• January 2, 2026

राष्ट्रपति पुतिन क्यों नहीं चलाते स्मार्टफोन? CIA से जुड़ा है इंटरनेट कनेक्शन, सुरक्षा रणनीति जानकर हो जाएंगे हैरान।

रूस (Russia) के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) अपनी कठोर निर्णय क्षमता और वैश्विक कूटनीति (Global Diplomacy) में प्रभुत्व के लिए जाने जाते हैं। लेकिन डिजिटल युग (Digital Age) में उनकी एक निजी आदत पूरी दुनिया को हैरान करती है: वह न तो स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं और न ही सोशल मीडिया या इंटरनेट पर सक्रिय रहते हैं। यह दूरी महज़ एक व्यक्तिगत पसंद नहीं है, बल्कि इसे एक गहन सुरक्षा रणनीति (Security Strategy) और पश्चिमी तकनीक पर अविश्वास का प्रतीक माना जाता है। पुतिन (Vladimir Putin) ने कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से इंटरनेट (Internet) के अमेरिकी खुफिया एजेंसियों (US Intelligence Agencies) से जुड़े होने की शंका जताई है और इसके पीछे बेहद चौंकाने वाले तर्क दिए हैं। आखिर रूस के राष्ट्रपति (Russian President) ने आधुनिक तकनीक से यह फासला क्यों बना रखा है, इसके पीछे की असली वजह क्या है और यह रूस की राष्ट्रीय सुरक्षा से कैसे जुड़ा है, तो चलिए जानते हैं पूरा मामला विस्तार से…

पुतिन की ‘डिजिटल डिटॉक्स’ और राष्ट्रीय सुरक्षा

रूस (Russia) के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) आधुनिक तकनीकी प्रगति के इस दौर में भी खुद को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स (Digital Platforms) से दूर रखते हैं। यह एक स्थापित तथ्य है कि वह न तो स्मार्टफोन (Smartphone) का उपयोग करते हैं और न ही इंटरनेट पर सक्रिय रूप से मौजूद हैं। यह जानकारी उनके सहयोगी और अंतरराष्ट्रीय मीडिया (International Media) समय-समय पर उजागर करते रहे हैं। एक ऐसे समय में जब संचार (Communication) और सूचना (Information) के लिए पूरी दुनिया स्मार्टफोन और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर निर्भर है, पुतिन जैसे वैश्विक नेता का यह रवैया स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बनता है। पुतिन (Vladimir Putin) का अटल विश्वास है कि आधुनिक तकनीकें (Modern Technologies) सुविधा के साथ-साथ गंभीर सुरक्षा जोखिम (Security Risks) भी लाती हैं। उनकी इस सोच के मूल में खुफिया एजेंसियों (Intelligence Agencies), साइबर जासूसी (Cyber Espionage) और डिजिटल निगरानी (Digital Surveillance) को लेकर उनकी गहरी सतर्कता है, जो उनकी व्यक्तिगत पसंद से कहीं अधिक रूस (Russia) की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति (National Security Policy) से जुड़ी हुई है।

इंटरनेट को CIA का नियंत्रित प्रोजेक्ट मानते हैं पुतिन

ब्रिटिश प्रतिष्ठित अखबार द गार्जियन (The Guardian) की एक रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने कई सार्वजनिक मंचों (Public Platforms) से यह स्पष्ट दावा किया है कि इंटरनेट (Internet) की उत्पत्ति और विकास मुख्य रूप से अमेरिका (USA) की खुफिया एजेंसियों (Intelligence Agencies) के नियंत्रण में हुआ है। सेंट पीटर्सबर्ग (Saint Petersburg) में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस (Press Conference) के दौरान उन्होंने सीधे तौर पर कहा था कि इंटरनेट की जड़ें अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA (Central Intelligence Agency) से जुड़ी हैं और वही इसकी दिशा तय करती है। पुतिन का यह मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म (Digital Platform) अब एक ऐसा उपकरण बन चुका है, जिसके माध्यम से वैश्विक गतिविधियों पर व्यापक स्तर पर निगरानी रखी जा सकती है। उनकी राय में, आधुनिक डिजिटल तकनीकें केवल सूचना (Information) का माध्यम नहीं हैं, बल्कि यह विदेशी शक्तियों के लिए निगरानी और नियंत्रण का एक अत्यंत शक्तिशाली औजार (Powerful Tool) भी बन चुकी हैं। यही कारण है कि वह इससे व्यक्तिगत दूरी बनाए रखते हैं।

स्नोडेन के खुलासों ने बढ़ाई पुतिन की शंका

अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के पूर्व ठेकेदार एडवर्ड स्नोडेन (Edward Snowden) द्वारा किए गए सनसनीखेज खुलासों ने राष्ट्रपति पुतिन (Vladimir Putin) की शंकाओं को और भी अधिक ठोस आधार प्रदान किया। स्नोडेन (Edward Snowden) ने उजागर किया था कि अमेरिका (USA) की सुरक्षा एजेंसियां (Security Agencies) दुनिया भर के नागरिकों की डिजिटल गतिविधियों पर लगातार नजर रखती हैं और इस काम के लिए कई बड़ी तकनीकी कंपनियों की सहायता ली जाती है। इन खुलासों के बाद रूस (Russia) की साइबर सुरक्षा नीति (Cyber Security Policy) और भी सख्त हो गई। पुतिन (Vladimir Putin) का दृढ़ मत है कि इंटरनेट की अंतर्निहित कमजोर संरचना का उपयोग कर किसी भी देश की राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर नुकसान पहुंचाया जा सकता है। एक टीवी इंटरव्यू (TV Interview) में स्नोडेन द्वारा रूस (Russia) में निगरानी पर सवाल पूछे जाने पर पुतिन का मुस्कुराते हुए यह कहना कि रूस के पास अमेरिका (USA) जितना विशाल बजट नहीं है, उनकी रणनीति और शंका दोनों का मिला-जुला संकेत था।

रूस क्यों चाहता है अपना स्वतंत्र इंटरनेट सिस्टम

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) काफी लंबे समय से इस विचार का समर्थन करते रहे हैं कि रूस (Russia) को एक स्वतंत्र, संप्रभु (Sovereign) और पूरी तरह से अपने नियंत्रण में रहने वाली इंटरनेट व्यवस्था (Internet System) विकसित करनी चाहिए। उनका स्पष्ट तर्क है कि विदेशी सर्वरों (Foreign Servers) और पश्चिमी तकनीकी कंपनियों (Western Tech Companies) पर देश की डिजिटल निर्भरता राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन सकती है। इसी रणनीतिक सोच के तहत रूस में “सॉवरेन इंटरनेट” (Sovereign Internet) यानी एक अलग राष्ट्रीय डिजिटल नेटवर्क की अवधारणा को बढ़ावा दिया गया है। रूसी विशेषज्ञ मानते हैं कि यह कदम उन्हें बड़े साइबर हमलों (Cyber Attacks), विदेशी जासूसी और पश्चिमी देशों द्वारा डाले जाने वाले डिजिटल दबाव से देश को सुरक्षा प्रदान करेगा। इस प्रकार, पुतिन की तकनीक से व्यक्तिगत दूरी केवल उनकी निजी आदत नहीं, बल्कि रूस की आत्मनिर्भर (Self-Reliant) और रणनीतिक डिजिटल नीति का एक अभिन्न हिस्सा है।

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