‘जस करनी तस भोगहु ताता, नरक जात पुनि क्या पछताता’। गोस्वामी तुलसीदास की यह पंक्ति देश के उन माननीयों के लिए सख्त संदेश है जो बिना विचार किए हर पल विषवमन करने को आतुर दिखतेे हैं। एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर निर्वाचित जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी होती है कि वह भाषा की मर्यादा और ईमानदार आचरण का ख्याल रखते हुए अपनी बात कहे। यह कहीं से भी उचित नहीं कि वह दूसरे को नीचा दिखाने के […]Read More
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आतंकवाद पर भारत का पोलैंड को कड़ा संदेश: जयशंकर ने कश्मीर और पाकिस्तान के संयुक्त बयान पर जताई सख्त नाराजगी, द्विपक्षीय संबंधों में स्पष्टता की मांग
नई दिल्ली: भारत ने वैश्विक मंच पर एक बार फिर आतंकवाद और अपनी क्षेत्रीय संप्रभुता…
माघ मेला परिसर में टकराव: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का ‘सत्याग्रह’ जारी, पुलिस पर संतों को पीटने और हत्या की साजिश का लगाया आरोप
प्रयागराज: संगम की रेती पर आयोजित माघ मेले में मौनी अमावस्या के पावन पर्व पर…
अमित शाह पर टिप्पणी मामला: राहुल गांधी को कोर्ट का ‘अंतिम अवसर’, 20 फरवरी को पेश होकर दर्ज कराना होगा बयान
सुलतानपुर/नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और रायबरेली से सांसद राहुल गांधी की कानूनी मुश्किलें…
भारतीय क्रिकेट में ‘गंभीर’ संकट: उपलब्धियों की ओट में छिपते ऐतिहासिक हार के जख्म और टूटता घरेलू वर्चस्व
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट इतिहास में पिछले एक दशक को स्वर्णिम युग के रूप में…
बीएमसी चुनाव परिणामों पर वर्षा गायकवाड़ का बड़ा हमला: लोकतंत्र पर प्रहार और चुनावी धांधली का आरोप, कांग्रेस ने हार के बाद भी जारी रखा संघर्ष
मुंबई: बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनाव के नतीजे आने के बाद मुंबई की सियासत में…
भाजपा में नितिन नबीन युग का आगाज: दिल्ली मुख्यालय में नामांकन दाखिल, कल संभालेंगे दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी की कमान
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के सांगठनिक इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया…





