महाराष्ट्र की राजनीति में नए युग का सूत्रपात: सुनेत्रा पवार संभालेंगी विरासत, लेंगी शाम पांच बजे उपमुख्यमंत्री की शपथ शपथ
महाराष्ट्र की सियासत में शनिवार का दिन एक ऐतिहासिक और भावुक मोड़ लेकर आया है। राज्य के राजनीतिक गलियारों में छाई शोक की लहर के बीच अब सत्ता के हस्तांतरण की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य सुनेत्रा पवार आज शाम ठीक पांच बजे मुंबई स्थित लोक भवन में महाराष्ट्र की अगली उपमुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ लेंगी। यह घटनाक्रम न केवल एनसीपी के लिए बल्कि समूचे महायुति गठबंधन और महाराष्ट्र की राजनीति के लिए एक युगांतकारी परिवर्तन है। हाल ही में बारामती में हुई एक दुखद विमान दुर्घटना में राज्य के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री और कद्दावर नेता अजित पवार के असामयिक निधन ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया था। अब उनकी विरासत को आगे बढ़ाने का जिम्मा उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार के कंधों पर आ गया है, जिन्हें पार्टी विधायक दल ने सर्वसम्मति से अपना नया नेता चुन लिया है।
आज सुबह से ही मुंबई में राजनीतिक हलचलें अपने चरम पर थीं। बारामती से तड़के मुंबई पहुंचने के बाद सुनेत्रा पवार ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ लंबी मंत्रणा की। दोपहर होते-होते महाराष्ट्र विधानसभा परिसर में एनसीपी विधायक दल की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई। इस बैठक का माहौल बेहद गमगीन था, जहां सबसे पहले दिवंगत नेता अजित पवार को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। पार्टी के विधायकों और नेताओं ने नम आंखों से अपने उस नेता को याद किया जिसने दशकों तक न केवल पार्टी को सींचा बल्कि महाराष्ट्र के विकास में वित्त मंत्री और उपमुख्यमंत्री के रूप में अमिट छाप छोड़ी। श्रद्धांजलि सभा के तुरंत बाद सत्ता के सुचारू संचालन और नेतृत्व के शून्य को भरने के लिए विधिवत कार्यवाही शुरू हुई। बैठक के भीतर से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक, वरिष्ठ एनसीपी नेता दिलीप वलसे पाटिल ने विधायक दल के नेता के रूप में सुनेत्रा पवार के नाम का प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव का वहां मौजूद सभी विधायकों ने मेज थपथपाकर और एकमत से समर्थन किया।
विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद सुनेत्रा पवार ने औपचारिक रूप से उपमुख्यमंत्री पद के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। उनके इस निर्णय को पार्टी की एकजुटता बनाए रखने और अजित पवार द्वारा शुरू किए गए विकास कार्यों को गति देने की दिशा में एक साहसी कदम माना जा रहा है। लोक भवन द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। विशेष बात यह है कि राज्यपाल आचार्य देवव्रत, जो पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों के चलते मसूरी में थे, इस महत्वपूर्ण संवैधानिक दायित्व को निभाने के लिए विशेष विमान से शाम चार बजे तक मुंबई पहुंच रहे हैं। उनके आगमन के ठीक एक घंटे बाद, शाम पांच बजे राज्यपाल सुनेत्रा पवार को पद की शपथ दिलाएंगे। इस शपथ ग्रहण के साथ ही सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र के इतिहास में पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनने का गौरव भी हासिल करेंगी, जो राज्य की महिला राजनीति के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।
28 जनवरी की वह काली तारीख महाराष्ट्र कभी नहीं भूल पाएगा, जब बारामती के निकट एक निजी चार्टर्ड विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में अजित पवार समेत पांच लोगों की जान चली गई थी। अजित पवार न केवल देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार के एक मजबूत स्तंभ थे, बल्कि वे वित्त विभाग के कुशल संचालक भी थे। उनके जाने से पैदा हुए राजनीतिक और प्रशासनिक वैक्यूम को भरना सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया था। हालांकि, महायुति के घटक दलों—भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट)—ने इस कठिन समय में एनसीपी के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है और सुनेत्रा पवार के नेतृत्व पर भरोसा जताया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सुनेत्रा पवार को आगे लाना एनसीपी के लिए एक रणनीतिक कदम भी है, ताकि बारामती के गढ़ को सुरक्षित रखा जा सके और पार्टी कार्यकर्ताओं के मनोबल को टूटने से बचाया जा सके।
सुनेत्रा पवार का राजनीतिक सफर भले ही अब तक मुख्य रूप से पर्दे के पीछे या सामाजिक कार्यों तक सीमित रहा हो, लेकिन राज्यसभा सदस्य के तौर पर उनके हालिया कार्यकाल और बारामती के विकास में उनकी सक्रिय भागीदारी ने उन्हें एक गंभीर राजनेता के रूप में स्थापित किया है। वे हमेशा से ही ‘काकी’ के रूप में कार्यकर्ताओं के बीच लोकप्रिय रही हैं। अब उनके सामने न केवल अपने पति की राजनीतिक विरासत को सहेजने की चुनौती है, बल्कि आगामी चुनावों को देखते हुए महायुति गठबंधन के भीतर अपनी स्थिति को और मजबूत करने की जिम्मेदारी भी है। आज की बैठक में यह भी संकेत मिले हैं कि एनसीपी आज ही अपने नए पार्टी अध्यक्ष के नाम की घोषणा कर सकती है, जिससे संगठन के भीतर की अनिश्चितता को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
विधानसभा परिसर में हुई बैठक के बाद नेताओं के बयान भी सामने आने लगे हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि अजित दादा का जाना एक अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती, लेकिन प्रशासन को रुकने नहीं दिया जा सकता। उनके विजन को आगे बढ़ाने के लिए सुनेत्रा पवार सबसे उपयुक्त चेहरा हैं। उधर, विपक्षी खेमे में भी इस दुखद घटना के बाद एक मौन संवेदना देखी जा रही है, हालांकि लोकतांत्रिक मर्यादाओं के तहत राजनीतिक प्रक्रियाएं अपनी गति से चल रही हैं। मुंबई की सड़कों पर और विशेष रूप से मंत्रालय के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और लोक भवन को फूलों से सजाया जा रहा है।
शाम को होने वाले इस संक्षिप्त लेकिन गरिमापूर्ण समारोह में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और कैबिनेट के कई वरिष्ठ मंत्रियों के शामिल होने की उम्मीद है। यह केवल एक शपथ ग्रहण समारोह नहीं है, बल्कि एक प्रतिबद्धता है कि महाराष्ट्र का विकास रथ थमेगा नहीं। अजित पवार ने वित्त मंत्री के रूप में जो बजट और योजनाएं तैयार की थीं, उन्हें धरातल पर उतारना अब सुनेत्रा पवार की प्राथमिकता होगी। विशेष रूप से ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनके व्यक्तिगत अनुभव से सरकार को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
जैसे-जैसे घड़ी की सुइयां शाम पांच बजे की ओर बढ़ रही हैं, पूरे महाराष्ट्र की नजरें लोक भवन पर टिकी हैं। क्या सुनेत्रा पवार उस प्रशासनिक कुशलता को दोहरा पाएंगी जिसके लिए अजित पवार जाने जाते थे? क्या वे पार्टी के भीतर के विभिन्न गुटों को एक साथ रखने में सफल होंगी? इन सवालों के जवाब भविष्य की कोख में हैं, लेकिन आज के लिए यह निश्चित है कि महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। यह अध्याय साहस, उत्तरदायित्व और एक पत्नी द्वारा अपने दिवंगत पति के अधूरे सपनों को पूरा करने के संकल्प का है।