अखिलेश यादव का बड़ा दावा, बोले- PDA प्रहरियों ने पकड़े 19.20 लाख संदिग्ध वोटरों के मामले
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी के ‘PDA प्रहरी’ अब तक करीब 19 लाख 20 हजार संदिग्ध या कथित फर्जी मतदाताओं से जुड़े मामले सामने ला चुके हैं। अखिलेश ने चुनाव आयोग से नए मतदाताओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया और संबंधित आंकड़ों में पारदर्शिता बरतने की मांग की।
हालांकि, अखिलेश यादव की ओर से लगाए गए आरोपों और कथित फर्जी मतदाताओं की संख्या की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस मामले में चुनाव आयोग का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही दावों की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
‘चुनाव हारने पर आयोग के पीछे छिप जाती है BJP’
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि जब बीजेपी को चुनाव में हार का डर होता है, तो वह चुनाव आयोग के पीछे छिप जाती है। उन्होंने बीजेपी और चुनाव आयोग के बीच मिलीभगत होने का आरोप भी लगाया।
सपा प्रमुख ने दावा किया कि मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने की प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने आयोग से सवाल किया कि नए मतदाताओं से संबंधित सभी जानकारियां सार्वजनिक क्यों नहीं की गईं। ये आरोप समाजवादी पार्टी की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
87.56 लाख आवेदन और 84.30 लाख नाम जुड़ने का दावा
अखिलेश यादव ने SIR से जुड़े आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि अक्टूबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच फॉर्म-6 के जरिए नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए कुल 87 लाख 56 हजार आवेदन भरे गए।
उनके मुताबिक, इनमें से 84 लाख 30 हजार नए मतदाताओं के नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए गए। सपा अध्यक्ष ने इन आंकड़ों के आधार पर प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए।
16.18 लाख आवेदनों की जानकारी सार्वजनिक नहीं होने का आरोप
अखिलेश यादव ने दावा किया कि कुल 87 लाख 56 हजार आवेदनों में से केवल 71 लाख 38 हजार आवेदनों की जानकारी सार्वजनिक की गई। उन्होंने सवाल किया कि बाकी 16 लाख 18 हजार आवेदनों से संबंधित विवरण सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया।
सपा प्रमुख की मांग है कि चुनाव आयोग नए मतदाताओं के नाम जोड़ने से संबंधित पूरा विवरण सार्वजनिक करे, ताकि मतदाता सूची की प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब मिल सके।
PDA प्रहरियों ने 19.20 लाख संदिग्ध मतदाताओं की पहचान का किया दावा
अखिलेश यादव के अनुसार, उनकी पार्टी के PDA प्रहरियों ने मतदाताओं के नाम, उम्र और रिश्तेदारों से जुड़ी जानकारियों में समानता के आधार पर संदिग्ध मामलों की पहचान की है। उन्होंने दावा किया कि करीब 19 लाख 20 हजार मतदाताओं से जुड़े ऐसे मामले सामने आए हैं।
सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कुछ क्षेत्रों में कथित तौर पर बड़ी संख्या में संदिग्ध नाम जोड़े गए हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से इन मामलों की जांच करने और मतदाता सूची की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने की मांग की।
मतदाता सूची की पारदर्शिता पर सियासी बहस
SIR के दौरान नए मतदाताओं के नाम जोड़ने और मतदाता सूची की पारदर्शिता को लेकर अखिलेश यादव के आरोपों से राजनीतिक बहस तेज हो सकती है। समाजवादी पार्टी चाहती है कि नए मतदाताओं से संबंधित आंकड़ों और कथित अनियमितताओं पर चुनाव आयोग स्पष्ट जानकारी दे।
फिलहाल, कथित फर्जी मतदाताओं की संख्या और आवेदन संबंधी आंकड़ों को अखिलेश यादव के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए। इनकी पुष्टि के लिए चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों और संबंधित दस्तावेजों का मिलान जरूरी है।
