• January 31, 2026

असम की जनसांख्यिकी पर अमित शाह का बड़ा प्रहार: ‘कांग्रेस के समय बढ़े घुसपैठिए, भाजपा पलटेगी यह ट्रेंड’

धेमाजी/गुवाहाटी: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम की डेमोग्राफी (जनसांख्यिकी) में आए बदलावों को लेकर कांग्रेस पार्टी पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। शुक्रवार को धेमाजी जिले के करेंग चापोरी में आयोजित ’10वें मिसिंग यूथ फेस्टिवल’ (टकम मिसिंग पोरिन केबांग) के समापन समारोह को संबोधित करते हुए शाह ने दावा किया कि कांग्रेस के दशकों लंबे शासनकाल के दौरान असम की सामाजिक और जनसांख्यिकीय संरचना के साथ खिलवाड़ किया गया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार अब इस खतरनाक प्रवृत्ति को पलटने के लिए निर्णायक और ठोस कदम उठा रही है।

अमित शाह ने जनसभा को संबोधित करते हुए बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में वोट बैंक की राजनीति के चलते अवैध घुसपैठ को बढ़ावा दिया गया, जिसका परिणाम यह हुआ कि राज्य की जनसांख्यिकीय संरचना पूरी तरह से बदल गई। गृह मंत्री ने आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि कांग्रेस के समय में घुसपैठियों की संख्या जो कभी नगण्य थी, वह बढ़कर 64 लाख तक पहुंच गई। उन्होंने आगे कहा कि स्थिति इतनी विकट हो चुकी है कि असम के सात जिले अब ऐसे हैं जहां घुसपैठिए बहुमत में आ चुके हैं। शाह के अनुसार, यह केवल संख्या का खेल नहीं है, बल्कि यह असम की मूल संस्कृति और पहचान के लिए एक अस्तित्वगत संकट है।

गृह मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के कार्यकाल की उपलब्धियों का बखान करते हुए बताया कि राज्य में लगातार दो भाजपा सरकारों ने घुसपैठ और अतिक्रमण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। उन्होंने जानकारी दी कि पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने साहस दिखाते हुए घुसपैठियों द्वारा अवैध रूप से कब्जा की गई लगभग 1.26 लाख एकड़ भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार असम की खोई हुई जमीन और गौरव को वापस दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है और बदले हुए डेमोग्राफिक ट्रेंड को पलटने के लिए कई स्तरों पर रणनीति बनाकर काम कर रही है।

आगामी विधानसभा चुनावों की आहट के बीच अमित शाह ने असम की जनता से भाजपा को लगातार तीसरी बार सत्ता में लाने की अपील की। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर असम को घुसपैठ की समस्या से पूरी तरह मुक्त करना है और राज्य की सुरक्षा सुनिश्चित करनी है, तो भाजपा का तीसरा कार्यकाल अनिवार्य है। उन्होंने जनता से मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के हाथों को मजबूत करने का आह्वान किया ताकि अतिक्रमण और घुसपैठ विरोधी अभियानों को और अधिक गति दी जा सके।

अपने संबोधन के दौरान अमित शाह ने मिसिंग समुदाय की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि ऊपरी असम में घुसपैठ को रोकने में इस समुदाय का योगदान अतुलनीय है। शाह ने मिसिंग समुदाय की मेहनतकश जीवनशैली और अपनी परंपराओं के प्रति उनके जुड़ाव को सबसे बड़ी ढाल बताया। उन्होंने कहा कि इसी कड़ी मेहनत के कारण घुसपैठिए इस विशिष्ट क्षेत्र में अपने पैर नहीं जमा पाए। गृह मंत्री ने समुदाय के युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि घुसपैठ रोकने के लिए हमेशा हथियार उठाने की जरूरत नहीं होती, बल्कि अपनी संस्कृति के प्रति गौरव और आपकी सक्रिय जीवनशैली ही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।

इसके साथ ही, उन्होंने कांग्रेस पर आदिवासी समुदायों की उपेक्षा करने का भी आरोप लगाया। शाह ने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान राज्य के कई आदिवासी समाजों को अपनी पहचान और अस्तित्व बचाने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने आश्वासन दिया कि मोदी सरकार मिसिंग समुदाय सहित अन्य आदिवासी समाजों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त वार्ताकार के माध्यम से इन समुदायों की चिंताओं और मांगों के समाधान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम किया जा रहा है।

इस समारोह में गृह मंत्री का भाषण स्पष्ट रूप से असम की भावी राजनीति की दिशा तय करने वाला रहा। एक तरफ जहां उन्होंने विकास और पहचान की रक्षा का वादा किया, वहीं दूसरी तरफ घुसपैठ को एक बड़ा चुनावी और राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बनाकर कांग्रेस को कटघरे में खड़ा कर दिया। धेमाजी की इस सभा के माध्यम से अमित शाह ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि भाजपा सरकार असम की अस्मिता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी और घुसपैठ के खिलाफ शुरू किया गया यह अभियान अभी और कड़ा होने वाला है।

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