• January 19, 2026

भाजपा में नितिन नबीन युग का आगाज: दिल्ली मुख्यालय में नामांकन दाखिल, कल संभालेंगे दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी की कमान

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के सांगठनिक इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। राजधानी दिल्ली के दीनदयाल उपाध्याय मार्ग स्थित पार्टी मुख्यालय में सोमवार को भारी गहमागहमी के बीच नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई। भाजपा के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के अटूट भरोसे के साथ अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस मौके पर पार्टी के तमाम दिग्गज नेताओं की मौजूदगी ने यह स्पष्ट कर दिया कि बिहार से आने वाले 45 वर्षीय नबीन का निर्विरोध निर्वाचन महज एक औपचारिकता रह गई है। भाजपा के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नितिन नबीन के नाम का औपचारिक एलान कल किया जाएगा, जिसके बाद वे जेपी नड्डा से संगठन की कमान अपने हाथों में लेंगे।

सोमवार दोपहर को जब नितिन नबीन अपना नामांकन दाखिल करने पहुंचे, तो उनके साथ भाजपा का पूरा शीर्ष नेतृत्व खड़ा नजर आया। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने पहले अपना समर्थन पत्र सौंपा और उसके बाद नबीन के नामांकन पत्रों का सेट चुनाव के लिए नियुक्त रिटर्निंग ऑफिसर के. लक्ष्मण को सौंपा गया। इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों का जमावड़ा पार्टी मुख्यालय में सुबह से ही लगना शुरू हो गया था। यह नामांकन प्रक्रिया न केवल एक व्यक्ति का चयन है, बल्कि आगामी विधानसभा चुनावों और 2029 के मिशन के लिए भाजपा की नई रणनीति का संकेत भी है।

दिग्गज नेताओं का मिला साथ: मोदी-शाह की मौजूदगी में शक्ति प्रदर्शन

नितिन नबीन के नामांकन के दौरान भाजपा ने अपनी एकजुटता का जबरदस्त परिचय दिया। नामांकन पत्रों के पहले सेट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समर्थन ने नबीन की उम्मीदवारी पर मुहर लगा दी। इस अवसर पर निवर्तमान अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और पार्टी के रणनीतिकार माने जाने वाले धर्मेंद्र प्रधान, भूपेंद्र यादव व किरेन रिजिजू जैसे वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। इन दिग्गजों की मौजूदगी यह दर्शाती है कि नितिन नबीन को संगठन के भीतर सभी वर्गों और वरिष्ठ नेताओं का व्यापक समर्थन प्राप्त है।

नामांकन प्रक्रिया केवल केंद्र तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें राज्यों की भी सक्रिय भागीदारी दिखी। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों के नेताओं ने भी नबीन के समर्थन में नामांकन पत्रों का एक अलग सेट जमा किया। इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत विशेष रूप से उपस्थित रहे। बिहार, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, असम और झारखंड जैसे राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों ने भी नबीन के पक्ष में प्रस्तावक बनकर अपनी सहमति दर्ज कराई।

बिहार के पांच बार के विधायक से राष्ट्रीय अध्यक्ष तक का सफर

नितिन नबीन का भाजपा के सर्वोच्च पद तक पहुंचना उनके दो दशक लंबे संघर्ष और सांगठनिक कौशल का परिणाम है। महज 45 वर्ष की आयु में वे दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी का नेतृत्व करने जा रहे हैं। नबीन बिहार की राजनीति का एक जाना-माना चेहरा हैं और बांकीपुर विधानसभा सीट से लगातार पांच बार विधायक चुने जा चुके हैं। उन्होंने अपने संसदीय जीवन की शुरुआत 2006 में पटना पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से की थी। तब से लेकर आज तक उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

नितिन नबीन को प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह का बेहद करीबी और भरोसेमंद माना जाता है। उनके संगठनात्मक कौशल का लोहा केंद्रीय नेतृत्व ने तब माना जब उन्हें छत्तीसगढ़ जैसे कठिन राज्यों का प्रभारी बनाया गया और वहां पार्टी ने शानदार जीत दर्ज की। दिसंबर 2025 में उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था, जिसे उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के ‘ट्रेनिंग पीरियड’ के रूप में देखा गया। युवा चेहरा होने के साथ-साथ उनके पास संगठन की गहरी समझ और अनुभव है, जो उन्हें पार्टी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में एक आदर्श विकल्प बनाता है।

