• January 2, 2026

समान नागरिक संहिता देश की जरूरत- प्रधानमंत्री मोदी

 समान नागरिक संहिता देश की जरूरत- प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को मुसलमानों से जुड़े मुद्दों- तीन तलाक, समान नागरिक संहिता और भेदभाव का सामना करने वाले पसमंदा मुसलमानों की स्थिति का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि वोट बैंक की राजनीति करने वाले नेताओं ने कभी मुसलमानों के हित की बात नहीं की। अगर वे उनके सच्चे हितैषी होते तो अधिकांश परिवारों में शिक्षा, रोजगार होता और उनका जीवन सुगम होता।

भोपाल में आयोजित ‘मेरा बूथ, सबसे मजबूत’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने एक बूथ कार्यकर्ता के सवाल के जवाब में समान नागरिक संहिता को लागू किए जाने की पुरजोर वकालत की। उन्होंने कहा कि परिवार में एक सदस्य के लिए अलग नियम और दूसरे के लिए दूसरा नियम नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता के नाम पर कुछ लोग मुसलमानों को भटकाने का काम कर रहे हैं। संविधान में ही समान अधिकारों की बात कही गई है। सुप्रीम कोर्ट भी बार बार समान नागरिक संहिता को लागू किए जाने के लिए सरकार से पूछ रहा है। एक देश की तरक्की के लिए सभी के लिए समान कानून जरूरी है।

प्रधानमंत्री ने मुसलमानों में पिछड़े वर्ग का मुद्दा उठाया और कहा कि मुसलमानों की छोटी छोटी जातियां के पसमंदा मुसलमान वोट बैंक की राजनीति के चलते आज भी मुश्किल से जीवनयापन कर रही हैं। उनकी आवाज कोई सुनने को तैयार नहीं है। एक वर्ग ने इनका शोषण किया है। देश में इस मुद्दे पर कभी चर्चा नहीं होती। आज भी उन्हें बराबरी का हक नहीं है। उन्हें नीच और अछूत समझा जाता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि तीन तलाक की कुप्रथा से केवल महिला ही नहीं उसके परिजन भी दुखी होते हैं। शादी के आठ-दस साल बाद तीन तलाक देने से पूरा परिवार तबाह हो जाता है। उन्होंने कहा कि तीन तलाक प्रथा का इस्लाम से कोई संबंध होता तो मुस्लिम बहुल देश इसे खत्म क्यों करते। मिस्र की 90 प्रतिशत से ज्यादा आबादी सुन्नी मुसलमान है और वा 90 साल पहले ही इसे समाप्त कर चुका है। पाकिस्तान से लेकर इंडोनेशिया जैसे अनेक मुस्लिम बहुत देशों में तीन तलाक की प्रथा पर रोक है। तब भारत की बहन-बेटियों को इस कुप्रथा के तले क्यों पिसने दिया जाए।

मोदी ने कहा कि भाजपा मुस्लिम बहन-बेटियों के साथ खड़ी रहती हैं। कुछ लोग मुस्लमान बेटियों को तीन तलाक का फंदा लटकाकर अत्याचार करने की खुली छूट चाहते हैं। यही लोग तीन तलाक का समर्थन भी करतें हैं। भारत के मुस्लिम भाई-बहनों को समझना होगा कि उन्हें कौन भड़काकर फायदा उठाकर उन्हें बर्बाद कर रहा है। वे लोग इसे समझ भी रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे मुस्लिम महिलाओं के बीच जाएं हमें उनका भरपूर समर्थन मिलेगा।

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