शारदीय कांवड़ मेला 2026: हरिद्वार में कल से लागू होगा भारी ट्रैफिक डायवर्जन, नजीबाबाद मार्ग पर भारी वाहनों की नो-एंट्री
हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार में आगामी शारदीय कांवड़ मेले के मद्देनजर जिला पुलिस और प्रशासन ने कमर कस ली है। लाखों की संख्या में उमड़ने वाले शिवभक्तों की भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस विभाग ने एक व्यापक ‘यातायात रूट डायवर्जन प्लान’ जारी किया है। यह नया यातायात नियम कल, 5 फरवरी की सुबह 8 बजे से प्रभावी हो जाएगा और 15 फरवरी की रात 12 बजे तक लागू रहेगा। इस अवधि के दौरान हरिद्वार-नजीबाबाद मार्ग सहित शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मेले के दौरान यातायात योजना का सख्ती से पालन कराया जाए ताकि श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को न्यूनतम असुविधा हो।
भारी वाहनों के लिए रास्तों में बड़ा बदलाव
मेले के दौरान सड़कों पर दबाव कम करने के लिए पुलिस ने भारी वाहनों के प्रवेश पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। मुख्य रूप से हरिद्वार-नजीबाबाद मार्ग पर भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। ऐसे वाहन जो सिडकुल, देहरादून या ऋषिकेश की ओर से आ रहे हैं और जिन्हें बिजनौर, मुरादाबाद या नैनीताल की दिशा में जाना है, उन्हें अब एक लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना होगा। ये वाहन हरिद्वार से रुड़की और फिर मुजफ्फरनगर होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे। यही मार्ग वापसी के लिए भी निर्धारित किया गया है।
हालांकि, आम जनता की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को कुछ राहत दी गई है। खाद्य सामग्री, पेट्रोलियम पदार्थ, रसोई गैस और मेडिकल सप्लाई ले जाने वाले वाहनों को हरिद्वार से नजीबाबाद और मुरादाबाद की ओर जाने की अनुमति होगी, लेकिन इसके लिए समय सीमा निर्धारित की गई है। ये वाहन केवल रात 11 बजे से सुबह 4 बजे के बीच ही इन मार्गों का उपयोग कर सकेंगे।
रोडवेज और निजी बसों के लिए तय हुए नए मार्ग
सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए रोडवेज बसों के मार्गों में भी फेरबदल किया गया है। देहरादून, ऋषिकेश और हरिद्वार से बिजनौर या नैनीताल की ओर जाने वाली उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड रोडवेज की बसें अब लाडपुर से नहर पटरी होते हुए संचालित होंगी। वापसी के समय, बिजनौर और नजीबाबाद से हरिद्वार आने वाली बसों को गंगा बैराज, मोन्टी तिराहा (मीरापुर) और मुजफ्फरनगर के रास्ते भेजा जाएगा। कोटद्वार से हरिद्वार के बीच चलने वाली निजी बसों के मार्ग में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है, वे अपने पुराने निर्धारित रूट पर ही चलती रहेंगी।
रुड़की-लक्सर मार्ग पर पूर्ण प्रतिबंध और पार्किंग व्यवस्था
पुलिस ने रुड़की से लक्सर और बालावाली मार्ग को लेकर सबसे कड़ा रुख अपनाया है। इस मार्ग पर भारी और मध्यम श्रेणी के सभी वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद रहेगा। एसएसपी ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति की मांग हुई तो हल्के वाहनों के आवागमन पर भी अस्थायी रोक लगाई जा सकती है।
श्रद्धालुओं की गाड़ियों के लिए पार्किंग के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। नजीबाबाद की ओर से आने वाले छोटे निजी वाहनों को चिड़ियापुर और श्यामपुर से होते हुए चंडी चौकी, दीनदयाल, पंतद्वीप और चमगादड़ टापू जैसी पार्किंगों में भेजा जाएगा। कांवड़ यात्रियों के वाहनों के लिए विशेष रूप से गौरीशंकर और नीलधारा पार्किंग आरक्षित की गई है। दिल्ली, मेरठ और मुजफ्फरनगर की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहन नारसन और मंगलौर होते हुए अलकनंदा और पंतद्वीप पार्किंग में खड़े किए जाएंगे। यदि भीड़ का दबाव अत्यधिक बढ़ जाता है, तो सुरक्षित विकल्प के रूप में बैरागी कैंप पार्किंग का उपयोग किया जाएगा।
पंजाब, हरियाणा और देहरादून से आने वालों के लिए निर्देश
सहारनपुर के रास्ते पंजाब और हरियाणा से आने वाले श्रद्धालुओं को भगवानपुर, सालियर और बिजौली चौक होते हुए एनएच-344 से हरिद्वार में प्रवेश दिया जाएगा। इनके वाहनों को शंकराचार्य चौक से होते हुए पंतद्वीप और चमगादड़ टापू मैदान की ओर भेजा जाएगा। वहीं, देहरादून और ऋषिकेश से आने वाले सैलानी और श्रद्धालु नेपाली फार्म और रायवाला होते हुए दूधाधारी तिराहा पहुंचेंगे, जहाँ से उन्हें सर्वानंद घाट और लालजीवाला मैदान पार्किंग की ओर डायवर्ट किया जाएगा। ऋषिकेश से हरिद्वार आने के लिए चीला मार्ग पर ‘वन-वे’ व्यवस्था लागू की गई है, यानी इस मार्ग का उपयोग केवल हरिद्वार आने के लिए ही किया जा सकेगा।
‘जीरो जोन’ और स्थानीय यातायात पर पाबंदियां
हरकी पैड़ी और उसके आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए पुलिस ने ‘जीरो जोन’ घोषित किया है। पोस्ट ऑफिस तिराहा से हरकी पैड़ी और भीमगोड़ा बैरियर से हरकी पैड़ी तक किसी भी प्रकार के वाहन का प्रवेश वर्जित रहेगा। इसके अलावा, शिवमूर्ति से देवपुरा चौक तक विभिन्न मार्गों पर केवल एक तरफा यातायात (वन-वे) की अनुमति होगी।
शहर के भीतर चलने वाले ऑटो, विक्रम और ई-रिक्शा पर भी कड़े अंकुश लगाए गए हैं। भीड़ बढ़ने की स्थिति में चंडी चौक, शिवमूर्ति, तुलसी चौक और बिल्केश्वर तिराहे से आगे इन वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। ज्वालापुर, कनखल और जगजीतपुर जैसे क्षेत्रों से आने वाले ई-रिक्शा को निर्धारित तिराहों से ही वापस लौटा दिया जाएगा।
पुलिस प्रशासन ने अपील की है कि सभी नागरिक और श्रद्धालु इस रूट प्लान का सहयोग करें। जगह-जगह पर साइन बोर्ड लगाए गए हैं और सोशल मीडिया के माध्यम से भी रूट की जानकारी साझा की जा रही है। मेले की अवधि के दौरान हरिद्वार पुलिस की सोशल मीडिया सेल और गूगल मैप्स पर भी अपडेटेड रूट की जानकारी उपलब्ध रहेगी।