पीएम मोदी का असम दौरा: काजीरंगा में 7,000 करोड़ के एलिवेटेड कॉरिडोर का भूमि पूजन, दो नई अमृत भारत ट्रेनों को दी हरी झंडी
काजीरंगा/गुवाहाटी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दो दिवसीय असम दौरे के दूसरे दिन पूर्वोत्तर भारत को विकास और कनेक्टिविटी की बड़ी सौगात दी है। रविवार को असम के कालीबोर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने काजीरंगा नेशनल पार्क में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए समर्पित 35 किलोमीटर लंबे देश के अनूठे एलिवेटेड कॉरिडोर का भूमि पूजन किया। लगभग करोड़ की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना के साथ ही पीएम मोदी ने असम के लोगों के लिए दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को वर्चुअल माध्यम से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन परियोजनाओं को असम की जैव विविधता के संरक्षण और रेल कनेक्टिविटी के विस्तार में एक ‘मील का पत्थर’ माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए काजीरंगा के साथ अपने आत्मीय जुड़ाव को साझा किया। उन्होंने दो साल पहले की अपनी यात्रा का स्मरण करते हुए कहा कि काजीरंगा नेशनल पार्क में बिताए गए पल और हाथी सफारी के अनुभव उनके जीवन की सबसे खास यादों में से एक हैं। पीएम ने कहा कि असम की सुंदरता और यहां के लोगों का प्रेम उन्हें हमेशा एक अलग ही खुशी प्रदान करता है। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने युवा कलाकारों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की भी सराहना की, जिन्होंने असम की संस्कृति और बोड़ो परंपरा के शानदार नृत्य ‘बगुरुम्बा’ को वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय बनाया है।
काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर: वन्यजीवों के लिए वरदान और कनेक्टिविटी का नया आधार
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा भूमि पूजन किया गया 35 किमी लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर केवल एक सड़क परियोजना नहीं है, बल्कि यह असम की ‘आत्मा’ कहे जाने वाले काजीरंगा नेशनल पार्क के अस्तित्व की रक्षा का संकल्प है। यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल काजीरंगा हर साल ब्रह्मपुत्र के जलस्तर बढ़ने के कारण मानसून के समय भारी तबाही झेलता है। जब पानी बढ़ता है, तो गैंडे, हाथी और अन्य वन्यजीव ऊंचे इलाकों की तलाश में नेशनल पार्क से बाहर निकलते हैं और उन्हें राष्ट्रीय राजमार्ग-715 को पार करना पड़ता है। इस प्रक्रिया में तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आने से हर साल दर्जनों बेजुबान जानवरों की जान चली जाती है।
इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार ने करोड़ की लागत से कुल 90 किमी लंबे कॉरिडोर की योजना बनाई है, जिसमें से 34.5 किमी हिस्सा एलिवेटेड यानी खंभों पर टिका हुआ पुल होगा। इसके निर्माण से मानसून के दौरान जानवर बिना किसी बाधा के पुल के नीचे से सुरक्षित रास्ता पा सकेंगे। आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने राजमार्ग के 86.67 किमी लंबे हिस्से को चार लेन में बदलने की भी मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि यह कॉरिडोर न केवल पर्यावरण और वन्यजीवों की रक्षा करेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।
अमृत भारत एक्सप्रेस से जुड़ा असम: रेल कनेक्टिविटी में बड़ा उछाल
विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए पीएम मोदी ने दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों— ‘डिब्रूगढ़-गोमती नगर (लखनऊ)’ और ‘कामाख्या-रोहतक’ को हरी झंडी दिखाई। ये ट्रेनें आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं और पूर्वोत्तर को उत्तर भारत के प्रमुख शहरों से सीधे जोड़ेंगी। प्रधानमंत्री ने पिछली सरकारों की आलोचना करते हुए कहा कि दशकों तक नॉर्थ ईस्ट के लोगों को विकास की मुख्यधारा से कटा हुआ महसूस कराया गया। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर की रेल कनेक्टिविटी को कांग्रेस ने कभी प्राथमिकता नहीं दी, लेकिन उनकी सरकार ने इस धारणा को बदल दिया है।
पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि रेल कनेक्टिविटी का विस्तार केवल यात्रा की सुविधा नहीं है, बल्कि यह व्यापार, पर्यटन और सांस्कृतिक एकता का माध्यम है। उन्होंने बताया कि किस तरह बीते कुछ वर्षों में पूर्वोत्तर के राज्यों में बुनियादी ढांचे पर रिकॉर्ड निवेश किया गया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि नई अमृत भारत ट्रेनें असम के लोगों की जीवनशैली और कनेक्टिविटी में सुधार करने में क्रांतिकारी साबित होंगी।
चुनावी जीत और ‘गुड गवर्नेंस’ पर प्रधानमंत्री का संबोधन
जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी का रुख राजनीतिक रूप से भी काफी आक्रामक रहा। उन्होंने हाल ही में हुए विभिन्न चुनावों के परिणामों का हवाला देते हुए कहा कि आज भारतीय जनता पार्टी पूरे देश की पहली पसंद बन गई है। पीएम ने बिहार चुनाव में 20 वर्ष बाद मिले रिकॉर्ड जनादेश और केरल के तिरुवनंतपुरम नगर निगम में पहली बार भाजपा का मेयर बनने का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता अब केवल ‘गुड गवर्नेंस’ और विकास चाहती है।
विशेष रूप से महाराष्ट्र के नगर निगम चुनावों और मुंबई के राजनीतिक परिदृश्य पर चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस कांग्रेस का जन्म मुंबई में हुआ था, आज वहां की जनता ने उसे चौथे-पांचवें स्थान पर धकेल दिया है। पीएम ने कहा कि कांग्रेस के पास कोई विकास एजेंडा नहीं है, यही कारण है कि देश का विश्वास अब उस पर से पूरी तरह उठ चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बीते एक-डेढ़ वर्षों में भाजपा पर जनता का भरोसा लगातार बढ़ता जा रहा है क्योंकि लोग धरातल पर बदलाव देख रहे हैं।
युवा कलाकारों के प्रति स्नेह और असम की सांस्कृतिक झलक
कार्यक्रम के दौरान एक भावनात्मक क्षण तब आया जब प्रधानमंत्री ने अपना भाषण बीच में ही रोक दिया। कुछ युवा कलाकार पीएम मोदी के हाथों से बनाए गए स्केच और चित्र लेकर दूर खड़े थे। उन्हें देखकर प्रधानमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए कहा, “यहां कुछ दोस्त चित्र लेकर आए हैं और काफी देर से खड़े हैं, उन्हें थकान होगी। कृपया इन्हें अधिकारियों के माध्यम से मुझ तक भेज दें। अगर चित्र के पीछे आपका पता लिखा है, तो मेरा पत्र आप तक जरूर पहुंचेगा।” प्रधानमंत्री के इस व्यवहार ने वहां मौजूद लोगों का दिल जीत लिया।
इससे पहले शनिवार को पीएम मोदी ने गुवाहाटी के सारुसजाई स्टेडियम में 10,000 से अधिक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किए गए बोडो लोक नृत्य ‘बगुरुम्बा’ का आनंद लिया था। उन्होंने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को बधाई दी कि उनके माध्यम से असम की यह समृद्ध परंपरा आज पूरे देश में वायरल हो रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर की संस्कृति भारत की शक्ति है और इसे दुनिया के कोने-कोने तक पहुँचाना हर नागरिक का दायित्व है।
विकास की निरंतरता: एक महीने में दूसरा असम दौरा
प्रधानमंत्री मोदी का एक महीने के भीतर यह दूसरा असम दौरा है, जो पूर्वोत्तर के प्रति उनकी गंभीरता को दर्शाता है। इससे पहले 20 दिसंबर को उन्होंने गुवाहाटी हवाई अड्डे के नए टर्मिनल का उद्घाटन और डिब्रूगढ़ में विशाल अमोनिया-यूरिया संयंत्र की आधारशिला रखी थी। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह 7,000 करोड़ की परियोजना असम के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर और नई ट्रेनों की सौगात के साथ, प्रधानमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया है कि ‘एक्ट ईस्ट’ नीति के तहत पूर्वोत्तर अब भारत के विकास का नया इंजन बन चुका है।