तुर्कमान गेट हिंसा: पत्थरबाजी मामले में गिरफ्तारियां तेज, तीस हजारी कोर्ट में सुनवाई टली और सुरक्षा के साये में जुमे की नमाज
नई दिल्ली: मध्य दिल्ली का ऐतिहासिक तुर्कमान गेट इलाका पिछले कुछ दिनों से तनाव और कानूनी हलचल का केंद्र बना हुआ है। मंगलवार रात अवैध अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई हिंसक झड़प और पुलिस पर पथराव के मामले में दिल्ली पुलिस ने अपनी जांच की रफ्तार तेज कर दी है। एक तरफ जहां गिरफ्तारियों का सिलसिला जारी है, वहीं दूसरी तरफ शुक्रवार को तीस हजारी कोर्ट में आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई हुई। फिलहाल, इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
अतिक्रमण विरोधी अभियान और हिंसा का सूत्रपात
हिंसा की यह घटना मंगलवार देर रात उस समय शुरू हुई जब स्थानीय प्रशासन और दिल्ली पुलिस की टीम तुर्कमान गेट स्थित दरगाह फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास से अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रही थी। पुलिस के अनुसार, जैसे ही अभियान शुरू हुआ, वहां मौजूद भीड़ ने विरोध करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते करीब 150 से 200 उपद्रवियों की भीड़ ने पुलिस बल को निशाना बनाया और उन पर पथराव शुरू कर दिया।
इस अचानक हुए हमले में क्षेत्र के थाना प्रभारी (SHO) सहित पांच पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उपद्रवियों ने इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया, जिसके बाद पुलिस को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। पुलिस ने इसे एक सुनियोजित साजिश और सरकारी काम में बाधा डालने का मामला मानते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
पुलिसिया कार्रवाई: 12 लोग गिरफ्तार और 50 से अधिक की पहचान
घटना के बाद से ही दिल्ली पुलिस के विशेष दस्ते और स्थानीय पुलिस की टीमें सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर उपद्रवियों की पहचान करने में जुटी हुई हैं। अब तक इस मामले में कुल 12 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस ने हाल ही में मोहम्मद इमरान (36) नाम के एक और मुख्य आरोपी को दबोचा है।
इससे पहले गुरुवार को पुलिस ने अफान, आदिल, शाहनवाज, हमजा, अतहर और उबैद सहित छह अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है, जिसे बाल सुधार गृह भेजा गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने अब तक 50 से अधिक शरारती तत्वों की पहचान कर ली है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या भीड़ को भड़काने के पीछे किसी संगठन या बाहरी तत्व का हाथ था।
तीस हजारी कोर्ट में कानूनी प्रक्रिया और जमानत पर सुनवाई
कानूनी मोर्चे पर, शुक्रवार को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में इस हिंसा से जुड़े पांच आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। इससे एक दिन पहले ही कोर्ट ने इन पांचों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया था। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकीलों ने जमानत की मांग की, लेकिन कोर्ट ने फिलहाल कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया।
अदालत ने मामले की गंभीरता और पुलिस द्वारा पेश किए गए प्रारंभिक सबूतों को देखते हुए जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए 13 जनवरी की अगली तारीख तय की है। तब तक ये पांचों आरोपी जेल में ही रहेंगे। पुलिस की ओर से कोर्ट में यह दलील दी गई कि आरोपियों को जमानत मिलने से इलाके की शांति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है और वे सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं।
सुरक्षा के साये में जुमे की नमाज: मस्जिद पर भारी फोर्स तैनात
हिंसा की घटना के बाद यह पहला शुक्रवार (जुमा) था, जिसे लेकर दिल्ली पुलिस पूरी तरह अलर्ट पर थी। तुर्कमान गेट और दरगाह फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए थे। चप्पे-चप्पे पर अर्धसैनिक बलों और दिल्ली पुलिस के जवानों की तैनाती की गई ताकि जुमे की नमाज के दौरान कोई अप्रिय घटना न हो।
पुलिस प्रशासन ने स्थानीय बुजुर्गों और धर्मगुरुओं के साथ पहले ही संवाद स्थापित किया था, जिसका सकारात्मक असर देखने को मिला। शुक्रवार को नमाज शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। बताया गया कि मस्जिद में करीब 30 से 35 लोगों ने नमाज अदा की। पूरे समय पुलिस के आला अधिकारी ड्रोन और पैदल गश्त के जरिए इलाके की निगरानी करते रहे। नमाज के बाद भी सुरक्षा बलों को तैनात रखा गया है ताकि किसी भी तरह के अफवाह या तनाव को तुरंत रोका जा सके।
शांति बहाली की कोशिशें और प्रशासनिक रुख
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अतिक्रमण हटाओ अभियान कानून के दायरे में था और भविष्य में भी अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस ने स्थानीय निवासियों से शांति बनाए रखने और कानून को हाथ में न लेने की अपील की है। साथ ही, यह चेतावनी भी दी गई है कि जो लोग सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट साझा करेंगे या अफवाह फैलाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, तुर्कमान गेट इलाके में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियातन पुलिस की मौजूदगी बनी हुई है।