उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस गठबंधन में चुनाव लड़ने का मन बना रही है। इसे लेकर दोनों पार्टियों के नेताओं के बयान सामने आ रहे हैं। रविवार को कांग्रेस के यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि उन्होंने 200 सीटों पर बात की थी। इधर अखिलेश यादव ने भी एक ट्वीट किया है कि बात सीट की नहीं जीत की होनी चाहिए।
सपा सांसद शिवपाल सिंह पटेल ने शुक्रवार को कहा था कि कांग्रेस का कितनी सीट देनी है इस पर अखिलेश फैसला लेंगे, लेकिन मौजूदा हालात में कांग्रेस की मांग गलत है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस का अधिक से अधिक 50 सीटें दी जा सकती है, इससे ज्यादा सीटें देना सीटों को खराब करने या हारने जैसा है।
मैंने तो 200 सीट मांगी थी- कांग्रेस यूपी प्रभारी
न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए राजेंद्र पाल गौतम ने विधानसभा चुनाव 2027 में सीट बंटवारे पर बात की। उन्होंने 150 सीट मांग वाले एक सवाल पर कहा कि यह किसने किया 150 सीटों की मांग, मैंने तो 200 सीटों की मांग की थी। मैं शुरू से कह रहा हूं बराबर का सम्मान, बराबर की इज्जत, हिस्सा मिलना चाहिए। चूंकि कांग्रेस पार्टी देश की सबसे पुरानी, सबसे बड़ी पार्टी है।
‘आजादी का आंदोलन कांग्रेस ने लड़ा’
आगे कांग्रेस की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा, “आजादी का आंदोलन कांग्रेस पार्टी ने लड़ा। आइडिया ऑफ इंडिया कांग्रेस का, जितना भी मॉर्डन इंडिया पर आप देख रहे है, वो कांग्रेस की देन है। एम्स बना, आईआईटी बनी, आईआईएम बना, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया बना, ऑयल ऑफ नेचुरल गैस बना, कोल अथॉरिटी ऑफ इंडिया बना, आईटीसी के होटल बने, बीएसएनएल, एमटीएनएल, बीईएल, बीएचईएल, एनएचपीसी, एनटीपीसी जैसे तमाम पीएसयू बनाए कांग्रेस ने, बैकों का राष्ट्रीयकरण किया तो आज पहली बात तो मैं क्लियर कर दूं। कांग्रेस सबसे पुरानी, सबसे बड़ी पार्टी है। कांग्रेस पार्टी ने आजादी का आंदोलन लड़ा है। आंदोलन में कांग्रेस के लोग जेल गए हैं और कांग्रेस ने देश को एक नई दिशा दी है। आज कोई इस बात से इनकार नहीं कर सकता।
अक्टूबर में ही मुद्दा सुलझा लेना चाहिए- राजेंद्र पाल गौतम
सीट शेयरिंग को लेकर राजेंद्र पाल गौतम आगे कहा, “दूसरी बात रही सीट शेयरिंग तो अच्छी बात है, मैं तो शुरू से कह रहा हूं कि हमें अक्टूबर में ही सीट शेयरिंग वाला मुद्दा सुलझा लेना चाहिए। ताकि हर उम्मीदवार को उनको अपने क्षेत्र में काम करने का समय मिल सके। जिनके साथ हमारा गठबंधन है इंडिया गठबंधन है, यूपी में तो हम दो पार्टी हैं- कांग्रेस और सपा। दोनों जिम्मेदार है, एक-दूसरे को सम्मान देते हैं। एक-दूसरे को साथ लेकर चलना है तो निश्चित तौर पर हमें सीट शेयरिंग का मसला अक्टूबर में हल कर लेना चाहिए ताकि हम अपने कैंडिडेट को टाइम दे पाएं। और गठबंधन में हिस्सेदारी, सम्मान बराबर होना चाहिए।”
