• January 3, 2026

जीविका से जुड़कर बैंक सखी के मुकाम तक पहुंची साजन कुमारी, अब खुद हो गई अपने ‘पैरों’ पर खड़े होने के काबिल

 जीविका से जुड़कर बैंक सखी के मुकाम तक पहुंची साजन कुमारी, अब खुद हो गई अपने ‘पैरों’ पर खड़े होने के काबिल

सरकार की ओर से ग्रामीण महिलाओं के उत्थान के लिए शुरू की गई ‘ जीविका ‘ ने संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं। ‘ जीविका ‘ के तहत इन दिनों ग्राहक सेवा केंद्र का सफलतापूर्वक संचालन कर महिलाएं समाज में सम्मान भी पा रही हैं। ऐसे ही ग्राहक सेवा केंद्र संचालन करने वाली जीविका दीदी बैंक सखी के नाम से जानी जाती हैं। ऐसी ही एक महिला है बेगूसराय सदर प्रखंड के रचियाही निवासी दिव्यांग साजन कुमारी।

वे दिव्यांग हैं लेकिन उन्होंने इसे कभी भी आड़े हाथों आने नहीं दिया। इंटर पास साजन कुमारी 2016 में जीविका से जुड़ी। सिलाई-कटाई का कार्य अपने घर पर शुरू किया। पैर की मशीन से सिलाई करने में कठिनाई थी। इसलिए उन्होंने हाथ की सिलाई मशीन से अपना कार्य शुरु किया। मुस्कान ग्राम संगठन एवं विजेता संकुल संघ से जुड़कर अपने घर की माली हालत में सुधार लाना प्रारंभ कर दिया। जीविका से विभिन्न स्तरों पर सहयोग एवं जानकारी के बाद साजन ने बैंक सखी के चयन प्रक्रिया के बारे में बता चला। सभी प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए उनका चयन आईडीएफसी बैंक के बैंक सखी के तौर कर लिया गया।

डिवाइस एवं फर्नीचर के लिए उन्हें आर्थिक मदद भी दी गई। नवम्बर 2021 में साजन ने अपने घर पर ग्राहक सेवा केंद्र का संचालन शुरू कर दिया। अभी वह ग्राहक सेवा केंद्र संचालन के साथ सिलाई-कटाई का कार्य भी कर रही हैं। दोनों कार्यों से साजन को सात से आठ हजार रुपए की कमाई हो जाती है। इससे उनके तीन बच्चों का लालन पालन और पढ़ाई भी पूरी हो रही हैं । साजन बताती है कि जब से ग्राहक सेवा केंद्र का संचालन प्रारंभ किया, तबसे समाज में मेरी एक नई पहचान स्थापित हुई। लोग मुझे सम्मान से देखते हैं और सम्मान देते हैं। समाज के बदले नजरिये से मुझे काफी अच्छा लगता है और गर्व भी महसूस होता है।

इन दिनों विभिन्न बैंकों के 143 ग्राहक सेवा केंद्र का संचालन सफलता पूर्वक जीविका दीदी द्वारा किया जा रहा है। इस वित्तीय वर्ष में 70 करोड़ से अधिक का लेन-देन किया है। इस योजना के तहत जीविका दीदी की चयन एवं प्रशिक्षण के बाद ग्राहक सेवा केंद्र के संचालन की जिम्मेदारी दी जाती है। अभी बछवाड़ा में 11, बखरी में नौ, बलिया में नौ, बरौनी में 13, बेगूसराय में 21, भगवानपुर में 12, वीरपुर में दस, छौड़ाही में पांच, डंडारी में तीन, गढ़पुरा में पांच, खोदावंदपुर में छह, मंसूरचक में पांच, मटिहानी में 13, तेघड़ा में 17, शाम्हो में दो, मटिहानी में 14 एवं साहेबपुर कमाल में एक ग्राहक सेवा केंद्र चल रहा है। ग्राहक सेवा केंद्र के माध्यम से बैंक सखी दीदी ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाएं जमा, निकासी, सरकारी योजनाएं, बीमा, पेंशन आदि की सुविधा उपलब्ध कराती हैं। ग्राहक सेवा केंद्र संचालक दीदी को उनके कार्य के बदले संबंधित बैंकों द्वारा एक निश्चित कमीशन दिया जाता है। औसतन दीदी को पांच हजार से पंद्रह हजार तक की आमदनी हो जाती है।

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