साहित्यकार डा.नीता कुकरेती की पुस्तक ‘श्रुति से शब्द तक’ का विमोचन
हिंदी भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में हिन्दी साहित्य समिति ने साहित्यकार डा. नीता कुकरेती की प्रकाशित कृति ‘श्रुति से शब्द तक’ का विमोचन किया ।
इस मौके पर मुख्य अतिथि अपर मुख्य सचिव उत्तराखंड राधा रतूड़ी, अतिविशिष्ट अतिथि पूर्व डीजीपी उत्तराखंड अनिल रतूड़ी, पूर्व शिक्षा निदेशक उच्च शिक्षा डा. सविता मोहन, डा. कमला पंत, वरिष्ठ साहित्यकार असीम शुक्ल डॉ माधुरी बर्थवाल ने पुस्तक का विमोचन किया।

डॉक्टर नीता कुकरेती के काव्य संग्रह ‘श्रुति से शब्द तक’ की प्रशंसा करते हुए मुख्य अतिथि राधा रतूड़ी ने कहा कि संग्रह की सभी कविताएं न केवल खूबसूरत है बल्कि डॉक्टर नीता की बहुमुखी प्रतिभा को भी दर्शाती है, उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण को जगाती उनकी कविताएं समाज के लिए प्रेरणादायक है, देश प्रेम और नारी चेतना का विषय भी उनकी कविताओं का रहा है, डॉक्टर नीता को उत्तराखंड का चमकता हुआ सितारा बताते हुए राधा रतूड़ी ने कहा कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति, लोकगीत और भाषा बोली के संरक्षण में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है
कार्यक्रम के अति विशिष्ट अतिथि उत्तराखंड के पूर्व डीजीपी अनिल रतूड़ी ने कहां की हिंदी गढ़वाली की साहित्यकार डॉक्टर नीता के 86 कविताओं के इस संग्रह में प्रत्येक रचना अपने आप में अनूठी है, एक एक रचना में पाठक को साहित्यकार की साहित्यिक अनुभूति का एहसास होता ही है साथ ही उनके अनुभव, अध्ययन कल्पना का एहसास भी रचनाओं में साफ तौर पर अनुभव किया जा सकता है,

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ सविता मोहन ने डॉक्टर नीता को संवेदनशील रचनाकार बताते हुए कहा कि रचनाकार लंबे समय से हिंदी और गढ़वाली में समसामयिक विषयों पर भी लिखती चली आ रही है
डा. नीता कुकरेती ने सभी अतिथियों का आभार प्रकट करते हुए पाठकों को अपनी कृति सौंपी। कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष राम विनय सिंह और संचालन वरिष्ठ साहित्यकार बीना बैंजवाल ने की।
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ नीता कुकरेती की कविताओं से हुई, नीलिमा धूलिया, वैशाली रावत हेमलता उनियाल अनीता शर्मा और पूजा ने इन कविताओं को स्वर दिया.




