सतीश महाना पर कथित आपत्तिजनक पोस्ट का मामला, कांग्रेस जिलाध्यक्ष समेत छह लोगों पर FIR
उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना को लेकर सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक पोस्ट साझा किए जाने का मामला सामने आया है। इस मामले में कांग्रेस के ग्रामीण जिलाध्यक्ष संदीप शुक्ला समेत छह लोगों के खिलाफ कानपुर के चकेरी थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। भाजपा युवा मोर्चा के रामादेवी मंडल उपाध्यक्ष अंशु गुप्ता की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि फेसबुक पर ‘बहाना जी’ नाम से पेज बनाकर सतीश महाना से संबंधित कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां और वीडियो पोस्ट किए गए। शिकायतकर्ता का दावा है कि इन पोस्ट के जरिए विधानसभा अध्यक्ष की सामाजिक और राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
‘बहाना जी’ नाम से फेसबुक पेज बनाकर पोस्ट करने का आरोप
अंशु गुप्ता के मुताबिक, 17 अक्टूबर को फेसबुक पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां और वीडियो साझा किए गए थे। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि ‘बहाना जी’ नाम से फेसबुक पेज बनाकर संबंधित सामग्री पोस्ट और शेयर की गई।
शिकायतकर्ता ने पुलिस से पेज के संचालन, पोस्ट और वीडियो की जांच कराने की मांग की है। साथ ही यह पता लगाने को कहा है कि संबंधित पेज किसने बनाया और विवादित सामग्री किसने अपलोड की।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा
शिकायत में कांग्रेस के ग्रामीण जिलाध्यक्ष संदीप शुक्ला के अलावा तरुण पटवा, अंकित कनौजिया, रवि पटवा और निखिल गुप्ता समेत अन्य लोगों के नाम शामिल बताए गए हैं। मामले में कुल छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
हालांकि, एफआईआर में नाम दर्ज होने मात्र से किसी व्यक्ति की संलिप्तता साबित नहीं होती। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाएगी कि फेसबुक पेज का संचालन कौन कर रहा था, विवादित सामग्री किसने तैयार की और संबंधित लोगों की उसमें क्या भूमिका थी।
जातीय और धार्मिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका जताई
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सोशल मीडिया पर साझा की गई सामग्री से जातीय और धार्मिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है। शिकायतकर्ता ने संबंधित पोस्ट, वीडियो और फेसबुक पेज की जांच कराने की मांग की है।
जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि पेज किस पहचान से बनाया गया था और विवादित सामग्री को अपलोड करने या आगे साझा करने में किन लोगों की भूमिका रही। फिलहाल इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
BNS की धारा 356(2) में FIR दर्ज
उपलब्ध एफआईआर विवरण के मुताबिक, चकेरी थाने में 17 अक्टूबर 2026 की रात 11:22 बजे मुकदमा दर्ज किया गया। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 356(2) का उल्लेख है। जांच उपनिरीक्षक शुभम तिवारी को सौंपी गई है।
पुलिस संबंधित फेसबुक पेज, पोस्ट, वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल करेगी। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि विवादित सामग्री किस अकाउंट से पोस्ट की गई और उसे साझा करने में नामजद लोगों की क्या भूमिका रही। उपलब्ध जानकारी के आधार पर फिलहाल किसी आरोपी की गिरफ्तारी या आरोपों के साबित होने की पुष्टि नहीं होती।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने राजनीतिक खुन्नस का लगाया आरोप
दूसरी ओर, कांग्रेस के ग्रामीण जिलाध्यक्ष संदीप शुक्ला ने मुकदमे को राजनीतिक खुन्नस से जोड़ते हुए सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से महाराजपुर विधानसभा क्षेत्र से जुड़े मुद्दे उठाए जा रहे हैं और इसी वजह से उनके तथा कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं।
संदीप शुक्ला ने कार्यकर्ताओं के साथ कथित मारपीट और पुलिस में शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने जैसे मुद्दे भी उठाए हैं। हालांकि, उनके इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।
जांच के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
सतीश महाना से संबंधित कथित आपत्तिजनक पोस्ट के मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब जांच के दौरान फेसबुक पेज के संचालन, विवादित पोस्ट और वीडियो की वास्तविकता तथा संबंधित लोगों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी। पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
