• January 31, 2026

मानसरोवर मंदिर से गोरखनाथ मंदिर तक निकलेगी भव्य कलशयात्रा…

गोरखपुर, 14 मई। विश्व विख्यात गोरखनाथ मंदिर के परिसर में बने नौ देवी-देवताओं के नवीन मंदिरों में विग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवतपुराण कथा ज्ञानयज्ञ एवं श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ का शुभारंभ सोमवार (15 मई) को मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में होगा। 21 मई को इन धार्मिक अनुष्ठानों की पूर्णता के साथ गोरक्षपीठाधीश्वर सभी देव विग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा करेंगे।

गोरक्षपीठ में नौ देव विग्रहों वाले नवीन मंदिरों में देव विग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में दो चरणों मे धार्मिक अनुष्ठान का क्रम 8 मई से श्री शिव महापुराण कथा के साथ प्रारम्भ हुआ था। पहले चरण की सप्त दिवसीय कथा का रविवार को सीएम एवं गोरक्षपीठाधीश्वर की उपस्थिति में विश्राम हुआ। दूसरे चरण का अनुष्ठान सोमवार, 15 मई को श्रीमद्भागवत महापुराण व श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ के साथ प्रारम्भ होगा। 21 मई तक चलने वाली श्रीमद्भागवत कथा का रसपान विद्वतप्रवर श्रीधाम वृंदावन के डॉ श्याम सुंदर पाराशर कराएंगे।

गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा शुभारंभ के अवसर पर सोमवार सुबह 7 बजे मानसरोवर मंदिर, अंधियारी बाग में गोरक्षपीठाधीश्वर रुद्राभिषेक करेंगे। तत्पश्चात उनके नेतृत्व व मार्गदर्शन में श्रीमद्भागवत कथा की भव्य कलशयात्रा निकाली जाएगी। कलशयात्रा में रथ पर सभी नौ नवीन देव विग्रहों की रथयात्रा भी निकाली जाएगी। भक्ति भाव से सराबोर यह कलशयात्रा-रथयात्रा गोरखनाथ मंदिर की यज्ञशाला पर समाप्त होगी। श्रीमद्भागवत महापुराण पोथी को कथास्थल महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में वैदिक विधिविधान से प्रतिष्ठित किया जाएगा। यहां कथा का विधिवत शुभारंभ अपराह्न तीन बजे मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में होगा। कथा का रसपान प्रतिदिन अपराह्न तीन बजे से सायंकाल छह बजे तक किया जा सकेगा।

योगी कमलनाथ ने बताया कि देव विग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा के आनुष्ठानिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में 15 मई से 21 मई तक श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ का आयोजन भी गोरखनाथ मंदिर की यज्ञशाला में होगा। इसमें प्रतिदिन प्रातः आठ बजे से 12 बजे तक तथा अपराह्न दो बजे से पांच बजे तक अलग अलग धार्मिक अनुष्ठान होंगे। यज्ञाचार्य की भूमिका का निर्वहन मंदिर के मुख्य पुरोहित पंडित रामानुज त्रिपाठी वैदिक जी करेंगे।

Digiqole Ad

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *