महाशिवरात्रि 2026: उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में भव्य भस्म आरती, 44 घंटे खुले रहेंगे पट, 10 लाख श्रद्धालुओं की उम्मीद
उज्जैन/नई दिल्ली: महाशिवरात्रि का पावन पर्व आज (15 फरवरी 2026) पूरे देश में धूमधाम से मनाया जा रहा है। देश भर के शिव मंदिरों और शिवालयों में ‘बम-बम भोले’ और ‘हर हर महादेव’ के जयकारों से गूंज रही है। काशी विश्वनाथ से लेकर उज्जैन के महाकालेश्वर तक भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है।
उज्जैन में बाबा महाकाल की नगरी में महाशिवरात्रि का विशेष महत्व है। यहां तड़के करीब 3 बजे विशेष पंचामृत अभिषेक और विश्व प्रसिद्ध भस्म आरती संपन्न हुई। भक्तों ने दूर-दूर से पहुंचकर इस अलौकिक आरती में शामिल होकर बाबा महाकाल के दर्शन किए। आरती के दौरान झांझ-मंजीरे, ढोल-नगाड़े और शंखनाद के साथ भक्ति की लहर दौड़ गई।
44 घंटे तक निर्बाध दर्शन, 10 लाख श्रद्धालु पहुंचने की संभावनामहाकालेश्वर मंदिर के पट तड़के खुले होने के बाद लगातार 44 घंटे तक खुले रहेंगे। मंदिर प्रशासन का अनुमान है कि इस दौरान करीब 10 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचेंगे। भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।आरती से पहले बाबा महाकाल को पंचामृत (दूध, दही, घी, शक्कर और शहद) से स्नान कराया गया। इसके बाद चंदन का लेप, सुगंधित द्रव्य और उनकी प्रिय विजया (भांग) से श्रृंगार किया गया। फिर श्वेत वस्त्र पहनाकर भस्म लगाई गई, जिसके बाद भव्य भस्म आरती हुई।
महाशिवरात्रि पर दोपहर की विशेष भस्म आरतीफाल्गुन माह में उज्जैन में शिव नवरात्रि महोत्सव चल रहा है, जिसमें 9 दिनों तक बाबा महाकाल को दूल्हे के रूप में सजाया जाता है। विभिन्न शृंगारों के बाद महाशिवरात्रि पर विवाह की धूम रहती है। अगले दिन (16 फरवरी) दोपहर में साल में एक बार विशेष दोपहर की भस्म आरती होगी। इस दौरान सजे हुए बाबा का सेहरा प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है। भक्त इन पुष्पों और सामग्री को घर ले जाते हैं, मान्यता है कि इससे वर्ष भर सुख-शांति, धन-धान्य की प्राप्ति होती है।
दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग का अनोखा महत्वउज्जैन का महाकालेश्वर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और यहां भगवान शिव दक्षिणमुखी रूप में विराजमान हैं। यह एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग है। शहर की हर गली-नुक्कड़ में महाकाल की भक्ति छाई रहती है। नित्य भस्म चढ़ाने की परंपरा यहां सदियों से चली आ रही है।
देश भर में महाशिवरात्रि पर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और रात्रि जागरण हो रहा है। भक्त व्रत रखकर, शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र चढ़ाकर महादेव का आशीर्वाद ले रहे हैं। ‘हर हर महादेव’ के नारे से पूरा वातावरण शिवमय हो उठा है।
भक्तों से अपील है कि भीड़भाड़ वाली जगहों पर सतर्क रहें और मंदिर की गाइडलाइंस का पालन करें। जय भोलेनाथ! जय महाकाल!