सेशेल्स में पीएम मोदी को मिला सर्वोच्च सम्मान ‘गार्जियन ऑफ द ब्लू हॉरिजन’, पर्यावरण संरक्षण में योगदान का मिला वैश्विक सम्मान
विक्टोरिया (सेशेल्स): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशेल्स के तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे के दौरान देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक ‘गार्जियन ऑफ द ब्लू हॉरिजन’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें पर्यावरण संरक्षण, जलवायु कार्रवाई और सतत विकास (सस्टेनेबल डेवलपमेंट) के क्षेत्र में उनके योगदान और नेतृत्व के लिए प्रदान किया गया। सम्मान समारोह के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी सेशेल्स यात्रा का संदेश स्पष्ट है कि भारत ऐसे हिंद महासागर क्षेत्र की परिकल्पना करता है, जहां समुद्री सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि साथ-साथ आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि भारत की साझेदारी किसी देश के आकार पर नहीं, बल्कि आपसी सम्मान, विश्वास और समान भागीदारी पर आधारित है।
भारत-सेशेल्स के बीच कई अहम समझौते
प्रधानमंत्री मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के बीच द्विपक्षीय वार्ता के बाद दोनों देशों ने कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। दोनों नेताओं ने समुद्री सुरक्षा, विकास सहयोग और क्षेत्रीय साझेदारी को मजबूत करने पर सहमति जताई। सेशेल्स पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का स्टेट हाउस में औपचारिक स्वागत किया गया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी प्रदान किया गया।
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में मिला एक और वैश्विक सम्मान
‘गार्जियन ऑफ द ब्लू हॉरिजन’ सम्मान प्रधानमंत्री मोदी को मिले अंतरराष्ट्रीय सम्मानों की श्रृंखला में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह सम्मान जलवायु परिवर्तन से निपटने, हरित विकास (ग्रीन ग्रोथ) और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए उनके प्रयासों को मान्यता देता है। इससे पहले मई 2026 में संयुक्त राष्ट्र की फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गनाइजेशन (FAO) ने उन्हें खाद्य सुरक्षा और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए ‘एग्रीकोला मेडल’ से सम्मानित किया था। वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री मोदी को संयुक्त राष्ट्र का प्रतिष्ठित ‘चैंपियंस ऑफ द अर्थ’ पुरस्कार तथा ‘सियोल पीस प्राइज’ भी प्रदान किया गया था।
29 जून तक जारी रहेगा दौरा
प्रधानमंत्री मोदी का सेशेल्स दौरा 27 जून से शुरू हुआ है और 29 जून तक चलेगा। इस यात्रा का उद्देश्य भारत और सेशेल्स के बीच लंबे समय से चले आ रहे द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करना तथा हिंद महासागर क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देना है।