• January 31, 2026

रायबरेली से राहुल गांधी का ‘महामंथन’: पंचायत चुनाव की रणनीति और मनरेगा चौपाल के जरिए केंद्र पर बड़ा हमला

रायबरेली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और रायबरेली के सांसद राहुल गांधी ने अपने संसदीय क्षेत्र के दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन राजनीतिक सरगर्मियां तेज कर दी हैं। भुएमऊ गेस्ट हाउस में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बंद कमरे में हुई उच्च स्तरीय बैठक में राहुल गांधी ने आगामी पंचायत चुनावों के लिए जीत का मंत्र दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संदेश दिया कि भाजपा सरकार के “धर्म के आडंबर” को बेनकाब करने के लिए निर्डर होकर संघर्ष करना होगा। इस दौरान राहुल गांधी का पूरा ध्यान संगठन में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नींव मानी जाने वाली मनरेगा योजना को बचाने पर केंद्रित रहा।

पंचायत चुनाव की रणनीति और युवाओं को कमान

आगामी पंचायत चुनावों को लेकर हुई इस बैठक में उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया और चुनावी रणनीति पर गहन मंथन किया गया। राहुल गांधी ने पदाधिकारियों से कहा कि अब समय आ गया है जब कांग्रेस को अपनी युवा शक्ति पर भरोसा जताना चाहिए। उन्होंने संकेत दिए कि आगामी चुनावों में पार्टी अधिक से अधिक युवा चेहरों को मैदान में उतारेगी। पार्टी का मानना है कि युवाओं के नए विचार और उनके जोश से संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलेगी। राहुल ने कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि हमें लड़ते रहना है और डरना नहीं है, क्योंकि कांग्रेस का संघर्ष जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए है।

मनरेगा और शक्ति के विकेंद्रीकरण पर वैचारिक प्रहार

राहुल गांधी ने मनरेगा योजना में किए जा रहे बदलावों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस के शासनकाल की याद दिलाते हुए कहा कि मनरेगा का मूल उद्देश्य पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और गांवों में न्यूनतम मजदूरी तय करना था ताकि कोई भी गरीब शोषण का शिकार न हो। राहुल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी शक्ति का विकेंद्रीकरण नहीं, बल्कि केंद्रीकरण चाहते हैं। उनके अनुसार, केंद्र सरकार सारी ताकत अपने हाथों में लेकर उसे ब्यूरोक्रेसी (नौकरशाही) को सौंप रही है।

राहुल ने कहा कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाना केवल एक प्रतीकात्मक अपमान नहीं है, बल्कि यह गरीबों से उनका ‘प्रोटेक्शन कवर’ (सुरक्षा कवच) छीनने की एक गहरी साजिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गरीबों की जेब से पैसा खींचकर उसे अडाणी और अंबानी जैसे पूंजीपतियों के हवाले कर रही है। राहुल ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी पूरे देश में मनरेगा को बचाने के लिए बड़ा आंदोलन खड़ा करेगी।

ऊंचाहार की चौपाल: सपा के गढ़ में कांग्रेस की नई बिसात

राहुल गांधी की यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव ऊंचाहार के उमरन गांव में आयोजित ‘मनरेगा चौपाल’ रहा। लोकसभा चुनाव 2024 के बाद यह पहला मौका था जब राहुल की किसी चौपाल में इतनी भारी भीड़ उमड़ी। ऊंचाहार, जो पारंपरिक रूप से समाजवादी पार्टी (सपा) का मजबूत गढ़ रहा है और जहाँ भाजपा अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर रही है, वहाँ राहुल की इस सक्रियता के गहरे राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं।

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि राहुल गांधी ने सोची-समझी रणनीति के तहत ऊंचाहार को चौपाल के लिए चुना है। इससे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि यदि भविष्य में विधानसभा चुनावों के लिए सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन होता है, तो कांग्रेस इस सीट पर अपना दावा मजबूती से पेश कर सकती है। चौपाल में उमड़ी भीड़ और ग्रामीणों के हाथों में सरकार विरोधी स्लोगन लिखी तख्तियां इस बात का संकेत दे रही हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में नाराजगी बढ़ रही है।

संविधान और गांधीवादी विचारधारा को बचाने का आह्वान

चौपाल को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने आरएसएस और भाजपा पर वैचारिक हमला तेज कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी और आरएसएस मिलकर डॉ. अंबेडकर के संविधान और महात्मा गांधी की सोच को मिटाना चाहते हैं। उन्होंने वर्तमान स्थिति की तुलना आजादी से पहले के भारत से करते हुए कहा कि आज फिर से गरीबों की जमीन छीनी जा रही है और उनके हक मारे जा रहे हैं।

राहुल ने भावुक अपील करते हुए कहा कि हिंदुस्तान की वर्तमान सरकार केवल पूंजीपतियों की सरकार बनकर रह गई है, इसे किसान और मजदूर से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने मनरेगा मजदूरों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि कांग्रेस पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने संकल्प लिया कि केंद्र सरकार की जनविरोधी योजनाओं को सफल नहीं होने दिया जाएगा।

विकास कार्यों का लोकार्पण और सामाजिक संपर्क

राजनीतिक बैठकों के बीच राहुल गांधी ने क्षेत्र के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई। उन्होंने सांसद निधि से पूर्ण हुए 31 विकास कार्यों का लोकार्पण किया और आठ नई परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इसके पश्चात उन्होंने स्थानीय खेल प्रतिभाओं को मंच देने के लिए ‘रायबरेली प्रीमियर लीग’ का उद्घाटन किया।

शाम को राहुल गांधी रायबरेली नगर पालिका अध्यक्ष शत्रोहन सोनकर के आवास पर पहुंचे। इस मुलाकात को स्थानीय राजनीति में काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि पालिका अध्यक्ष से चर्चा के माध्यम से राहुल ने शहरी निकाय की समस्याओं और स्थानीय समीकरणों को समझने का प्रयास किया। अपने दो दिवसीय दौरे के अंत तक राहुल गांधी ने यह स्पष्ट कर दिया कि कांग्रेस अब केवल बचाव की मुद्रा में नहीं रहेगी, बल्कि आक्रामक होकर जनता के मुद्दों पर सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष करेगी।

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