भाजपा अध्यक्ष चुनाव की संवैधानिक प्रक्रिया और टाइमलाइन

भारतीय जनता पार्टी में राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव एक तय लोकतांत्रिक प्रक्रिया और पार्टी संविधान के अनुसार होता है। चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक, सोमवार दोपहर 2 बजे से 4 बजे के बीच नामांकन पत्र दाखिल किए गए। इसके तुरंत बाद शाम 4 बजे से 5 बजे के बीच निर्वाचन अधिकारी के. लक्ष्मण ने नामांकन पत्रों की गहन जांच की। पार्टी के नियमों के अनुसार, शाम 5 बजे से 6 बजे के बीच नामांकन वापस लेने का समय निर्धारित था। चूंकि नितिन नबीन के खिलाफ किसी अन्य उम्मीदवार ने पर्चा दाखिल नहीं किया है, इसलिए उनका निर्विरोध चुना जाना तय है।

पार्टी के संविधान के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव एक निर्वाचक मंडल (इलेक्टोरल कॉलेज) द्वारा किया जाता है, जिसमें राष्ट्रीय परिषद और राज्य परिषदों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं। अध्यक्ष पद के लिए वही व्यक्ति पात्र होता है जो कम से कम 15 वर्षों से पार्टी का सदस्य हो और चार कार्यकाल तक सक्रिय सदस्य रहा हो। नबीन इन सभी मापदंडों को पूरा करते हैं। साथ ही, उनकी उम्मीदवारी का प्रस्ताव पांच ऐसे राज्यों से आया है जहां राष्ट्रीय परिषद के चुनाव पहले ही संपन्न हो चुके हैं। इस पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता भाजपा की सांगठनिक मजबूती को दर्शाती है।

कल सुबह होगा भव्य शपथ ग्रहण समारोह

नामांकन की औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद, अब सबकी निगाहें कल यानी मंगलवार पर टिकी हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, कल सुबह 11:30 बजे दिल्ली मुख्यालय में ही नितिन नबीन औपचारिक रूप से अध्यक्ष पद की शपथ लेंगे। यह समारोह किसी शक्ति प्रदर्शन से कम नहीं होगा। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं मौजूद रहेंगे। उनके अलावा राजनाथ सिंह, अमित शाह, जेपी नड्डा और नितिन गडकरी जैसे वरिष्ठ नेता मंच साझा करेंगे।

शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा शासित राज्यों के सभी मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और विभिन्न राज्यों के संगठन मंत्री भी शामिल होंगे। यह आयोजन न केवल नबीन के पदभार ग्रहण का होगा, बल्कि 2026 के आगामी राजनीतिक एजेंडे को सेट करने का माध्यम भी बनेगा। जेपी नड्डा, जिनका कार्यकाल सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है, वे औपचारिक रूप से नितिन नबीन को अपनी कुर्सी सौंपेंगे। नबीन के कंधों पर अब भाजपा के विस्तार को जारी रखने और नई पीढ़ी के कार्यकर्ताओं को पार्टी की विचारधारा से जोड़ने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।

नए नेतृत्व के सामने आगामी चुनौतियां और उम्मीदें

नितिन नबीन जब कल कुर्सी संभालेंगे, तो उनके सामने कई बड़ी राजनीतिक चुनौतियां होंगी। बिहार से आने के कारण उनके पास गठबंधन की राजनीति का व्यावहारिक अनुभव है, जो एनडीए के सहयोगियों के साथ सामंजस्य बिठाने में काम आएगा। उनके नेतृत्व में पार्टी को कई महत्वपूर्ण राज्यों के विधानसभा चुनावों में उतरना है। साथ ही, विपक्षी दलों के बढ़ते गठजोड़ का मुकाबला करने के लिए संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक सक्रिय करना उनकी प्राथमिकता होगी।

पार्टी के भीतर यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि भाजपा में एक साधारण कार्यकर्ता भी अपनी मेहनत और निष्ठा के बल पर सर्वोच्च पद तक पहुंच सकता है। नितिन नबीन का चयन युवा पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा है। जानकारों का मानना है कि नबीन के नेतृत्व में भाजपा अपनी ‘सोशल इंजीनियरिंग’ को और अधिक धार देगी। कल का शपथ ग्रहण समारोह भारतीय राजनीति के एक नए अध्याय की शुरुआत करेगा, जहां एक युवा नेतृत्व के हाथों में देश के सबसे बड़े राजनीतिक संगठन की चाबी होगी।

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