‘उद्धवजी यूं ही जहर उगलते रहिए, आपका जीवन इसी में बीतेगा’, उद्धव ठाकरे को चंद्रशेखर बावनकुले का जवाब
भारतीय जनता पार्टी की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने उद्धव ठाकरे पर पलटवार किया है। शिवसेना यूबीटी के मुखिया उद्धव ठाकरे ने गुरुवार को धूमधाम से शिवसेना स्थापना दिवस मनाया। इस दौरान उन्होंने बीजेपी और महायुति में शामिल अन्य दलों पर जमकर निशाना साधा था। उद्धव ठाकरे ने महायुति के लिए कहा था कि उन्हें अपने लिए नेता तक चुराने पड़ रहे हैं। अब बावनकुले ने उद्धव पर पलटवार किया है। बावनकुले ने कहा कि उद्धव हमेशा दावा करते हैं कि मुंबई उनकी है, लेकिन उन्होंने अब तक मुंबई के लिए क्या किया है।
चंद्रशेखर बावनकुले का पोस्ट
एक्स पर चंद्रशेखर बावनकुले ने लिखा “उद्धव ठाकरे का कल का भाषण दरअसल पराजय के डर से उगला गया एक लाचार प्रलाप था। जब जनाधार खत्म हो जाता है, तब शोर-शराबा बढ़ जाता है। कल उन्होंने ठीक वही किया। “शिवसेना खत्म नहीं हुई” ऐसा कहते हुए, उद्धवजी आपने खुद ‘सेना’ तो गंवा ही दी, साथ ही ‘शिव’ और ‘हिंदुत्व’ जैसे दो मजबूत स्तंभ भी छोड़ दिए और सोनिया गांधी के चरणों में नतमस्तक हो गए।
आदरणीय मोदीजी, अमित भाई और देवेंद्रजी पर व्यक्तिगत आरोप लगाना आसान है, लेकिन जब ये नेता देशभर और राज्यभर दौरे कर रहे थे, तब उद्धवजी मातोश्री से केवल ऑनलाइन भाषण दे रहे थे। यह महाराष्ट्र की जनता ने स्वयं देखा है। जो कहते हैं कि “मुंबई हमारी है”, उन्हें पहले ये बताना चाहिए कि मुंबई के मराठी नागरिकों के लिए उन्होंने क्या किया? जब महापालिका (नगर निगम) में सत्ता थी, तब उन्होंने झोपड़ पट्टियों, पानी की योजनाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर कुछ किया क्या?
मुंबई के लिए कोस्टल रोड, मेट्रो, क्लस्टर पुनर्विकास योजना, झोपड़पट्टी पुनर्वसन योजना, ये सब देवेंद्रजी की पहल से संभव हो पाईं, यह बात मुंबईकर अच्छी तरह जानते हैं। आप “मुंबई हमारी है” चिल्लाते रहिए, लेकिन जब बात विकास, सुरक्षा और सम्मान की आती है, तो मुंबई में भाजपा-महायुती का ही झंडा लहराना चाहिए, यही मुंबईकरों की सच्ची इच्छा है। उद्धवजी, आप यूं ही जहर उगलते रहिए, तंज कसते रहिए, व्यंग्य करते रहिए। आपका आगे का जीवन इसी में बीतेगा। जनसेवा और जनकल्याण के लिए दिल में एक तड़प चाहिए होती है, जो आपमें नहीं है। यह बात महाराष्ट्र की जनता पहले ही समझ चुकी है। अब आने वाले चुनावों में जनता इस पर मोहर भी लगाएगी।”
उद्धव ठाकरे ने क्या कहा था?
उद्धव ने पाकिस्तान के साथ सीजफायर के फैसले की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि भारतीय सेना के पैर बांध कर रखे गए हैं। उद्धव ने ऑपरेशन सिन्दूर को लेकर कहा- “इन्होंने नाम तो बड़ा अच्छा दिया लेकिन यह घर-घर जाकर सिंदूर बांटने वाले नहीं, भ्रष्टाचार फैलाने वाले हैं।” हिंदी बनाम मराठी के मुद्दे पर भी उद्धव ने कहा कि बीजेपी हिंदी को जबरदस्ती थोपने की कोशिश कर रही है। अगर हिंदी थोपने की सख्ती करनी है तो गुजरात में जाकर करो, ये महाराष्ट्र में नहीं चलने देंगे।