दिल्ली: आदर्श नगर स्थित मेट्रो क्वार्टर में भीषण आग, पति-पत्नी और मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी के आदर्श नगर इलाके से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के आवासीय क्वार्टर में लगी भीषण आग ने एक हंसते-खेलते परिवार को हमेशा के लिए खत्म कर दिया। सोमवार और मंगलवार की दरम्यानी रात हुए इस हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जलकर मौत हो गई। मृतकों में पति, पत्नी और उनकी दस वर्षीय मासूम बेटी शामिल है। इस घटना ने न केवल इलाके में दहशत फैला दी है, बल्कि बहुमंजिला इमारतों में सुरक्षा मानकों और आग लगने की आपातकालीन स्थितियों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आधी रात को मौत बनकर आई आग
घटनाक्रम के अनुसार, आदर्श नगर स्थित डीएमआरसी क्वार्टर की पांचवीं मंजिल पर स्थित एक फ्लैट में सोमवार देर रात अचानक आग भड़क उठी। जिस समय यह हादसा हुआ, पूरा परिवार गहरी नींद में था। दमकल विभाग को इस आगजनी की सूचना मंगलवार तड़के लगभग 2.39 बजे मिली। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां तुरंत मौके के लिए रवाना की गईं। जब तक दमकल कर्मी घटनास्थल पर पहुंचे, आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था और फ्लैट से आग की ऊंची लपटें और काला धुआं निकल रहा था। स्थानीय निवासियों के अनुसार, रात के सन्नाटे में चीख-पुकार मच गई थी और लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे थे।
रेस्क्यू ऑपरेशन और दिल दहला देने वाला मंजर
दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचते ही बिना समय गंवाए राहत और बचाव कार्य शुरू किया। पांचवीं मंजिल पर होने के कारण आग पर काबू पाना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन कड़ी मशक्कत के बाद दमकल की गाड़ियों ने आग की लपटों को शांत किया। आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद, जब दमकल कर्मियों ने फ्लैट के भीतर तलाशी अभियान (सर्च ऑपरेशन) शुरू किया, तो अंदर का नजारा बेहद खौफनाक था। कमरे के भीतर तीन शव पूरी तरह झुलसी हुई अवस्था में मिले। दमकल कर्मियों ने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी और शवों को बाहर निकाला गया। आग इतनी भीषण थी कि घर का सारा सामान जलकर राख हो चुका था और कमरे की दीवारें तक काली पड़ गई थीं।
मृतकों की पहचान और परिवार का दुखद अंत
पुलिस और प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस अग्निकांड में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान 42 वर्षीय अजय विमल, उनकी पत्नी नीलम और उनकी 10 साल की बेटी जाह्नवी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि अजय विमल अपने परिवार के साथ इसी फ्लैट में रहते थे। एक ही झटके में पूरे परिवार के खत्म हो जाने की खबर ने उनके रिश्तेदारों और पड़ोसियों को झकझोर कर रख दिया है। मासूम जाह्नवी की मौत ने स्थानीय लोगों को भावुक कर दिया है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नजदीकी अस्पताल भेज दिया है, ताकि मौत के सटीक कारणों और समय का पता लगाया जा सके।
बचाव कार्य के दौरान दमकल कर्मी भी हुआ घायल
आग बुझाने की इस चुनौतीपूर्ण कार्रवाई के दौरान केवल जान-माल का ही नुकसान नहीं हुआ, बल्कि एक बहादुर दमकल कर्मी भी घायल हो गया। दमकल विभाग के अनुसार, आग पर काबू पाने की कोशिशों के बीच राकेश नाम के कर्मी को चोटें आईं। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई और उन्हें छुट्टी दे दी गई। विभाग ने अपने कर्मियों की तत्परता की सराहना की है, जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर आग को और अधिक फैलने से रोका, अन्यथा यह हादसा और भी भयावह हो सकता था क्योंकि क्वार्टर में कई अन्य परिवार भी रह रहे थे।
जांच के घेरे में आग लगने का कारण
फिलहाल पुलिस और फॉरेंसिक टीमें आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच में जुट गई हैं। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि आग फ्लैट के भीतर रखे घरेलू सामान में लगी थी, जिसने देखते ही देखते पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी या इसके पीछे कोई और मानवीय चूक थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकेगा। इसके साथ ही, डीएमआरसी क्वार्टर की फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं की भी जांच की जा सकती है कि क्या वहां आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम मौजूद थे या नहीं।
सुरक्षा मानकों पर उठते सवाल
इस घटना ने एक बार फिर दिल्ली जैसे महानगरों में स्थित आवासीय सोसायटियों और सरकारी क्वार्टरों में अग्नि सुरक्षा (फायर सेफ्टी) के पुख्ता इंतजामों पर बहस छेड़ दी है। पांचवीं मंजिल पर लगी आग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों के लिए आग लगने की स्थिति में बाहर निकलना कितना कठिन हो सकता है। प्रशासन अब इस बात की पड़ताल कर रहा है कि क्या इमारत में स्मोक डिटेक्टर या फायर अलार्म सक्रिय थे। इस दुखद हादसे ने आदर्श नगर और आसपास के इलाकों में शोक की लहर फैला दी है और लोग प्रशासन से भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।