• February 20, 2026

राम गोपाल यादव का AI पर विवादास्पद बयान: “एआई से दिमाग का विकास रुकेगा, आने वाली पीढ़ियां चिट्ठी भी नहीं लिख पाएंगी” – सोशल मीडिया पर मचा बवाल

नई दिल्ली: नई दिल्ली में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में दुनिया भर के नेता, उद्योगपति और विशेषज्ञ भारत की AI क्रांति की सराहना कर रहे हैं। भारत को AI के सबसे बड़े बाजारों में से एक मानते हुए कई अंतरराष्ट्रीय हस्तियों ने सरकार की नीतियों और बढ़ते प्रयोगों की तारीफ की है। लेकिन इसी बीच समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ सांसद राम गोपाल यादव का AI को लेकर दिया गया बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
राम गोपाल यादव ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर पोस्ट करते हुए AI के बढ़ते इस्तेमाल पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने लिखा:“एआई (artificial intelligence) के प्रयोग से सारी दुनिया में बेरोजगारी बढ़ेगी। और इससे भी खतरनाक बात ये है कि व्यक्ति के मस्तिष्क का विकास ही रुक जाएगा। ये सर्व विदित है कि शरीर के जिस अंग का प्रयोग नहीं होता है वह निष्प्रभावी हो जाता है। आने वाली पीढ़ियां अपने दिमाग से एक चिट्ठी भी नहीं लिख सकेंगीं। शिक्षा का उद्देश्य मनुष्य के व्यक्तित्व के सम्पूर्ण विकास का होता है। AI व्यक्ति को दिमागी विकलांगता की तरफ ले जाएगी। इस से बचने की आवश्यकता है। आंख बंद करके पश्चिम की नकल करना आत्मघाती कदम है।
यूजर्स की मिली-जुली प्रतिक्रियाएंराम गोपाल यादव के इस ट्वीट पर सोशल मीडिया यूजर्स ने अलग-अलग राय जाहिर की हैं। कुछ ने उनके विचारों से सहमति जताई, जबकि कई ने इसे पुरानी सोच करार दिया।

  • प्रोफेसर सतीश पांडे ने लिखा: “मैं भी यही बात कई बार अपने विद्यार्थियों और साथियों से कहता रहा हूं। AI हमारी तार्किक क्षमता को कुंद कर रही है। हम कोई सवाल पूछते हैं और AI जवाब दे देता है। उसके बाद हम आगे सर्च ही नहीं करते क्योंकि पूरा जवाब सामने है। AI is killing our critical thinking।”
  • विकाश कुमार नाम के यूजर ने कहा: “AI का खतरा दिमाग़ को खत्म करना नहीं है। असली खतरा है- आलोचनात्मक सोच छोड़ देना। यदि आने वाली पीढ़ी सवाल पूछना बंद कर दे, तब समस्या है। लेकिन यदि वे AI को प्रयोगशाला की तरह इस्तेमाल करें, तो उनकी सोच हमारी पीढ़ी से अधिक जटिल हो सकती है। मुद्दा तकनीक नहीं, उसका प्रयोग है।”

समिट में AI के सकारात्मक प्रभावों पर चर्चा हो रही है, जहां भारत को इनोवेशन और इनक्लूसिव डेवलपमेंट के लिए सराहा जा रहा है, वहीं राम गोपाल यादव का बयान AI के संभावित नकारात्मक प्रभावों पर बहस छेड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि AI से बेरोजगारी का खतरा तो है, लेकिन सही स्किलिंग और रेगुलेशन से इसे संतुलित किया जा सकता है।यह बयान राजनीतिक और तकनीकी बहस दोनों को हवा दे रहा है, और आने वाले दिनों में इस पर और चर्चा होने की संभावना है।

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