• March 18, 2026

महाराष्ट्र के लिए काला दिन: बारामती विमान हादसे में उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन, देश भर में शोक की लहर

बारामती/मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति के एक युग का आज अत्यंत दुखद अंत हो गया। राज्य के उपमुख्यमंत्री और कद्दावर नेता अजित पवार का बुधवार सुबह बारामती में एक भीषण निजी विमान हादसे में निधन हो गया। इस हृदयविदारक दुर्घटना में अजित पवार के साथ विमान में सवार चार अन्य लोगों की भी जान चली गई है। यह हादसा उस समय हुआ जब उपमुख्यमंत्री जिला परिषद चुनावों के सिलसिले में मुंबई से अपने गृह क्षेत्र बारामती जा रहे थे। इस खबर के सामने आते ही पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई है और राजनीतिक जगत स्तब्ध है।

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और न्यूज़ एजेंसी एएनआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह चार्टर प्लेन मुंबई से उड़ान भरकर सुबह करीब 8:45 बजे बारामती हवाई पट्टी पर उतरने की कोशिश कर रहा था। लैंडिंग के दौरान विमान अचानक अनियंत्रित होकर क्रैश हो गया। डीजीसीए ने पुष्टि की है कि विमान में उपमुख्यमंत्री अजित पवार के साथ उनके एक निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO), एक अटेंडेंट और दो क्रू सदस्य (पायलट और को-पायलट) सवार थे। दुर्भाग्यवश, इस भीषण दुर्घटना में विमान में सवार कोई भी व्यक्ति जीवित नहीं बचा। घटनास्थल से आई तस्वीरें और वीडियो विचलित करने वाले हैं, जिसमें विमान के मलबे से ऊंची लपटें उठती और काला धुआं निकलता देखा जा सकता है।

घटना के चश्मदीदों ने इस खौफनाक मंजर का जो विवरण दिया है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है। एक स्थानीय नागरिक, जिसने इस हादसे को अपनी आंखों से देखा, ने बताया कि जब विमान नीचे आ रहा था, तभी उसकी गति और संतुलन देखकर ही अंदेशा हो गया था कि कुछ बड़ा होने वाला है। रनवे के करीब पहुंचते ही विमान जमीन से टकराया और एक के बाद एक कई बड़े धमाके हुए। धमाकों की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग सहम गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़ लगाई और आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन विमान में लगी आग इतनी भीषण थी कि चाहकर भी किसी को बाहर नहीं निकाला जा सका। आग की तीव्रता और बार-बार होने वाले छोटे धमाकों ने बचाव कार्य में भारी बाधा डाली।

हवाई पट्टी के पास रहने वाली एक स्थानीय महिला ने बताया कि विमान ने पहले एक बार लैंडिंग का प्रयास किया था, लेकिन सफल न होने पर वह आगे निकल गया। कुछ ही देर बाद जब वह वापस मुड़कर उतरने लगा, तो रनवे से ठीक पहले दुर्घटनाग्रस्त हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं और करीब 15-20 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मलबे से निकाले गए शवों की स्थिति अत्यंत दयनीय थी। शव पूरी तरह जल चुके थे, जिसके कारण उनकी पहचान कर पाना नामुमकिन सा लग रहा था। हालांकि, बाद में हाथ पर मिले कुछ चिह्नों और सामानों के आधार पर प्रशासन ने पुष्टि की कि उनमें से एक शव महाराष्ट्र के ‘दादा’ यानी अजित पवार का है। स्थानीय लोगों ने पुलिस की मदद के लिए अपने घरों से पानी और शवों को ढकने के लिए कंबल तक उपलब्ध कराए।

इस बड़ी त्रासदी की खबर मिलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से फोन पर बात की। दोनों शीर्ष नेताओं ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री से पूरी घटना की विस्तृत जानकारी ली और राज्य को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने सहयोगी और मित्र के इस तरह चले जाने पर गहरा शोक जताया है।

अजित पवार का निधन महाराष्ट्र की राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति है। महज एक दिन पहले ही वे मुंबई में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुए थे और राज्य के विकास कार्यों पर चर्चा की थी। अजित पवार महाराष्ट्र के इतिहास में सबसे लंबे समय तक उपमुख्यमंत्री रहने वाले नेता थे, जिन्होंने रिकॉर्ड छह बार इस पद की शपथ ली। उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत 1982 में एक सहकारी चीनी कारखाने के बोर्ड सदस्य के रूप में हुई थी। 1991 में वे पहली बार बारामती से लोकसभा सांसद चुने गए, लेकिन बाद में अपने चाचा और दिग्गज नेता शरद पवार के लिए उन्होंने अपनी सीट खाली कर दी। इसके बाद वे बारामती विधानसभा क्षेत्र से सात बार विधायक चुने गए और प्रशासन पर अपनी मजबूत पकड़ के लिए जाने गए।

अजित पवार को एक सख्त प्रशासक और जनता से जुड़े नेता के रूप में याद किया जाएगा। नवंबर 2019 में जब उन्होंने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाई, तब वे पूरे देश की चर्चा के केंद्र में आ गए थे। उनके निधन से न केवल उनकी पार्टी बल्कि पूरे महाराष्ट्र ने एक ऐसा नेता खो दिया है जिसकी कमी शायद ही कभी पूरी हो सके। बारामती में हजारों की संख्या में उनके समर्थक और आम नागरिक एकत्रित हो गए हैं और पूरा माहौल गमगीन है। प्रशासन ने हादसे की उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं ताकि क्रैश लैंडिंग के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

Digiqole Ad

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *