तमिलनाडु में महिलाओं के लिए स्टालिन का बड़ा दांव: 1.31 करोड़ लाभार्थियों के खातों में पहुंचे 5,000 रुपये, सत्ता में वापसी पर मासिक भत्ता दोगुना करने का वादा
चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में चुनावी सरगर्मियों के बीच मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने राज्य की महिलाओं के लिए एक ऐसी बड़ी घोषणा की है, जिसने विपक्ष के खेमे में हलचल पैदा कर दी है। मुख्यमंत्री ने ‘कलाइग्नार महिला पात्रता योजना’ के तहत राज्य की लगभग 1.31 करोड़ महिला लाभार्थियों के बैंक खातों में एकमुश्त 5,000 रुपये की राशि स्थानांतरित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। यह कदम न केवल वर्तमान वित्तीय सहायता को सुदृढ़ करता है, बल्कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के एक बड़े मास्टरस्ट्रोक के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि यह राशि सीधे तौर पर लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जा चुकी है और शुक्रवार की सुबह तक सभी महिलाओं को यह धन प्राप्त हो जाएगा।
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने एक विशेष वीडियो संदेश जारी करते हुए इस वित्तीय मदद के पीछे के उद्देश्यों और भविष्य की योजनाओं को जनता के सामने रखा। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सरकार का प्राथमिक उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य की महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा और उनके दैनिक जीवन की जरूरतों में कोई बाधा न आए। स्टालिन ने बताया कि वर्तमान में प्रदान की गई 5,000 रुपये की राशि में फरवरी माह से लेकर आगामी तीन महीनों की अग्रिम सहायता शामिल है। इसके पीछे सरकार का तर्क है कि आगामी चुनावों की घोषणा और चुनावी आचार संहिता लागू होने की स्थिति में इस कल्याणकारी योजना को रोकने की कोशिशें की जा सकती हैं। ऐसी किसी भी आशंका को दरकिनार करने के लिए सरकार ने अग्रिम भुगतान का रास्ता चुना है ताकि गरीब और मध्यम वर्ग की महिलाओं को प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण कठिनाई न झेलनी पड़े।
इस एकमुश्त राशि में केवल मासिक भत्ता ही शामिल नहीं है, बल्कि मुख्यमंत्री ने इसमें गर्मी के मौसम के दौरान होने वाले अतिरिक्त खर्चों को ध्यान में रखते हुए विशेष सहायता भी जोड़ी है। स्टालिन ने अपने संदेश में महिलाओं से एक अभिभावक के तौर पर अपील की कि वे इस राशि का उपयोग अपने बच्चों की शिक्षा, घर की जरूरी दवाइयों और अन्य अनिवार्य खर्चों के लिए अत्यंत समझदारी के साथ करें। उनका कहना है कि यह पैसा केवल एक सरकारी अनुदान नहीं है, बल्कि महिलाओं के स्वाभिमान और उनके सशक्तिकरण का एक जरिया है, जिसे डीएमके सरकार ने अपनी प्राथमिकता बनाया है।
वीडियो संदेश के दौरान मुख्यमंत्री ने सबसे बड़ा धमाका अपनी भावी चुनावी घोषणा के जरिए किया। उन्होंने औपचारिक रूप से एलान किया कि यदि राज्य की जनता आगामी विधानसभा चुनावों में द्रमुक को दोबारा सत्ता की चाबी सौंपती है, तो इस योजना के स्वरूप में क्रांतिकारी बदलाव किया जाएगा। वर्तमान में महिलाओं को मिलने वाली 1,000 रुपये की मासिक सहायता राशि को बढ़ाकर सीधे 2,000 रुपये प्रति माह कर दिया जाएगा। स्टालिन का यह वादा सीधे तौर पर राज्य के महिला वोट बैंक को साधने की कोशिश माना जा रहा है, जो किसी भी चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाता है। मुख्यमंत्री ने पूर्ण विश्वास जताया कि उनकी पार्टी अपनी लोक-कल्याणकारी नीतियों के दम पर दोबारा सत्ता में वापसी करेगी और महिलाओं के आर्थिक स्तर को ऊपर उठाने का अपना मिशन जारी रखेगी।
तमिलनाडु की राजनीति में ‘कलाइग्नार महिला पात्रता योजना’ शुरुआत से ही चर्चा का विषय रही है। इसे पूर्व मुख्यमंत्री और द्रमुक के कद्दावर नेता कलैग्नार करुणानिधि की स्मृति में शुरू किया गया था। इस योजना के माध्यम से सरकार ने न केवल गरीबी रेखा से नीचे रहने वाली महिलाओं की मदद की है, बल्कि इसे महिला सशक्तिकरण के एक मजबूत मॉडल के रूप में पेश किया है। अब चुनावी बेला में सहायता राशि को दोगुना करने का वादा और महीनों की अग्रिम राशि एक साथ जारी करना, राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार डीएमके की स्थिति को मजबूत करने वाला कदम है। विपक्ष ने हालांकि इसे मतदाताओं को लुभाने की कवायद करार दिया है, लेकिन मुख्यमंत्री ने अपने वीडियो संदेश में बार-बार दोहराया कि उनका ध्यान केवल चुनाव पर नहीं, बल्कि उन महिलाओं की खुशी और जरूरत पर है जो परिवार की रीढ़ होती हैं।
इस घोषणा के बाद पूरे राज्य में लाभार्थियों के बीच उत्साह का माहौल है। डिजिटल बैंकिंग के माध्यम से सीधे खातों में पैसा पहुंचने की प्रक्रिया ने बिचौलियों की भूमिका को खत्म कर दिया है, जिससे सरकार की साख और बढ़ी है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने अपने संदेश का समापन यह कहते हुए किया कि द्रमुक सरकार हमेशा से सामाजिक न्याय और समानता की पक्षधर रही है और यह योजना उसी विचारधारा का विस्तार है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि विपक्ष इस बड़े वित्तीय और राजनीतिक दांव की काट किस तरह निकालता है, लेकिन फिलहाल 1.31 करोड़ महिलाओं के बैंक खातों में पहुंची यह राशि और भविष्य में मिलने वाले 2,000 रुपये के वादे ने तमिलनाडु की चुनावी बिसात पर डीएमके का पलड़ा भारी कर दिया है।