• January 19, 2026

दिल्ली-एनसीआर में कोहरे का ‘सफेद आपातकाल’: दृश्यता शून्य होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त, ठंड ने तोड़े रिकॉर्ड

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली और समूचा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) गुरुवार सुबह एक बार फिर ‘सफेद आपातकाल’ जैसी स्थिति का सामना कर रहा है। घने से अत्यंत घने कोहरे की एक मोटी चादर ने पूरी दिल्ली को अपनी आगोश में ले लिया है, जिससे महानगर की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है। आलम यह है कि अक्षरधाम मंदिर, इंडिया गेट और कर्तव्य पथ जैसे प्रमुख स्थल कोहरे के कारण पूरी तरह ओझल हो गए हैं। दृश्यता (विजिबिलिटी) के स्तर में आई भारी गिरावट ने न केवल सड़क यातायात को प्रभावित किया है, बल्कि रेल और हवाई सेवाओं को भी बुरी तरह चरमरा दिया है।

मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक कोहरे और कड़ाके की ठंड का यह सितम जारी रहने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों को बेवजह घरों से बाहर न निकलने और वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में गलन वाली ठंड ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है, जिससे जनजीवन पूरी तरह ठिठुर गया है।

इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विमान सेवाओं पर संकट

दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर कोहरे का सबसे व्यापक असर देखने को मिल रहा है। गुरुवार तड़के से ही विजिबिलिटी घटकर 50 मीटर से भी कम रह गई, जिसके कारण दर्जनों राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में देरी हुई है। हवाई अड्डा प्रशासन ने बताया कि हालांकि ऑपरेशंस ‘सीएटी III’ (CAT III) लो विजिबिलिटी प्रोसीजर के तहत संचालित किए जा रहे हैं, लेकिन बेहद कम दृश्यता के कारण कई विमानों को रनवे पर उतरने और उड़ान भरने में काफी इंतजार करना पड़ रहा है।

सैकड़ों यात्री हवाई अड्डे पर फंसे हुए हैं, क्योंकि कई एयरलाइंस ने अपनी उड़ानों के समय में बदलाव किया है और कुछ को रद्द भी करना पड़ा है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है कि वे घर से निकलने से पहले संबंधित एयरलाइन की वेबसाइट या हेल्पलाइन नंबर के जरिए अपनी फ्लाइट का लेटेस्ट स्टेटस जरूर चेक कर लें। घने कोहरे के कारण पायलटों को रनवे देखने में भारी कठिनाई हो रही है, जिससे सुरक्षा कारणों से परिचालन धीमा कर दिया गया है।

दिल्ली-एनसीआर में कड़ाके की ठंड और न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट

पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं और कोहरे के मेल ने दिल्ली-एनसीआर में ठंड को जानलेवा स्तर पर पहुंचा दिया है। बुधवार और गुरुवार की सुबह दिल्ली में न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से काफी कम है। धूप निकलने के बावजूद हवा में मौजूद नमी और ठिठुरन के कारण गलन कम होने का नाम नहीं ले रही है।

एनसीआर के अन्य शहरों की स्थिति और भी गंभीर है। गुरुग्राम (गुड़गांव) में न्यूनतम तापमान 0.8 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जिससे यह क्षेत्र इस सीजन का सबसे ठंडा स्थान बनकर उभरा है। नोएडा में पारा 2.0 डिग्री, गाजियाबाद में 4.8 डिग्री और फरीदाबाद में 4.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इतनी भीषण ठंड और कोहरे के कारण स्कूलों के समय में परिवर्तन किया गया है और कई जगहों पर अलाव ही लोगों का एकमात्र सहारा बने हुए हैं।

गुरुग्राम में कोहरे का कहर और शून्य विजिबिलिटी की स्थिति

गुरुग्राम में गुरुवार की सुबह किसी दुःस्वप्न से कम नहीं रही। शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में कोहरा इतना गहरा था कि 50 मीटर की दूरी पर स्थित चीजें भी दिखाई नहीं दे रही थीं। एक्सप्रेस-वे और प्रमुख सड़कों पर दृश्यता शून्य के करीब पहुंच गई, जिसके कारण सुबह के समय ऑफिस जाने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

सड़कों पर वाहन रेंगते हुए नजर आए। ड्राइवरों को अपनी गाड़ियों की हेडलाइट्स और फॉग लाइट्स जलाकर बहुत धीमी गति से चलना पड़ा, जिससे शहर के प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो गई। खासकर सोहना रोड और दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेस-वे पर यातायात काफी धीमा रहा। पुलिस ने दुर्घटनाओं से बचने के लिए जगह-जगह गश्त बढ़ा दी है और वाहन चालकों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की हिदायत दी जा रही है।

फरीदाबाद और नोएडा में यातायात पर कोहरे का प्रहार

फरीदाबाद में पिछले दो-तीन दिनों तक मौसम साफ रहने के बाद बुधवार और गुरुवार को अचानक कोहरे की वापसी ने सबको चौंका दिया। अचानक बढ़े कोहरे के कारण सबसे ज्यादा परेशानी दोपहिया वाहन चालकों को हो रही है। ठंडी हवाओं और कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम होने से दुर्घटनाओं का अंदेशा बढ़ गया है।

यही हाल नोएडा और ग्रेटर नोएडा का भी है, जहाँ ऊंची इमारतों के कारण कोहरा और भी घना महसूस हो रहा है। यमुना एक्सप्रेस-वे और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की रफ्तार काफी कम कर दी गई है। प्रशासन ने कोहरे के दौरान सड़क हादसों को रोकने के लिए भारी वाहनों के प्रवेश पर भी कुछ प्रतिबंधात्मक कदम उठाए हैं। सड़कों पर तैनात पुलिसकर्मी लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को संभलकर चलने का अनुरोध कर रहे हैं।

रेल यातायात पर ब्रेक और यात्रियों की बढ़ती मुसीबतें

कोहरे का असर केवल सड़कों और आसमान तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय रेल भी इसकी चपेट में है। दिल्ली आने वाली और यहाँ से गुजरने वाली दर्जनों लंबी दूरी की ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 5 से 10 घंटे की देरी से चल रही हैं। उत्तर रेलवे के अनुसार, उत्तर भारत के बड़े हिस्से में घना कोहरा होने के कारण लोको पायलटों को सिग्नल देखने में परेशानी हो रही है, जिसके चलते सुरक्षा की दृष्टि से ट्रेनों की गति सीमा कम कर दी गई है।

रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ देखी जा रही है, जो कड़ाके की ठंड में घंटों अपनी ट्रेन का इंतजार करने को मजबूर हैं। वेटिंग रूम्स और प्लेटफॉर्म्स पर यात्रियों को इस गलन भरी ठंड से बचने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। रेलवे ने हेल्पलाइन नंबर और पूछताछ केंद्रों पर अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया है ताकि यात्रियों को समय पर जानकारी मिल सके।

निष्कर्ष: स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए सावधानी जरूरी

मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले 48 घंटों तक दिल्ली-एनसीआर में इसी तरह का घना कोहरा और शीत लहर का प्रकोप जारी रहेगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस मौसम में विशेषकर बुजुर्गों और बच्चों को सावधान रहने की सलाह दी है। कोहरे के साथ बढ़ता प्रदूषण स्तर सांस के मरीजों के लिए भी घातक साबित हो सकता है।

प्रशासन और पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सड़कों पर सावधानी बरतें, फॉग लैंप का उपयोग करें और किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें। जब तक कोहरे की यह सफेद चादर नहीं छंटती, तब तक राजधानी की रफ्तार इसी तरह सुस्त रहने की संभावना है।

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