कहानी की शुरुआत मुंबई के दहिसर से होती है. रईस शेख नामक युवक अपनी बीवी शाहिदा और दो बच्चों के साथ रावलपाड़ा इलाके के खान कंपाउंड में रहता था. फिर आया 25 मई 2021 का दिन. सुबह-सुबह शाहिदा दहिसर पुलिस स्टेशन पहुंची. यहां उसने पुलिस को बताया कि उसका पति कुछ दिन पहले काम के लिए बाहर गया था. लेकिन घर नहीं लौटा. शाहिदा ने बताया कि उसने पति को ढूंढने की काफी कोशिश की. फिर भी उसका कहीं पता नहीं लग पाया.

पुलिस ने शाहिदा की तहरीर पर गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया और जांच शुरू की. बता दें, रईस मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोंडा का रहने वाला था. साल 2012 में घर वालों ने उसकी शादी शाहिदा से करवाई. रईस छोटे-मोटे काम करके पैसा कमाता था. पहले तो सब सही चल रहा था. लेकिन जब उसकी बीवी ने दो बच्चों को जन्म दिया तो परिवार बढ़ गया. परिवार बढ़ने से खर्चे भी बढ़ने लगे. कम आमदनी के चलते घर नहीं चल पा रहा था.

ऐसे में किसी जानकार ने रईस को सुझाव दिया कि वह मुंबई आकर नौकरी करे. वह जानकार भी मुंबई में ही रहता था. उसके कहने पर रईस ने मुंबई आने का मन बना लिया, ताकि वह पैसा कमाकर परिवार को एक बेहतर जिंदगी दे सके. उसने बीवी से कहा कि जब वह मुंबई में अच्छे से सेटल हो जाएगा तो उसे और बच्चों को भी अपने पास बुला लेगा. यह कहकर रईस मुंबई पहुंच गया. यहां दहिसर में ही एक कपड़ों की दुकान में उसे सेल्समैन की नौकरी मिल गई. पैसे भी अच्छे मिल रहे थे.
कुछ महीनों बाद जब उसे लगने लगा कि अब उसे अपनी बीवी और बच्चों को बुला लेना चाहिए तो उसने किराए पर एक चॉल ले ली. फिर गोंडा जाकर बीवी और बच्चों को मुंबई ले आया. दिन अच्छे से बीत रहे थे. रईस खुश था कि अब उसकी जिंदगी अच्छे से कटेगी. लेकिन उसे नहीं पता था कि बीवी को मुंबई लाना उसके जीवन की सबसे बड़ी भूल होगी.
