वाराणसी कचहरी को बम से उड़ाने की धमकी: जिला जज के ई-मेल पर आतंकी संदेश से मचा हड़कंप, परिसर खाली कराकर सघन तलाशी अभियान जारी
वाराणसी: धर्म नगरी काशी में आज उस समय अफरा-तफरी और दहशत का माहौल पैदा हो गया, जब वाराणसी जिला न्यायालय परिसर को बम से उड़ाने की सनसनीखेज धमकी मिली। यह धमकी किसी अज्ञात व्यक्ति या संगठन द्वारा सीधे जिला जज के आधिकारिक ई-मेल आईडी पर भेजी गई है। ई-मेल मिलने की सूचना जैसे ही प्रशासनिक और पुलिस गलियारों में फैली, पूरे जिले में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया। कचहरी परिसर में मौजूद हजारों अधिवक्ताओं, वादकारियों और कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया और आनन-फानन में सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने की कवायद शुरू कर दी गई।
धमकी भरे संदेश की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई की। रात के करीब 1:30 बजे ई-मेल के माध्यम से यह धमकी भरा संदेश प्राप्त होने की जानकारी सामने आई है। इस संदेश में कथित तौर पर आतंकवादी संगठनों का नाम लेते हुए दोपहर के समय कचहरी परिसर में विस्फोट करने की चेतावनी दी गई थी। जैसे ही जिला जज को इस ई-मेल की जानकारी हुई, उन्होंने तुरंत सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए पुलिस विभाग को सूचित किया और दोनों बार एसोसिएशनों के पदाधिकारियों के साथ एक आपातकालीन बैठक बुलाई।
सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेमप्रकाश सिंह गौतम ने इस घटनाक्रम के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि जिला जज ने दोनों बार के अध्यक्ष और महामंत्री को अपने चेंबर में बुलाया और स्थिति की गंभीरता से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि ई-मेल में स्पष्ट रूप से डेढ़ बजे के आसपास कचहरी को उड़ाने की धमकी दी गई थी। इस सूचना के बाद अधिवक्ताओं और बार पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि मानव जीवन की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए तत्काल प्रभाव से न्यायिक कार्यों को स्थगित कर दिया गया। सभी मामलों में अगली तारीखें तय कर दी गई हैं और पूरे परिसर को खाली करने का अनुरोध किया गया है ताकि सुरक्षा एजेंसियां अपना काम निर्बाध रूप से कर सकें।
सुरक्षा के मोर्चे पर, वरुणा जोन के डीसीपी प्रमोद कुमार और कैंट इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करते हुए बम निरोधक दस्ता (BDS) और डॉग स्क्वायड की कई टीमें कचहरी परिसर के चप्पे-चप्पे की खाक छान रही हैं। कचहरी के मुख्य द्वारों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सघन तलाशी ली जा रही है। संदिग्ध पाए जाने वाले वाहनों और सामानों को कब्जे में लेकर उनकी बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहते, इसलिए हर छोटे-बड़े सुराग पर पैनी नजर रखी जा रही है।
न केवल पुलिस, बल्कि अधिवक्ता समाज ने भी सुरक्षा व्यवस्था में अपना सक्रिय सहयोग दिया है। कई अधिवक्ताओं ने अपने स्तर से चैंबरों और आसपास के संदिग्ध सामानों की जांच शुरू कर दी है ताकि कोई भी लावारिस वस्तु छुपी न रह जाए। कचहरी परिसर में गहमागहमी का माहौल बना हुआ है और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं। पुलिस की एक टीम कचहरी के सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाल रही है ताकि हाल के घंटों में हुई किसी भी संदिग्ध गतिविधि की पहचान की जा सके।
उधर, इस पूरे मामले की डिजिटल जांच के लिए साइबर सेल की टीम को तैनात कर दिया गया है। साइबर विशेषज्ञ उस ई-मेल के आईपी एड्रेस (IP Address) और ओरिजिन को ट्रैक करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे यह धमकी भेजी गई थी। प्रारंभिक जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि यह किसी शरारती तत्व की हरकत है या इसके पीछे वास्तव में कोई आतंकी साजिश छिपी है। वाराणसी पुलिस ने आम जनता और कचहरी परिसर में आने वाले लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति को देखते ही तुरंत पुलिस को सूचित करें।
वाराणसी कचहरी पूर्व में भी आतंकी निशाने पर रही है, जिसे देखते हुए इस धमकी को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। फिलहाल, सुरक्षा बल पूरे परिसर को सुरक्षित करने में जुटे हैं और साइबर सेल की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है ताकि धमकी देने वाले शख्स तक पहुँचा जा सके। समाचार लिखे जाने तक कचहरी परिसर में तलाशी अभियान जारी है और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद बनी हुई है।