बंद होने से कई योजनाओं का लाभ रुका
आधार निष्क्रिय होने के कारण जखरिया पाल को सिर्फ राशन योजना से ही नहीं, बल्कि उन सभी सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलना बंद हो गया, जिनके लिए आधार सत्यापन जरूरी होता है।
इस घटना के बाद प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं कि आखिर किस तरह एक जीवित व्यक्ति को सरकारी दस्तावेजों में मृत दर्ज कर दिया गया।
DM ने मानी प्रशासनिक गलती
मामला सामने आने के बाद गजपति के जिलाधिकारी अक्षय सुनील अग्रवाल ने इसे प्रशासनिक गलती बताया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों से गलती से जखरिया पाल का आधार नंबर निष्क्रिय हो गया, जबकि निष्क्रिय उनके दिवंगत भाई का आधार नंबर किया जाना था।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को तुरंत रिकॉर्ड सुधारने के निर्देश दिए हैं। साथ ही भुवनेश्वर स्थित संबंधित विभाग को भी आधार रिकॉर्ड में सुधार के लिए जानकारी भेजी गई है।
जल्द बहाल होगा आधार और योजनाओं का लाभ
जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जखरिया पाल का आधार स्टेटस जल्द बहाल किया जाएगा। इसके बाद उनका राशन और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ दोबारा शुरू हो जाएगा।
यह मामला सरकारी रिकॉर्ड में छोटी-सी गलती के गंभीर प्रभाव को दिखाता है। एक क्लेरिकल त्रुटि के कारण एक जीवित व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया गया और वह अपनी जरूरी सरकारी सुविधाओं से वंचित हो गया।