इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026: फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने PM मोदी से 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन करने का आह्वान किया
मैक्रों ने अपने संबोधन में कहा, “बच्चों और किशोरों की सुरक्षा कोई नियम नहीं, बल्कि सभ्यता है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री मोदी भी इस पहल में शामिल होंगे। फ्रांस में 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया एक्सेस पर प्रतिबंध लगाने का कानून पारित हो चुका है, और यह G7 की प्राथमिकता में AI से बच्चों की सुरक्षा को शामिल किया गया है। मैक्रों ने बताया कि स्पेन भी इसी तरह का कदम उठाने जा रहा है।
मैक्रों ने भारत के डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, “10 साल पहले मुंबई में एक स्ट्रीट वेंडर अपना बैंक खाता नहीं खोल सकता था, लेकिन आज वही वेंडर फोन से पेमेंट लेता है। भारत ने ऐसा कुछ बनाया है जो दुनिया के किसी अन्य देश ने नहीं किया।” उन्होंने गिनाए भारत के प्रमुख डिजिटल उपलब्धियां:
- 1.4 अरब लोगों के लिए डिजिटल पहचान (आधार)।
- एक पेमेंट सिस्टम जो हर महीने 20 अरब लेन-देन करता है (UPI)।
- 50 करोड़ डिजिटल स्वास्थ्य आईडी जारी की गई हैं।
विभाजन के बजाय जोड़ने पर फोकस
मैक्रों ने वैश्विक चुनौतियों के बीच एकजुटता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “जब तनाव बढ़ रहा है, तब हमारे सभी डिजिटल टूल्स को समावेशी दृष्टिकोण की ओर निर्देशित करने की जरूरत है, ताकि हम भारत के साथ-साथ अफ्रीकी महाद्वीप में भी मजबूत हो सकें। आइए हम विभाजन के बजाय जोड़ने, विनाश के बजाय सृजन और लेने के बजाय साझा करने पर फोकस करें।”उन्होंने आगे कहा कि वे फ्रांस की G7 अध्यक्षता का इस्तेमाल इस दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए करेंगे। भारत भी अपनी ब्रिक्स अध्यक्षता के जरिए ऐसा ही करेगा। मैक्रों ने जोर दिया कि कोई भी देश केवल बाजार नहीं बन सकता जहां विदेशी कंपनियां मॉडल बेचें और नागरिकों का डेटा डाउनलोड करें।यह समिट भारत में AI के भविष्य, नैतिकता और समावेशी विकास पर वैश्विक चर्चा का प्रमुख मंच साबित हो रहा है, जहां मैक्रों के बयान ने बच्चों की डिजिटल सुरक्षा को नई बहस का विषय बना दिया है।