• February 11, 2026

ओडिशा में बम की धमकी से मचा हड़कंप: कटक, पुरी और फूलबनी की जिला अदालतों को उड़ाने की मिली ईमेल, पुलिस का सघन तलाशी अभियान जारी

भुवनेश्वर: ओडिशा के न्यायिक परिसरों में शुक्रवार को उस समय अफरातफरी और दहशत का माहौल पैदा हो गया, जब राज्य की तीन प्रमुख जिला अदालतों को ईमेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी दी गई। यह धमकी कटक, पुरी और फूलबनी की जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालतों को भेजी गई थी। ईमेल मिलते ही कोर्ट प्रशासन ने तत्काल पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद भारी पुलिस बल के साथ बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वाड मौके पर पहुंचे। सुरक्षा कारणों से तीनों अदालतों के परिसरों को आनन-फानन में खाली कराया गया और चप्पे-चप्पे की तलाशी ली गई। इस घटना ने न केवल न्यायिक अधिकारियों और वकीलों बल्कि अदालती कार्यवाही के लिए आए आम नागरिकों के बीच भी भारी दहशत पैदा कर दी है।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की सुबह कटक, पुरी और फूलबनी के जिला और सत्र न्यायाधीशों के आधिकारिक ईमेल पते पर एक संदेश प्राप्त हुआ। इस ईमेल में भेजने वाले ने बेहद आक्रामक भाषा का इस्तेमाल करते हुए दावा किया था कि अदालत परिसरों के भीतर बम रखे गए हैं और उनमें जल्द ही विस्फोट किया जाएगा। जैसे ही इस संदेश की भनक कोर्ट रूम और गलियारों में फैली, वहां काम कर रहे कर्मचारियों और वकीलों में हड़कंप मच गया। जजों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया और पुलिस ने लाउडस्पीकर के माध्यम से पूरे परिसर को खाली करने की घोषणा की।

ओडिशा के महाधिवक्ता पीतांबर आचार्य ने इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए जनता और न्यायिक अधिकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा एजेंसियां पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रही हैं और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। महाधिवक्ता ने कहा कि अदालतों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है और प्रशासन इस धमकी के पीछे के असली मास्टरमाइंड तक पहुँचने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ले रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि न्यायिक कार्य में बाधा डालने वाली ऐसी धमकियों के आगे प्रशासन नहीं झुकेगा।

सुरक्षा अभियान के विवरण देते हुए पुरी के पुलिस अधीक्षक प्रतीक सिंह ने बताया कि धमकी मिलने के तुरंत बाद पुलिस ने पूरे कोर्ट परिसर की घेराबंदी कर दी। उन्होंने बताया कि तलाशी अभियान के लिए प्रशिक्षित कुत्तों (डॉग स्क्वाड) और बम निरोधक दस्तों की कई टीमों को तैनात किया गया। पुलिस की टीमों ने अदालतों के रिकॉर्ड रूम, शौचालय, कैंटीन और पार्किंग स्टैंड जैसे संवेदनशील स्थानों की बारीकी से जांच की। कटक में भी इसी तरह का सघन तलाशी अभियान चलाया गया, जहाँ पुलिस ने कोर्ट के मुख्य द्वारों को सील कर दिया और किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगा दी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोपहर तक चली लंबी तलाशी के बावजूद अब तक कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई है।

यह पहला मौका नहीं है जब ओडिशा की अदालतों को इस तरह से निशाना बनाने की कोशिश की गई है। गौरतलब है कि ठीक एक महीने पहले, 8 जनवरी को भी ओडिशा के कटक, देवगढ़ और संबलपुर की जिला अदालतों को इसी तरह के धमकी भरे ईमेल मिले थे। बार-बार मिल रही इन धमकियों ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और साइबर निगरानी पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। हालांकि संबलपुर की अदालत को इस बार सीधे तौर पर कोई ईमेल नहीं मिला था, लेकिन पिछली घटना को ध्यान में रखते हुए स्थानीय पुलिस ने एहतियात के तौर पर वहां भी सुरक्षा कड़ी कर दी और कोर्ट परिसर की तलाशी ली।

साइबर पुलिस और विशेष जांच दल अब उस आईपी एड्रेस (IP Address) को ट्रैक करने में जुटे हैं जिससे ये ईमेल भेजे गए थे। शुरुआती जांच में पुलिस को संदेह है कि यह किसी असामाजिक तत्व की शरारत हो सकती है जिसका उद्देश्य न्यायिक कार्यों में बाधा डालना और समाज में भय का माहौल पैदा करना है। कटक के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि ईमेल भेजने वाले की पहचान के लिए तकनीकी साक्ष्यों को एकत्रित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कटक की अदालत को दूसरी बार ऐसी धमकी मिलना गंभीर चिंता का विषय है और इसके पीछे की मंशा की गहनता से जांच की जाएगी।

अदालत परिसरों में सुरक्षा घेरा बढ़ा दिए जाने के कारण शुक्रवार को अधिकांश न्यायिक कार्य प्रभावित रहे। कई मामलों की सुनवाई टालनी पड़ी क्योंकि वकीलों और वादियों को परिसर के अंदर जाने की अनुमति नहीं थी। बार एसोसिएशन के सदस्यों ने इन धमकियों की कड़ी निंदा की है और मांग की है कि राज्य सरकार जिला अदालतों में स्थाई सुरक्षा चौकी और सीसीटीवी निगरानी तंत्र को और अधिक मजबूत करे। वकीलों का कहना है कि बार-बार मिलने वाली ऐसी धमकियों से काम के माहौल पर बुरा असर पड़ता है और जजों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।

फिलहाल, कटक, पुरी और फूलबनी में पुलिस की गश्त जारी है और सुरक्षा बलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी लावारिस वस्तु को न छुएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस थाने को दें। राज्य सरकार ने भी गृह विभाग से इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। जांच जारी है और अधिकारियों को उम्मीद है कि जल्द ही धमकी देने वाले शख्स को कानून के शिकंजे में ले लिया जाएगा।

Digiqole Ad

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *