झारखंड का कोयला किला! 18 ठिकानों पर ED का तूफान, अनिल गोयल से LB सिंह तक का कनेक्शन
22 नवंबर 2025, नई दिल्ली: कोयला माफिया के काले साम्राज्य पर एजेंसी ने आखिरकार तलवार चला दी। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 21 नवंबर को झारखंड और पश्चिम बंगाल में 40 से ज्यादा ठिकानों पर एक साथ धमाका किया, जहां अवैध खनन, चोरी और तस्करी के बड़े रैकेट का पर्दाफाश हो रहा है। करोड़ों का कैश, सोने के गहने और सैकड़ों जमीन के कागजात जब्त – कुल वैल्यू 10 करोड़ पार। लेकिन ये सिर्फ सतह की खुरचन लग रही, क्योंकि जांच में सरकारी खजाने को सैकड़ों करोड़ का चूना लगाने वाले बड़े चेहरों के नाम उभर रहे हैं। क्या ये कार्रवाई माफिया के जाल को जड़ से उखाड़ फेंकेगी, या सिर्फ ऊपरी सतह छील देगी? आइए, इस मेगा ऑपरेशन की गहराई में उतरें, जहां हर दस्तावेज एक नई साजिश खोल रहा।
झारखंड का कोयला किला: 18 ठिकानों पर ED का तूफान, अनिल गोयल से LB सिंह तक का कनेक्शन
झारखंड के धनबाद-रांची कोयला बेल्ट में ED ने सुबह 6 बजे से 18 जगहों पर सर्च शुरू किया, जहां कोल चोरी का काला खेल सालों से फल-फूल रहा। रांची जोनल ऑफिस की 100+ अफसरों की टीम ने अनिल गोयल, संजय उद्योग, LB सिंह (देव प्रभा कंपनी के मालिक) और अमर मंडल जैसे किंगपिन्स के घर-दुकान-ऑफिस घेर लिए। आरोप विस्फोटक – BCCL के कॉन्ट्रैक्ट्स में अनियमितताएं, ब्लैक कोयला ट्रेड और मनी लॉन्ड्रिंग से सरकार को सैकड़ों करोड़ का नुकसान। LB सिंह के धनबाद रेसिडेंस पर ED सुबह-सुबह घुसा, जहां दस्तावेजों का पुलिंदा मिला – कॉन्ट्रैक्ट फाइल्स से लेकर फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन तक। छापे में 2.2 करोड़ कैश और 120 जमीन के डीड्स जब्त, जो काले धन को सफेद संपत्ति में बदलने का सबूत हैं। ED अफसरों ने कहा, “ये PMLA के तहत है, और मिले क्लूज से चेन रिवील होगी – ट्रक से कोयला गायब, टेंडर्स में रिश्वत।” धनबाद के लोकल्स में दहशत, क्योंकि ये नेटवर्क कोल इंडिया को सालों से चूना लगा रहा। लेकिन सवाल – क्या पॉलिटिकल कनेक्शन उजागर होंगे, जो इस मशीन को चला रहे?
बंगाल का काला बाजार: दुर्गापुर से कोलकाता तक 24 ठिकानों पर ED का घेराव, तस्करी नेटवर्क फटा
पश्चिम बंगाल में कोलकाता जोनल टीम ने दुर्गापुर, पुरुलिया, हावड़ा और कोलकाता के 24 प्रॉपर्टीज पर समानांतर छापे मारे, जहां अवैध खनन, ट्रांसपोर्ट और स्टोरेज का साम्राज्य पनप रहा। नरेंद्र खड़का, अनिल गोयल (झारखंड लिंक), युधिष्ठिर घोष, कृष्ण मुरारी कायल, चिन्मयी मंडल और राजकिशोर यादव जैसे नामों के ठिकाने टारगेट – ये क्रॉस-बॉर्डर तस्करी के मास्टरमाइंड। ED ने कोक प्लांट्स, इललीगल टोल बूथ्स, चेकपोस्ट्स और वेयरहाउसेस छाने, जहां झारखंड से लोड ट्रक बंगाल रूट से गायब होते। नतीजा? 8 करोड़ से ज्यादा कैश और गहने बरामद – तीन जगहों पर ही 1 करोड़+ कैश, काउंटिंग जारी। आपत्तिजनक दस्तावेज मिले, जो नेटवर्क के लिंक्स दिखा रहे – अवैध परमिट्स से लेकर फर्जी बिल्स तक। अफसरों का कहना, “ये कार्रवाई कोयला माफिया के इंटर-स्टेट चेन को तोड़ने की है, जहां बंगाल बॉर्डर पर नाकाबंदी फेल।” पुरुलिया के रिमोट एरियाज से हावड़ा के इंडस्ट्रियल जोन तक दहशत, और लोकल पॉलिटिक्स में हलचल – TMC के आरोप लगाने शुरू। क्या ये छापे ईस्टर्न कोल बेल्ट के काले कारोबार को उजागर करेंगे?
10 करोड़ की लूट का पर्दाफाश: कैश से गहनों तक जब्ती, आगे बड़े खुलासों का संकेत
पूरी कार्रवाई में ED को 10 करोड़+ का माल हाथ लगा – बंगाल से 8 करोड़ कैश-गहने, झारखंड से 2.2 करोड़ नकदी और 120 लैंड डीड्स। ये जब्तियां माफिया की फाइनेंशियल ट्रेल बयां कर रही, जहां कोयला चोरी का काला पैसा प्रॉपर्टी और ज्वेलरी में बदलता। PMLA के तहत असेट्स अटैच, और जांच में फ्लो ट्रेस – कुल लॉस हंड्रेड्स ऑफ करोड़्स, कोल इंडिया को चूना। ED ने 100+ ऑफिशियल्स लगाए, स्टेट पुलिस के साथ कोऑर्डिनेशन। अब सवाल – क्या ये शुरुआत है? अफसरों ने हिन्ट दिया, “आने दिनों में और रेड्स, अरेस्ट्स संभव – नेटवर्क डीप, पॉलिटिकल लिंक्स उजागर हो सकते।” सोशल मीडिया पर #EDvsCoalMafia ट्रेंड, लोकल्स उम्मीद कर रहे कि ये क्लीन-अप एनर्जी ट्रांजिशन को बूस्ट दे। लेकिन चैलेंजेस बाकी – प्रेशर, लीगल बैटल्स। क्या झारखंड-बंगाल का कोयला काला बाजार अब लाइट में आएगा? वेट एंड वॉच।