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नेपाल में चीनी नेताओं के दौरे बढ़े, सीपीसी की एक टीम 23 जुलाई को आएगी

नेपाल में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) नेताओं के दौरे बढ़ते जा रहे हैं। हर महीने सीसीपी नेता विभिन्न माध्यमों से नेपाल का दौरा कर रहे हैं। अब फिर सीपीसी की एक टीम 23 जुलाई को नेपाल का दौरा करने आ रही है। नेपाली संसद में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी माओवादी केंद्र सरकार का नेतृत्व कर रही है। इसके चलते सीपीसी की सक्रियता बढ़ गई है।

सीपीसी नेता तू ज़ियाओलिन के नेतृत्व में 12 जुलाई को एक टीम ने नेपाल का दौरा किया था। टीम ने चीनी बुनियादी ढांचा परियोजना बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) से संबंधित एक कार्यक्रम में भाग लिया।ज़ियाओलिन ने कहा कि बीआरआई नेपाल में पहले ही लागू हो चुका है, जबकि नेपाल सरकार कहती रही है कि इसे अभी तक लागू नहीं किया गया है। उन्होंने चीन के करीबी संगठन थिंक टैंक के साथ बैठक की।

सीपीसी के एशिया ब्यूरो के उप महानिदेशक सुमिन के नेतृत्व में 16 जून को एक टीम नेपाल आई। टीम ने प्रधान मंत्री प्रचंड, नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा, सीपीएन (यूएमएल) के अध्यक्ष केपी शर्मा ओली और नेपाल के प्रमुख नेताओं से मुलाकात की। पोखरा में 23 जून को आयोजित नेपाल चीन मैत्री ड्रैगन बोट रेस महोत्सव में भाग लेने के लिए चीनी नेताओं से लेकर खिलाड़ी तक आए। वे चार्टर्ड विमान से पोखरा उतरे और महोत्सव में भाग लिया।

सीपीसी सिचुआन प्रांत के सचिव वांग शियाओहुई के नेतृत्व में 30 मई को14 लोगों की एक टीम ने नेपाल का दौरा किया। टीम ने नेपाल के प्रधानमंत्री प्रचंड और माओवादी केंद्र के अन्य नेताओं से मुलाकात की। अब फिर सीपीसी की एक टीम 23 जुलाई को नेपाल का दौरा करने आ रही है। नेपाल में कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार के नेतृत्व के दौरान चीनी नेताओं के दौरे बढ़ने से चीन की गतिविधियां भी बढ़ी हैं।

अतीत में जब सीपीएन-यूएमएल और सीपीएन-माओवादी केंद्र में एकजुट थे, तब भी सीपीसी के उच्च स्तरीय नेताओं ने दौरा किया था। 2017 में सीपीसी नेता कुआ याचो के नेतृत्व में एक टीम नेपाल आई थी, तब यूएमएल और माओवादियों के बीच एकता की पहल हुई थी। टीम ने प्रचंड और ओली दोनों से मुलाकात की थी। इसके बाद एकता से सीपीएन का गठन हुआ था।

सीपीसी नेता कुआ याचो 20 21 में फिर से नेपाल आय थे। उन्होंने प्रचंड और ओली से मुलाकात की और सीपीएन के विभाजन को रोकने की कोशिश की, लेकिन असफल रहे। सीपीएन ने सीपीसी के साथ एक संयुक्त प्रशिक्षण भी आयोजित किया था। सीपीसी के अंतरराष्ट्रीय विभाग के प्रमुख टोंग साओ भी उस समय काठमांडू आए थे। शी जिनपिंग विचारधारा पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।

नेपाली संसद में कम्युनिस्ट पार्टियां दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। तीसरी सबसे बड़ी पार्टी माओवादी केंद्र सरकार का नेतृत्व कर रही है। इसके चलते सीपीसी की सक्रियता बढ़ गई है।

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